समकालीन जनमत

Tag : कौशल किशोर

साहित्य-संस्कृति

कौशल किशोर की किताब भगत सिंह और पाश: अंधियारे का उजाला का हुआ विमोचन

समकालीन जनमत
भगत सिंह व पाश की वैचारिक रोशनी में हमें आगे बढ़ाना है – वन्दना मिश्र लखनऊ। जन संस्कृति मंच और भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा)...
कविता

उर्मिल मोंगा की कविताएँ स्वप्न और उम्मीद जगाती हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर कहा जाता है कि मानवीय दर्द का एहसास व अनुभूति तथा मुक्ति की कलात्मक अभिव्यक्ति ही आज की कविता है। भाव, विचार व...
स्मृति

प्रोफ़ेसर मैनेजर पांडेय मुँह में ज़बान रखने वाले आलोचक थे: कौशल किशोर

कौशल किशोर
  शीर्षस्थ कथाकार शेखर जोशी के निधन के शोक से हम अभी उबर भी नहीं पाए थे कि प्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-सांस्कृतिक चिंतक, ओजस्वी वक्ता...
पुस्तक

‘उम्मीद चिनगारी की तरह’ संग्रह की कविताएँ अपने समय को रचतीं, अभिव्यक्ति के ख़तरों को धता बताती हैं

समकालीन जनमत
दिविक रमेश कौशल किशोर प्रारम्भ से ही एक सजग और ज़िम्मेदार कवि के रूप में अपनी राह बनाते हुए आज उम्मीद से लबालब भरी चिंगारी...
कविता

प्रवीण परिमल की कविताओं में प्रेम है तो अन्याय का प्रतिकार भी

समकालीन जनमत
कौशल किशोर प्रवीण परिमल की कविताओं पर आलोचक प्रो रविभूषण का कहना है ‘जो प्रेम नहीं करता, वह मनुष्य ही नहीं है।…..प्रेम ही जीवन है।...
ख़बर

कौशल किशोर को मिला जनकवि केदारनाथ अग्रवाल सम्मान

समकालीन जनमत
यह साहित्य की प्रगतिशील-जनवादी परंपरा और संघर्षशील धारा का सम्मान है – कौशल किशोर कौशल किशोर ने रचना कर्म को सामाजिक कर्म का हिस्सा बनाया-...
कविता

प्रेम नन्दन की कविताएँ लोकजीवन और उसके संघर्ष की कविताएँ हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर   प्रेम नन्दन की कविताओं से गुजरते हुए लगता है कि लोकजीवन और उसका संघर्ष अपनी गरिमा के साथ उपस्थित है। यहां ‘पथराई...
कविता

शुक्ला चौधुरी : मैं लिखूँ कविता पेड़ों की/चिड़ियों की/ ख़ौफ़ नहीं/प्रेम की…..

समकालीन जनमत
कौशल किशोर शुक्ला चौधुरी ऐसी कवयित्री हैं जिन्हें आकाश की ऊँचाई का पता है। वे जानती हैं कि हाथ से आकाश को नहीं छू सकती...
कविता

भास्कर चौधुरी की कविताएँ: यहाँ कोई सरहद नहीं है

समकालीन जनमत
कौशल किशोर समकालीन रचनाशीलता दबाव में है। रचनाकार के निजी जीवन, अनुभव संसार, भाव-संवेदना,  लय-ध्वनि सभी अतिरिक्त दबाव में हैं। यह उसके अन्तर्य पर बाह्य...
पुस्तक

आरिफा एविस का उपन्यास “नाकाबन्दी” कश्मीर के हाथ-पाँव में बँधी अदृश्य बेड़ि़यों को दृश्यमान करता है

कौशल किशोर
  आरिफा एविस की औपन्यासिक कृति है “नाकाबन्दी”। यह कश्मीर की जमीनी हकीकत को सामने लाती है। इसमें कल्पना की उड़ान नहीं बल्कि यहाँ का...
कविता

चंद्रेश्वर की कविताएँ सरलता और संघर्ष को ज़रूरी जीवन मूल्य के रूप में बरतने का आग्रह हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर चंद्रेश्वर चार दशक से साहित्य सृजन में रत कवि, आलोचक और गद्यकार हैं। उनके तीन कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। ‘अब भी’...
कविता

उमेश पंकज की कविताएँ जनता की अदम्य शक्ति और साहस की बानगी हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर   ‘बिजलियों की गड़गड़ाहट/और बारिश की बूंदों में/परिलक्षित होता है मालिक का शोर/और मजदूरों का मार्मिक विलाप/न जाने यह कैसी विडंबना है/उषा काल...
कविता

सुशील कुमार की कविताएँ मौजूदा सत्ता संरचना और व्यवस्था का प्रतिपक्ष रचती हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर   मुक्तिबोध कालयात्री की बात करते हैं। मतलब कविता अपने काल के साथ सफर करती है । उसका अटूट रिश्ता काल से है...
कविता

कौशल किशोर का कविता पाठ ‘यह गम अपना, हम सब का साझा’

शतीन्द्रनाथ चौधुरी अतुल्य हिन्दी के मंच से कौशल किशोर का काव्यपाठ यू-ट्यूब पर सुना। इसका संजीव प्रसारण इसी मंच से 2 जुलाई को हुआ। उन्होंने...
ख़बर

जनकवि केदारनाथ अग्रवाल सम्मान 2021 वरिष्ठ कवि कौशल किशोर को दिया जाएगा

बाँदा से प्रकाशित ‘मुक्तिचक्र’ पत्रिका एवं जनवादी लेखक मंच बाँदा के संयुक्त तत्वाधान में बाबू केदारनाथ अग्रवाल की स्मृति में प्रतिवर्ष दिये जाने वाला सम्मान...
कविता

दिलीप दर्श की कविताएँ सामाजिक द्वन्द्व को उकेरती हैं

कौशल किशोर दिलीप दर्श की रचनात्मक स्थितियां वर्तमान के द्वन्द्व से तैयार होती हैं। इनमें सामाजिक संघर्ष, अतीत की सीखें, शोषक-शासक शक्तियों की पहचान, वर्ग...
कविता

शिव कुशवाहा की कविताएँ अपने समय के संघर्षों को दर्ज करती हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर युवा कवियों ने कविता को नया तेवर दिया है। यह कथ्य तथा शिल्प दोनों स्तर पर देखा जा सकता है। कविता के क्षेत्र...
शख्सियत

प्रिय कवि मंगलेश डबराल की याद में

कौशल किशोर
लखनऊ के लेखकों और संस्कृतिकर्मियों ने आज मंगलेश डबराल और राघव नरेश की स्मृति में शोक सभा आयोजित करके उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक...
कविताजनमत

देव नाथ द्विवेदी की गज़लें जीवन के यथार्थ से जुड़ने की आग्रही हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर   देव नाथ द्विवेदी की शायरी रंग, नस्ल, स्थान, जाति के अधार पर मनुष्यता को खण्डित करने के चल रहे कुचक्र के बरक्स...
कविताजनमत

भगवान स्वरूप कटियार की कविताएँ : जीवन को बचाने के लिए ज़रूरी है प्रेम

समकालीन जनमत
कौशल किशोर ‘आज हम सब/हो गए हैं/अपनी-अपनी सरहदों में जी रहे हैं छोटे-छोटे उपनिवेश और एक-दूसरे के लिए/पैदा कर रहे हैं भय, आतंक, दहशत/और गुलामी...
Fearlessly expressing peoples opinion