ज़ेर-ए-बहस किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-नौसमकालीन जनमतAugust 3, 2021August 8, 2021 by समकालीन जनमतAugust 3, 2021August 8, 20210906 जयप्रकाश नारायण किसान आंदोलन की अग्रगति और केंद्र सरकार का रवैया हम सभी जानते हैं, कि किसी भी राष्ट्रीय, सामाजिक, आर्थिक संकट का समाधान निकालने...
ज़ेर-ए-बहस किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-आठसमकालीन जनमतAugust 2, 2021August 8, 2021 by समकालीन जनमतAugust 2, 2021August 8, 202101136 जयप्रकाश नारायण अखिल भारतीय स्वरूप लेता किसान आंदोलन दिल्ली को घेरे हुए किसानों के पड़ाव के मजबूत होते ही देश के अन्य भागों में किसान...
कविता सुशील कुमार की कविताएँ मौजूदा सत्ता संरचना और व्यवस्था का प्रतिपक्ष रचती हैंसमकालीन जनमतAugust 1, 2021August 1, 2021 by समकालीन जनमतAugust 1, 2021August 1, 202101108 कौशल किशोर मुक्तिबोध कालयात्री की बात करते हैं। मतलब कविता अपने काल के साथ सफर करती है । उसका अटूट रिश्ता काल से है...
ज़ेर-ए-बहस किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-सातसमकालीन जनमतJuly 31, 2021August 8, 2021 by समकालीन जनमतJuly 31, 2021August 8, 20210817 जयप्रकाश नारायण किसान आन्दोलन का नया मोर्चा- गाजीपुर बार्डर किसान धीरे-धीरे दिल्ली की सीमा पर जम रहे थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत जनाधार वाली...
ज़ेर-ए-बहस किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-छहसमकालीन जनमतJuly 31, 2021August 8, 2021 by समकालीन जनमतJuly 31, 2021August 8, 20210978 जयप्रकाश नारायण पंजाब और हरियाणा की किसान एकता 26 और 27 नवम्बर की रात को किसान सिंघु, टीकरी बॉर्डर की सड़कों पर बैठकर व्यतीत किये।...
ज़ेर-ए-बहस किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-पाँचसमकालीन जनमतJuly 30, 2021August 8, 2021 by समकालीन जनमतJuly 30, 2021August 8, 20210822 जयप्रकाश नारायण दिल्ली की सीमा पर किसान 26-27 नवंबर, 2020 इस दिन दिल्ली को कुछ और ही देखना था। 26-27 नवंबर को रामलीला मैदान में...
ज़ेर-ए-बहस किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-चारसमकालीन जनमतJuly 29, 2021August 8, 2021 by समकालीन जनमतJuly 29, 2021August 8, 202101099 जयप्रकाश नारायण दिल्ली किसान आंदोलन की पृष्ठभूमि किसान आंदोलन के प्रति केन्द्र की सरकार हो या राज्यों की सरकारें, किसानों के सवाल पर उनका रुख...
ज़ेर-ए-बहस किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-तीनसमकालीन जनमतJuly 28, 2021August 8, 2021 by समकालीन जनमतJuly 28, 2021August 8, 20210915 जयप्रकाश नारायण मोदी सरकार जब 2014 के मई में भारत के सत्ता पर काबिज होने के लिए कारपोरेट समर्थन के अदृश्य सहयोग और हिंदुत्व राष्ट्रवादी...
जनमतज़ेर-ए-बहस किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-दोसमकालीन जनमतJuly 27, 2021July 27, 2021 by समकालीन जनमतJuly 27, 2021July 27, 20210755 जयप्रकाश नारायण कृषि संकट का चक्रीय स्वरूप और सत्ता की प्रतिक्रिया साठ के दशक के मध्य में कृषि में संकट के संकेत आने लगे...
ज़ेर-ए-बहस किसान आंदोलनः आठ महीने का गति पथ और उसका भविष्य-एकसमकालीन जनमतJuly 27, 2021August 8, 2021 by समकालीन जनमतJuly 27, 2021August 8, 20210492 जयप्रकाश नारायण आठ महीने से किसान दिल्ली की तीन सीमाओं पर और हरियाणा-राजस्थान की सीमा शाहजहांपुर पर डेरा डाल कर बैठे हैं। किसानों ने इस...
कविता शुभम श्री की कविताएँ: मामूली से दिखने वाले बेहद ज़रूरी सवालसमकालीन जनमतJuly 25, 2021July 25, 2021 by समकालीन जनमतJuly 25, 2021July 25, 202102026 दीपशिखा शुभम की कविताएँ हमारे समय और समाज में मौजूद रोज़मर्रा के उन तमाम दृश्यों और ज़रूरतों की भावनात्मक अभिव्यक्ति हैं, जिन्हें आमतौर पर देखते...
