समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमतस्मृति

जनतांत्रिक मूल्यों की पक्षधर, निडर रचनाकार-अर्चना वर्मा

समकालीन जनमत
(हंस और कथादेश जैसी पत्रिकाओं का सार्थक सम्पादन कर साहित्यिक पत्रकारिता में स्त्री-हस्तक्षेप के लिए भरपूर गुंजाइश बनाने वाली अर्चना वर्मा गत 16 फरवरी को...
जनमत

शहीदों के ताबूतों के चुनावी व्यापार को रोको

पुरुषोत्तम शर्मा
एक तरफ पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आत्मघाती हमले और अब तक की सबसे ज्यादा शहादतों के दुःख और सदमे से देश अभी...
कविताजनमत

बादलों में आकार की खोज: रमणिका गुप्ता की कविताई

समकालीन जनमत
बजरंग बिहारी तिवारी नारीवादी आंदोलन का दूसरा दौर था. ‘कल्ट ऑफ़ डोमिस्टिसिटी’ को चुनौती दी जा चुकी थी. राजनीति में स्त्री की उपस्थिति को औचित्यपूर्ण,...
जनमत

एक सैनिक की मौत एक नागरिक की ही मौत है

समकालीन जनमत
शशांक मुकुट शेखर “हमारे बहादुर सैनिकों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी.”- पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद सत्ताधारी सहित देश के तमाम नेताओं ने...
जनमतमीडिया

कार्पोरेट न्यूज मीडिया : धनतंत्र के लिए और धनतंत्र-फासीवाद की सेवा में

आनंद प्रधान
अधिकांश न्यूज चैनलों पर इन दिनों 24×7 अहर्निश “बहस”, “महाबहस”, “दंगल”, “ताल ठोंक के” और इस जैसे और कई चर्चाओं के प्राइम टाइम कार्यक्रमों में...
जनमत

कमीशन खोरी होने पर सज़ा नहीं होगी, ऐसी शर्तों पर रफाल डील तो मोदी जी ही कर सकते हैं

रवीश कुमार
आज के हिन्दू में रफाल डील की फाइल से दो और पन्ने बाहर आ गए हैं। इस बार पूरा पन्ना छपा है और जो बातें...
ख़बरजनमत

दिव्य कुंभीकरण की भेंट चढ़ी निराला की प्रतिमा

के के पांडेय
वंसत पंचमी और महाप्राण निराला हम लोगों के लिए इलाहाबाद पहुँचने पर एक हो गए. आज वंसत पंचमी है. संगम और दोनों नदियों के तट...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

निराला की कहानियाँ- आधुनिक बोध, प्रगतिशीलता व स्वाधीन चेतना की प्रबल अभिव्यक्ति

समकालीन जनमत
दुर्गा सिंह निराला के कहानी लेखन का समय 1920 ई के बाद का है। लेकिन पहली ही कहानी में आधुनिक बोध, प्रगतिशीलता व स्वाधीन चेतना...
कविताजनमत

ज्योत्सना की कविताएँ स्त्री-मन की करुणा और सम्वेदना का समकालीन पाठ हैं

समकालीन जनमत
देवेंद्र आर्य ज्योत्सना की कविताएँ स्त्री-मन की करुणा और सम्वेदना का समकालीन पाठ पेश करती हैं , पर उनका समकाल विद्रूप या भौकाल बन कर...
जनमत

सत्ता को सुहा नहीं रही बुद्धिजीवियों की मुखरता

शालू यादव   पिछले चार साल में जबसे भाजपा सरकार सत्ता में आई है तबसे राज्य आम जनता और बुद्धिजीवियों के प्रति कहीं अधिक असहिष्णु...
जनमतमीडिया

राजनीति बदलेगी तो मीडिया बदलेगा वरना वह और दुर्दांत हो जायेगा

अनिल यादव
* प्रमुख क्या है कर्म या भाग्य ! * उत्तम क्या है खेती या नौकरी ! * असल क्या है प्रेम या वासना ! *...
जनमत

बजट 2019 – भ्रामक दावे और जुमलों की बौछारें

दीपंकर भट्टाचार्य  नई दिल्‍ली. केन्‍द्रीय बजट लोकसभा चुनाव से पहले आम जनता की आंख में धूल झोंकने के लिए की गई जुमलों की बौछार भर...
जनमत

गोरख: राई भर का साथ पहाड़ भर का काम

गोपाल प्रधान
गोरख पांडे से कुछेक बार की ही मुलाकातें रहीं लेकिन इतने से ही जो रिश्ता बना उसने बड़ी भारी जिम्मेदारी दे दी । तीन बार...
जनमत

भाजपा राज में झारखंड में भुखमरी और कुपोषण

समकालीन जनमत
सिराज दत्ता भाजपा राज में झारखंड में भुखमरी और कुपोषण आदिवासी-मूलवासियों के सामाजिक-आर्थिक अधिकारों का हनन क्या 2019 में विपक्ष की नज़र इस मुद्दे पर...
जनमत

युवा भारत, बेरोजगार भारत

मनोज कुमार सिंह
आबादी के हिसाब से देखें तो आज का भारत युवा भारत है क्योंकि जनसंख्या का 35 फीसदी युवा आबादी है। किसी भी देश की जनसंख्या...
जनमत

जातिवादी समाज में बिना आनुपातिक प्रतिनिधित्व के, न्याय मिल ही नहीं सकता

22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया कि शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण कोटा निर्धारण में विभाग को एक इकाई माना जायेगा, न...
जनमत

कुंभ : हिंदुत्व के एजेंडे में रंगने की साजिश

मनोज कुमार सिंह
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जब 2019 के कुम्भ मेले का लोगो प्रतीक चिन्ह जारी किया था तो प्रसिद्ध चित्रकार अशोक भौमिक को...
जनमत

आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण, मोदी सरकार की हताशाभरी भटकाऊ चालबाज़ी

कविता कृष्णन
2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान चलाये गये प्रचार अभियान में नरेन्द्र मोदी ने हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर सृजन करने...
जनमतशख्सियत

मृणाल सेन: समानांतर सिनेमा के एक स्तंभ का अवसान

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र क्या होता है जब एक परिवार की अकेली कमाने वाली स्त्री, जिसपर उसके माता-पिता, भाई-बहन सभी आश्रित है एक रात घर नहीं लौटती!...
जनमत

जब एक कुलपति ने शर्मिन्दा किया

समकालीन जनमत
सदानन्द शाही वाकया 28 दिसम्बर 2018 का है. गाजीपुर के स्व सत्यदेव सिंह कालेज में उच्च शिक्षा की चुनौतियों पर सेमिनार था। उदघाटन सत्र में...
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