समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमत

नफरती शब्दों द्वारा भारतीय समाज में एक उन्मादी तर्कहीनता के बीज बोये जा रहे हैं

समकालीन जनमत
( वसुंधरा श्रीनेत द्रेनन का यह लेख “द हिन्दू” में 30 दिसंबर 2021 को प्रकाशित हुआ है। समकालीन जनमत के पाठकों के लिए दिनेश अस्थाना...
जनमत

धर्म स्वातंत्र्य विधेयकों / अधिनियमों के पीछे सांप्रदायिक राजनीति और उसका दबाव है

दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते दबदबे के चलते, कई भारतीय राज्यों ने धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम बनाये हैं. विडंबना यह है कि ये सारे कानून, धर्म और...
जनमत

‘ कविता की दुनिया में अदम एक अचरज की तरह ’

कौशल किशोर
अदम गोंडवी 1980 के दशक में अपनी व्यवस्था विरोधी तथा आंदोलन परक कविताओं से चर्चा में आये। ‘चमारों की गली’ उन्हीं दिनों लखनऊ व इलाहाबाद से...
जनमत

बैंकों का निजीकरण एक विनाशकारी विचार है

दीपंकर भट्टाचार्य
कॉरपोरेट परस्त कृषि कानूनों पर पीछे हटने के लिए मजबूर किए जाने के बावजूद, मोदी सरकार एक अन्य प्रमुख क्षेत्र में राष्ट्रीयकरण को उलटने पर...
जनमत

वर्ण व्यवस्था व जाति के उच्छेद के लिए संघर्ष तेज करना होगा

समकालीन जनमत
11 दिसम्बर, 2021 को प्रलेस-जलेस-जसम द्वारा इलाहाबाद में आयोजित अमृतराय जन्मशती आयोजन में सर्वसम्मति से ´साहित्य-संस्कृति के आज के संयुक्त मोर्चे´ के विषय में पारित प्रस्ताव...
जनमत

बहुसंख्यकवाद, असमानता और विवेक-विमुखता जनतंत्र के लिए सबसे बड़े ख़तरे हैं : विभूति नारायण राय

“भारतीय लोकतंत्र: वर्तमान चुनौतियाँ” विषयक शफ़ी जावेद स्मृति व्याख्यान में उर्दू-हिंदी के साहित्यकारों ने अपनी चिंताएं प्रकट कीं पटना। ‘ भारतीय संविधान यद्धपि जनतांत्रिक मूल्यों...
जनमत

नफरत और ध्रुवीकरण ही संघ परिवार का प्रमुख हथियार है

राम पुनियानी
भारत में हिन्दू और मुसलमान सदियों से मिलजुलकर रहते आए हैं और एक-दूसरे के त्यौहारों पर खुशियाँ मनाना उनके जीवन का भाग रहा है. मुंबई...
जनमत

जयंती पर याद : किशोर साहू

पीयूष कुमार दुर्ग, छत्तीसगढ़ में आज ही के दिन 22 नवंबर 1915 में हिंदी फिल्मों के दूसरे दौर में फिल्मों को गति देने वाले लेखक,...
जनमत

‘पाहीमाफी’ में दर्ज है वंचित-दलित जातियों का दर्द – शिवमूर्ति

समकालीन जनमत
हिन्दी व अवधी के जाने-माने कवि आशाराम ‘जागरथ’ (फैजाबाद) की चर्चित कृति अवधी काव्यगाथा ‘पाहीमाफी’ का विमोचन यूपी प्रेस क्लब, हजरतगंज, लखनऊ में 20 नवम्बर...
जनमत

प्रेम और संघर्ष की आकांक्षाओं से भरा है पूजा यादव का कविता संसार

समकालीन जनमत
पार्वती तिर्की पूजा नए दौर की कवयित्री है, उसका काव्य लेखन एक नयापन लिए हुए है। नई तरह की क्रांति और प्रेमाकांक्षाएँ है। प्रतिरोध जैसे...
जनमत

सुनियोजित ढंग से निर्मित किये जा रहे आख्यान का भाग है कंगना रनौत का वक्तव्य

राम पुनियानी
बात सिर्फ कंगना की अज्ञानता तक सीमित नहीं है. उनका वक्तव्य उस नए आख्यान का भाग है जिसे पिछले कई दशकों से सुनियोजित ढंग से...
जनमत

हर रोज नई ऊर्जा कहाँ से पाता है यह ऐतिहासिक किसान आन्दोलन

पुरुषोत्तम शर्मा
19 नवम्बर 2021 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन कर भारी मन से तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा...
जनमत

कृषि कानून रद्द होने पर आइसा-आरवाईए का देशव्यापी विजय जुलूस

समकालीन जनमत
जनविरोधी सीएए, UAPA, श्रम कोड व एनईपी 2020 नीतियों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी 19 नवंबर 2021, प्रयागराज। किसान विरोधी तीनों कृषि कानून को वापस...
जनमत

पशुपालन के रोजगार को छीनने की बड़ी साजिश है “ मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना ”

पुरुषोत्तम शर्मा
उत्तराखंड में आजकल “मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना” खासी चर्चा में है. इस योजना का उद्घाटन केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 30 अक्टूबर को देहरादून...
जनमत

स्वाधीनता आंदोलन का वाम तेवर

गोपाल प्रधान
                                       आज़ादी का अमृत महोत्सव उसके लिए लड़ने वालों को याद करने का भी मौका है। यह आज़ादी उपनिवेशवाद से लड़ाई करके हासिल की...
जनमत

टीवी की बहसों को तोड़-मरोड़ कर किसानों के खिलाफ़ ज़हर उगला जा रहा है

समकालीन जनमत
किसानों के खिलाफ वैमनस्य के बीज इसी प्रकार जानबूझकर बोये जाते हैं। मध्यवर्ग के एक बड़े समूह में किसानों के प्रति तिरस्कार और नाराजगी गलत...
जनमत

यह किसानों के अस्तित्व का संघर्ष है

सियाराम शर्मा
“मुझे इसमें कोई संदेह नहीं कि लोकतांत्रिक स्वराज्य में किसानों के पास राजनीतिक संस्था के साथ हर किस्म की संस्था होनी चाहिए।……. किसानों को उनकी...
जनमत

‘ लेखक को सत्ता समर्थित व्याख्याओं के महीन, घने जाल को काटने की कोशिश करनी है ’

योगेंद्र आहूजा
( जन संस्कृति मंच के आठवें राज्य सम्मेलन के अवसर पर बाँदा में आयोजित समारोह में प्रेमचंद स्मृति कथा सम्मान वरिष्ठ कथाकर योगेंद्र आहूजा को...
जनमत

योगेन्द्र आहूजा को प्रेमचंद स्मृति कथा सम्मान

समकालीन जनमत
लेखक को सत्ता समर्थित व्याख्याओं के महीन घने जाल को काटने की कोशिश करनी है – योगेन्द्र आहूजाप्रेमचंद की परंपरा पक्षधरता की है – संजीव...
कविताजनमत

कमला भसीन के गीत और कविताएँ जेंडर जागरूकता की असरदार अपील हैं

समकालीन जनमत
(समकालीन जनमत का ‘समकालीन हिंदी कविता’ का यह अंक लोकप्रिय नारीवादी -मानवाधिकार कार्यकर्ता और लेखिका कमला भसीन को समर्पित है, 75 वर्ष की उम्र में...
Fearlessly expressing peoples opinion