Author - आशुतोष कुमार

जेरे बहस

क्या प्रधानमंत्री वकील मुक्त अदालतें चाहते हैं ?

एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने राममंदिर पर जो कुछ कहा है, वह न्यायिक प्रक्रिया में सत्ता की ताक़त...

Read more
साहित्य-संस्कृति

विभाजन को समझे बिना हल नहीं होगा सौहार्द का प्रश्न

सामाजिक सौहार्द का मतलब केवल शांतिपूर्ण सहअस्तित्व नहीं होता. शांति तो ताकत और दमन से भी कायम की जा सकती है. शांति...

Read more
जनमत सिनेमा

काला : फ़ासीवाद की पहचान कराती फ़िल्म

सुपरस्टार रजनीकांत की जानी पहचानी शैली की फ़िल्म होते हुए भी महज एक कल्ट फ़िल्म नहीं है. यह देश के वर्तमान राजनीतिक...

Read more
कविता साहित्य-संस्कृति

मरे हुए तालाब में लाशें नहीं विचारधाराएं तैर रही हैं

“जंगल केवल जंगल नहीं है नहीं है वह केवल दृश्य वह तो एक दर्शन है पक्षधर है वह सहजीविता का दुनिया भर की सत्ताओं का...

Read more
जनमत सिनेमा

राज़ी : नागरिकता और मनुष्यता का अन्तर्द्वन्द्

नेशन फर्स्ट भूमण्डलित दुनिया का नया फैशन है। अमरीका से लेकर रूस तक इसी नारे पर चुनाव जीते जा रहे हैं। भारत में भी...

Read more
शख्सियत स्मृति

‘ राष्ट्रीय खलनायक ’ राजिंदर सच्चर

  राजघाट पर वह सन दो हज़ार बारह के मार्च की एक सुबह थी. सोरी सोनी के पुलिसिया उत्पीड़न का विरोध करने के लिए वहाँ कुछ...

Read more