कहानी वास्को डी गामा की साइकिलः लोकतंत्र में उम्मीद और छल की कहानीसमकालीन जनमतJuly 21, 2021August 8, 2021 by समकालीन जनमतJuly 21, 2021August 8, 202101410 कुँवर प्रांजल सिंह सामान्यतः “आम और ख़ास” बनने की बीमारी और खूबी प्रत्येक भारतीय में लगभग- लगभग पायी जाती है l इस पूरी अवधारणा का...
कविता राहुल द्विवेदी की कविताएँ: एक पुरुष का आत्मसंघर्षसमकालीन जनमतJuly 18, 2021July 18, 2021 by समकालीन जनमतJuly 18, 2021July 18, 202101201 सोनी पाण्डेय कविता मनुष्य की संवेदनात्मक अभिव्यक्ति है। वह संसार के दुःख को महसूस करता है और कभी गीत, कभी ग़ज़ल तो कभी किस्से, कहानी...
कविता सपना भट्ट की कविताएँ: निर्मम हक़ीक़त के मध्य जीवन की आर्द्रता बचाने की जद्दोजहदसमकालीन जनमतJuly 11, 2021July 11, 2021 by समकालीन जनमतJuly 11, 2021July 11, 202101584 मंजुला बिष्ट हमारा मौजूदा समय मानवीय संघर्ष के साथ अदृश्य स्वास्थ्य शत्रु की गिरगिटिया गिरफ्त में है। हमारे समक्ष सपनों व निर्मम हकीकत के मध्य...
कविता संजय शेफर्ड की कविताएँ: आजकल मैं तुम्हारी हँसी ओढ़ता हूँ..समकालीन जनमतJuly 3, 2021July 4, 2021 by समकालीन जनमतJuly 3, 2021July 4, 202101228 गणेश गनी तो वह टीले दर टीले चढ़ते हुए चैहणी दर्रे के ठीक ऊपर पहुँच ही गया। बादल ठीक उसके समानांतर तैर रहे हैं। जो...
कविता गोलेन्द्र की कविताएँ: अपनी बोली में जनता के दुखों और आक्रोश को ज़ाहिर करती नयी कलमसमकालीन जनमतJune 27, 2021June 27, 2021 by समकालीन जनमतJune 27, 2021June 27, 202101228 अनुपम त्रिपाठी समकालीन जनमत के लिए ‘नई कलम’ में आज बात करते हैं गोलेन्द्र पटेल की कविताओं पर। कई बार कच्चेपने की अपनी एक अलग...
कविता शिरीष कुमार मौर्य की कविता में पहाड़ अपनी समस्त शक्ति एवं सीमाओं के साथ उपस्थित होता हैसमकालीन जनमतJune 20, 2021June 20, 2021 by समकालीन जनमतJune 20, 2021June 20, 202101636 ‘मनुष्यता के ग्रीष्म में रहता कवि- शिरीष कुमार मौर्य’ वसंत आते-आते मैं शिवालिक के ढलानों पर खिला फूल हूँ जंगली घासों का थोड़ी ही है...
शख्सियत सूरजपाल चौहान: कच्चे अनुभव नहीं पकी हुई समझ के रचनाकारसमकालीन जनमतJune 17, 2021June 24, 2021 by समकालीन जनमतJune 17, 2021June 24, 202102472 दुखद खबरों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा. इसी बीच खबर आ रही है कि हिंदी के वरिष्ठ दलित साहित्यकार सूरजपाल चौहान...
शख्सियत कन्नड़ साहित्यकार सिद्धलिंगय्या: क्रांतिकारिता से सांस्कृतिक इयत्ता तकसमकालीन जनमतJune 13, 2021June 13, 2021 by समकालीन जनमतJune 13, 2021June 13, 202101149 सर्वेश कुमार मौर्य कोरोना महामारी से लगातार जूझ रहे देश में कर्नाटक से भी एक बुरी खबर आ रही है; कन्नड़ साहित्य के प्रमुख...
कविता स्त्री जीवन के यथार्थ को दर्शाती मंजुला बिष्ट की कविताएँसमकालीन जनमतJune 13, 2021June 13, 2021 by समकालीन जनमतJune 13, 2021June 13, 202101428 सोनी पाण्डेय मैं अक्सर सोचती हूँ कि पुरुषवादी समाज में हमेशा से औरतों का आंकलन ऐसा क्यों रहा कि वह कहने को विद्या की...