समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

कहानी

एक कहानी : पाठ और प्रक्रिया

दुर्गा सिंह
अभी कुछ दिन पहले दिल्ली में एक मामला आया, जिसमें भारत के उत्तर-पूर्व की एक छात्रा ने कहा; कि उसे ‘कोरोना’ कहा गया। यह मानवीय...
कविताशख्सियत

मुझें मसीहाई में यक़ीन है ही नहीं, मैं मानता ही नहीं कि कोई मुझसे बड़ा होगा

समकालीन जनमत
ममता मुझें मसीहाई में यक़ीन है ही नहीं, मैं मानता ही नहीं कि कोई मुझसे बड़ा होगा, जनकवि  रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ का जन्म 5 दिसम्बर...
सिनेमा

औरत की जानिब समाज की सच्चाइयों का आइना है ‘ भूमिका ’

मुकेश आनंद
( श्याम बेनेगल निर्देशित और स्मिता पाटिल अभिनीत फिल्म ‘भूमिका’ को 1977 के राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया. विश्व और भारतीय सिनेमा की...
कविता

कोरोना काल में कविता : ‘ प्रेम संवाद की भाषा बन जाए ’

समकालीन जनमत
यह कोरोना काल है। पूरी दुनिया इस महामारी के खिलाफ जंग लड़ रही है। लाॅक डाउन चल रहा है। लोग घरों में हैं। सामाजिक व...
सिनेमा

युवा महत्वाकांक्षा और सहज ग्रामीण जीवन संघर्ष की कथा ‘पंचायत’

शालू यादव
नॉवल कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के चलते दुनियां भर में कई देशों ने सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी है. भारत में भी सम्पूर्ण...
कविता

राग रंजन की कविताएँ सूक्ष्म अंतर्दृष्टि और ज़मीनी यथार्थ के ताने बाने की निर्मिति हैं

समकालीन जनमत
रंजना मिश्र बकौल राग रंजन वे ‘साहित्यकारों के मोहल्ले के ऐसे बच्चे हैं जो कभी कभी किसी दरवाज़े की घंटी बजाकर भाग जाते हैं.’ मेरा...
पुस्तक

फ़्रांस में फ़ासीवाद

गोपाल प्रधान
 2020 में ब्लूम्सबरी एकेडमिक से क्रिस मिलिंगटन की किताब ‘ए हिस्ट्री आफ़ फ़ासिज्म इन फ़्रान्स: फ़्राम द फ़र्स्ट वर्ल्ड वार टु द नेशनल फ़्रंट’ का...
सिनेमा

जर्जर मध्यवर्गीय दाम्पत्य जीवन की त्रासदी का बयान है ‘अमेरिकन ब्यूटी’

मुकेश आनंद
(1999 में प्रदर्शित सैम मेंडेस निर्देशित ‘अमेरिकन ब्यूटी’ को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ निर्देशन  के ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था । यहाँ...
साहित्य-संस्कृति

तबला : बनारस घराना और उसकी विशेषता

तबले पर अँगुलियों के रख-रखाव और बोलों को निकालने के अपने अलग-अलग तरीकों के कारण ही घरानों में भिन्नता है। बनारस घराना की नींव पंडित...
पुस्तक

विनाशक पूंजीवाद

गोपाल प्रधान
2007 में मेट्रोपोलिटन बुक्स से नाओमी क्लीन की किताब ‘द शाक डाक्ट्रिन: द राइज आफ़ डिसास्टर कैपिटलिज्म ’ का प्रकाशन हुआ । नाओमी क्लीन ने...
पुस्तक

‘अस्थि फूल’: यात्रा एक अंधी सुरंग की

कैलाश बनवासी
 ‘अस्थि फूल ’ उपन्यास पूरा पढ़ लेने के बाद, बल्कि पूरा पढ़ने के दौरान,पृष्ठ-दर-पृष्ठ एक बात का तीव्र से तीव्रतर अहसास होता रहा कि इसे...
पुस्तक

‘ अनसुनी आवाज ’: एक जरूरी किताब

समकालीन जनमत
नगीना खान एक अच्छा लेखक वही होता है जो अपने वर्तमान समय से आगे की समस्यायों, घटनाओं को न केवल भांप लेता है बल्कि उसे...
कविता

सत्‍य को उसकी बहुआयामिता में जानने का जीवट और धैर्य हैं देवेश की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल वरिष्‍ठ कवि ज्ञानेन्‍द्रपति ने करीब पच्‍चीस साल पहले मेरी कुछ कविताओं से गुजरते लिखा था – … आपकी ये कविताएं मुझे आपकी अगली...
स्मृति

डाॅ श्याम बिहारी राय : प्रकाशन जगत का ध्रुवतारा

डाॅ श्याम बिहरी राय का जाना मात्र एक प्रकाशक का जाना नहीं है बल्कि यह प्रकाशन के साथ समाज, साहित्य आौर विचार की दुनिया की...
पुस्तक

टिकटशुदा रुक्का – जातीय विभेद पर टिके उत्तराखंडी समाज का पाखण्ड

समकालीन जनमत
टिकटशुदा रुक्का :   जातीय विभेद पर टिके उत्तराखंडी समाज का पाखण्ड चन्द्रकला*   ‘नवारुण’ से प्रकाशित नवीन जोशी के नवीनतम उपन्यास ‘टिकटशुदा रुक्का’ को पढ़ते...
स्मृति

प्रतिलिपियों से भरी इस दुनिया में चंदू मौलिक होने की जिद के साथ अड़े रहे

समकालीन जनमत
( आज जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर का स्मृति दिवस है . 31 मार्च 1997 को सिवान में आरजेडी सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के...
पुस्तक

प्रत्यंचा : एक राजा के लोकतांत्रिक प्रयोगों की अभूतपूर्व दास्तान

सुधीर सुमन
‘प्रत्यंचा’  छत्रपति शिवाजी महाराज की उत्तराधिकार परंपरा में कोल्हापुर के राजा बने छत्रपति शाहूजी महाराज की जीवन गाथा है जिसको हिंदी के चर्चित कथाकार संजीव...
कविता

अपने ढंग से जीने के हौसले का कवि राजेश कमल

समकालीन जनमत
सुधीर सुमन राजेश कमल लगभग ढाई दशक से अधिक समय से कविताएं लिख रहे हैं, लेकिन कविता पाठ और प्रकाशन से आम तौर पर बचते...
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