समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

1187 Posts - 0 Comments
कविताजनमत

समय के छद्म को उसकी बहुस्‍तरियता में उद्घाटित करतीं कल्पना मनोरमा

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल लालसा सन्यास के पद गुनगुनाये चाटुकारी जब रचे उपसर्ग प्रत्यय तुष्ट होकर अहम सजधज मुस्कुराये। वर्तमान समय की राजनीतिक उलटबांसी और उससे पैदा...
ख़बर

‘ हिंदी : वैश्विक परिदृश्य-भाषा, साहित्य और अनुवाद ’ पर अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन 9-11 जनवरी को

समकालीन जनमत
नई दिल्ली. इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय (दिल्ली विश्वविद्यालय) का अनुवाद तथा अनुवाद अध्ययन केंद्र, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के दक्षिण एशियाई भाषा कार्यक्रम तथा कोलंबिया यूनिवर्सिटी हिंदी-उर्दू भाषा...
कविताजनमत

स्‍त्री और प्रकृति की नूतन अस्तित्‍वमानता को स्‍वर देतीं ऋतु मेहरा की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल    ऋतु मेहरा की कविताएँ आपाधापी भरे जीवन और प्रकृति के विस्‍तृत वितान के मध्‍य एक तालमेल बिठाने का प्रयास करती कविताएं हैं।...
जनमत

संविधान की रक्षा के लिए देशव्यापी नागरिक प्रतिरोध तेज करें— जन संस्कृति मंच

समकालीन जनमत
जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के लोकतांत्रिक प्रतिरोध का दिल्ली पुलिस द्वारा बर्बर दमन देश को गृहयुद्ध  की आग में झोंकने की सोची समझी साजिश...
ख़बरजनमत

दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले के ख़िलाफ़ एकजुट हों: सीपीआई-एमएल दिल्ली

समकालीन जनमत
दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया नगर में जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले की निंदा  दिल्ली पुलिस को जा‌मिया कैम्पस और जामिया नगर को तुरंत...
कविताजनमत

भगवान स्वरूप कटियार की कविताएँ : जीवन को बचाने के लिए ज़रूरी है प्रेम

समकालीन जनमत
कौशल किशोर ‘आज हम सब/हो गए हैं/अपनी-अपनी सरहदों में जी रहे हैं छोटे-छोटे उपनिवेश और एक-दूसरे के लिए/पैदा कर रहे हैं भय, आतंक, दहशत/और गुलामी...
ख़बरजनमत

शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और पुलिसिया दमन अलोकतांत्रिक: फेडकूटा

समकालीन जनमत
FEDCUTA (फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर्स) शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर हमले की निंदा करता है! FEDCUTA राजधानी के विश्वविद्यालय परिसरों...
ज़ेर-ए-बहस

आख़िर क्यों हैं दिल्ली में शिक्षक और छात्र सड़कों पर?

समकालीन जनमत
राजीव कुँवर दिल्ली की सड़कों पर पुलिस को आखिर क्यों छात्र एवं शिक्षकों के ऊपर लाठी भाँजनी पड़ रही है ? आप उन्हीं पुलिस वालों...
ख़बर

बल प्रयोग और वॉटर कैनन के सामने अडिग हज़ारों शिक्षकों ने की परिसर में महारैली

समकालीन जनमत
10 दिसंबर, 2019 ताकत और पानी के बौछारों के सामने अडिग हजारों शिक्षक समायोजन की माँग को लेकर परिसर में महा रैली में शामिल DUTA...
ख़बर

दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षकों का ऐतिहासिक आंदोलन

समकालीन जनमत
पिछले एक हफ्ते से दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक एक ऐतिहासिक आंदोलन में हैं। 4 दिसम्बर को दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने निम्नलिखित मांगों पर अनिश्चितकालीन...
ख़बर

रेलवे कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने लिया मोदी सरकार से लोहा लेने का निर्णय

समकालीन जनमत
दिल्ली, 8 दिसंबर, 2019 दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में रेलवे के विभिन्न संगठनों ने भारतीय रेल के निजीकरण और मोदी सरकार की...
जनमतशख्सियतस्मृति

आम आदमी की हमसफ़र कहानियों के कहानीकार स्वयं प्रकाश

समकालीन जनमत
रत्नेश विष्वक्सेन आम आदमी की हमसफर कहानियों के कहानीकार स्वयं प्रकाश जी का इस तरह चले जाना उदास करता है।उनकी रिक्तता को उनकी कहानियां भरेंगी...
जनमतशख्सियतस्मृति

क्या तुमने कभी स्वयं प्रकाश को देखा है ?

समकालीन जनमत
प्रवीण कुमार क्या तुमने कभी स्वयं प्रकाश को देखा है ? हाँ ! मेरा यही जवाब है . देखा है और तीन बार मुलाकात भी...
जनमतशख्सियतस्मृति

स्वयं प्रकाश की कहानियाँ: कुछ नोट्स

समकालीन जनमत
रेखा सेठी स्वयं प्रकाश जी का जाना हिंदी कहानी में एक युग के अंत का सूचक है। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक पुराना लेख साझा...
कविताजनमत

सुघोष मिश्र की कविता वर्तमान की जटिलताओं से उपजे द्वंद्व की अभिव्यक्ति है

समकालीन जनमत
आलोक रंजन सुघोष मिश्र की कविताओं को पढ़कर लगा कि उनकी कविताओं से परिचय कराना सरल कार्य नहीं है । इसके पीछे का एक सीधा...
जनमतशख्सियतस्मृति

हमारे समय का सबसे ज़िंदादिल कथाकार चला गया

समकालीन जनमत
मिहिर पंड्या ‘अशोक और रेणु की असली कहानी’, ‘क्या तुमने कभी सरदार भिखारी देखा है’ जैसी अनेक अविस्मरणीय कहानियाँ लिखने वाले महत्वपूर्ण कथाकार स्वयंप्रकाश जी...
ख़बरजनमत

हैदराबाद फ़र्जी एनकाउंटर पर ऐपवा का बयान : हिरासत में हत्या हमारे नाम पर न हो

समकालीन जनमत
हम, महिला आंदोलन के कार्यकर्ता, महिलाओं के लिए वास्तविक न्याय की मांग करते हैं। हम चाहते हैं कि पुलिस अपना काम करे, और महिलाओं के...
कविताजनमत

भाषा के अनोखे बर्ताव के साथ कविता के मोर्चे पर चाक चौबंद कवि कुमार विजय गुप्त

समकालीन जनमत
नवनीत शर्मा इस कवि के यहां अनाज की बोरियों का दर्द के मारे फटा करेजा नुमायां होता है…। यह उन शब्दों की तलाश में है...
जनमतशख्सियतस्मृति

भोजपुर के चमकते लाल सितारे

समकालीन जनमत
  शहादत की 44वीं बरसी : कॉ. जौहर, कॉ. निर्मल व कॉ. रतन को लाल सलाम! आज 29 नवंबर है। 1975 में आज ही के दिन भाकपा-माले...
ख़बरजनमत

हमारा हाथ जेएनयू के साथ

समकालीन जनमत
27नवंबर, इलाहाबाद शिक्षा के निजीकरण व कैंपसों में दमन पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर इलाहाबाद में प्रतिवाद मार्च जेएनयू में फीस वृद्धि...
Fearlessly expressing peoples opinion