समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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ख़बरजनमत

शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और पुलिसिया दमन अलोकतांत्रिक: फेडकूटा

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FEDCUTA (फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर्स) शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर हमले की निंदा करता है! FEDCUTA राजधानी के विश्वविद्यालय परिसरों...
ज़ेर-ए-बहस

आख़िर क्यों हैं दिल्ली में शिक्षक और छात्र सड़कों पर?

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राजीव कुँवर दिल्ली की सड़कों पर पुलिस को आखिर क्यों छात्र एवं शिक्षकों के ऊपर लाठी भाँजनी पड़ रही है ? आप उन्हीं पुलिस वालों...
ख़बर

बल प्रयोग और वॉटर कैनन के सामने अडिग हज़ारों शिक्षकों ने की परिसर में महारैली

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10 दिसंबर, 2019 ताकत और पानी के बौछारों के सामने अडिग हजारों शिक्षक समायोजन की माँग को लेकर परिसर में महा रैली में शामिल DUTA...
ख़बर

दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षकों का ऐतिहासिक आंदोलन

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पिछले एक हफ्ते से दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक एक ऐतिहासिक आंदोलन में हैं। 4 दिसम्बर को दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने निम्नलिखित मांगों पर अनिश्चितकालीन...
ख़बर

रेलवे कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने लिया मोदी सरकार से लोहा लेने का निर्णय

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दिल्ली, 8 दिसंबर, 2019 दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में रेलवे के विभिन्न संगठनों ने भारतीय रेल के निजीकरण और मोदी सरकार की...
जनमतशख्सियतस्मृति

आम आदमी की हमसफ़र कहानियों के कहानीकार स्वयं प्रकाश

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रत्नेश विष्वक्सेन आम आदमी की हमसफर कहानियों के कहानीकार स्वयं प्रकाश जी का इस तरह चले जाना उदास करता है।उनकी रिक्तता को उनकी कहानियां भरेंगी...
जनमतशख्सियतस्मृति

क्या तुमने कभी स्वयं प्रकाश को देखा है ?

समकालीन जनमत
प्रवीण कुमार क्या तुमने कभी स्वयं प्रकाश को देखा है ? हाँ ! मेरा यही जवाब है . देखा है और तीन बार मुलाकात भी...
जनमतशख्सियतस्मृति

स्वयं प्रकाश की कहानियाँ: कुछ नोट्स

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रेखा सेठी स्वयं प्रकाश जी का जाना हिंदी कहानी में एक युग के अंत का सूचक है। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक पुराना लेख साझा...
कविताजनमत

सुघोष मिश्र की कविता वर्तमान की जटिलताओं से उपजे द्वंद्व की अभिव्यक्ति है

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आलोक रंजन सुघोष मिश्र की कविताओं को पढ़कर लगा कि उनकी कविताओं से परिचय कराना सरल कार्य नहीं है । इसके पीछे का एक सीधा...
जनमतशख्सियतस्मृति

हमारे समय का सबसे ज़िंदादिल कथाकार चला गया

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मिहिर पंड्या ‘अशोक और रेणु की असली कहानी’, ‘क्या तुमने कभी सरदार भिखारी देखा है’ जैसी अनेक अविस्मरणीय कहानियाँ लिखने वाले महत्वपूर्ण कथाकार स्वयंप्रकाश जी...
ख़बरजनमत

हैदराबाद फ़र्जी एनकाउंटर पर ऐपवा का बयान : हिरासत में हत्या हमारे नाम पर न हो

समकालीन जनमत
हम, महिला आंदोलन के कार्यकर्ता, महिलाओं के लिए वास्तविक न्याय की मांग करते हैं। हम चाहते हैं कि पुलिस अपना काम करे, और महिलाओं के...
कविताजनमत

भाषा के अनोखे बर्ताव के साथ कविता के मोर्चे पर चाक चौबंद कवि कुमार विजय गुप्त

समकालीन जनमत
नवनीत शर्मा इस कवि के यहां अनाज की बोरियों का दर्द के मारे फटा करेजा नुमायां होता है…। यह उन शब्दों की तलाश में है...
जनमतशख्सियतस्मृति

भोजपुर के चमकते लाल सितारे

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  शहादत की 44वीं बरसी : कॉ. जौहर, कॉ. निर्मल व कॉ. रतन को लाल सलाम! आज 29 नवंबर है। 1975 में आज ही के दिन भाकपा-माले...
ख़बरजनमत

हमारा हाथ जेएनयू के साथ

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27नवंबर, इलाहाबाद शिक्षा के निजीकरण व कैंपसों में दमन पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर इलाहाबाद में प्रतिवाद मार्च जेएनयू में फीस वृद्धि...
ख़बरजनमत

शिक्षा के निजीकरण, जेएनयू पर हमले और बीएचयू के साम्प्रदायीकरण की कोशिश के ख़िलाफ़ आज़मगढ़ में प्रतिवाद मार्च

समकालीन जनमत
आज़मगढ़, 27 नवम्बर 2019 शिक्षा के निजीकरण, जेएनयू पर हमले और बीएचयू के साम्प्रदायीकरण की कोशिश के खिलाफ आज़मगढ़ में नागरिक मंच के बैनर तले...
जनमतपुस्तक

स्त्री कविता: पहचान और द्वंद्व

समकालीन जनमत
डॉ. रेखा सेठी ने वर्तमान की जटिलताओं एवं अंतर्विरोधों को समझने के क्रम में स्त्री रचनाशीलता के विविध आयामों को व्याख्यायित एवं विश्लेषित करने का...
कविताजनमत

बबली गुज्जर की कविताएँ ‘औरत के मन की राह’ को एसर्ट करती हैं

समकालीन जनमत
अमरेंद्रनाथ त्रिपाठी प्रेम इन कविताओं में आवर्ती विषयवस्तु की तरह है। इसी के जरिये रचनाकार अन्य जरूरी संवेदनात्मक पक्षों पर भी मुखर हुआ है। एक...
जनमतशख्सियतस्मृति

अलविदा शौक़त आपा

समकालीन जनमत
अली जावेद कैफी़ ने कहा था: एलान-ए-हक़ में ख़तर-ए-दार-ओ-रसन तो है लेकिन सवाल ये है कि दार-ओ-रसन के बाद? याद कीजिये तरक़्की़पसंद अदबी तहरीक का...
ख़बरजनमत

जेएनयू छात्र आंदोलन के समर्थन में दिल्ली में हुए नागरिक मार्च को मिला देशव्यापी समर्थन

समकालीन जनमत
पुरूषोत्तम शर्मा जेएनयू में फ़ीस वृद्धि के ख़िलाफ़ चल रहे छात्र आन्दोलन ने एक मज़बूत और बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। 18 नवम्बर को...
जनमतपुस्तक

स्त्री रचनाशीलता को समझने की एक कोशिश

समकालीन जनमत
रेखा सेठी स्त्री लेखन, स्त्री की चिंतनशील मनीषा के विकास का ही ग्राफ है जिससे सामाजिक इतिहास का मानचित्र गढ़ा जाता है और जेंडर तथा...
Fearlessly expressing peoples opinion