समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

पुस्तक

फ़्रांस में फ़ासीवाद

गोपाल प्रधान
 2020 में ब्लूम्सबरी एकेडमिक से क्रिस मिलिंगटन की किताब ‘ए हिस्ट्री आफ़ फ़ासिज्म इन फ़्रान्स: फ़्राम द फ़र्स्ट वर्ल्ड वार टु द नेशनल फ़्रंट’ का...
सिनेमा

जर्जर मध्यवर्गीय दाम्पत्य जीवन की त्रासदी का बयान है ‘अमेरिकन ब्यूटी’

मुकेश आनंद
(1999 में प्रदर्शित सैम मेंडेस निर्देशित ‘अमेरिकन ब्यूटी’ को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ निर्देशन  के ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था । यहाँ...
साहित्य-संस्कृति

तबला : बनारस घराना और उसकी विशेषता

तबले पर अँगुलियों के रख-रखाव और बोलों को निकालने के अपने अलग-अलग तरीकों के कारण ही घरानों में भिन्नता है। बनारस घराना की नींव पंडित...
पुस्तक

विनाशक पूंजीवाद

गोपाल प्रधान
2007 में मेट्रोपोलिटन बुक्स से नाओमी क्लीन की किताब ‘द शाक डाक्ट्रिन: द राइज आफ़ डिसास्टर कैपिटलिज्म ’ का प्रकाशन हुआ । नाओमी क्लीन ने...
पुस्तक

‘अस्थि फूल’: यात्रा एक अंधी सुरंग की

कैलाश बनवासी
 ‘अस्थि फूल ’ उपन्यास पूरा पढ़ लेने के बाद, बल्कि पूरा पढ़ने के दौरान,पृष्ठ-दर-पृष्ठ एक बात का तीव्र से तीव्रतर अहसास होता रहा कि इसे...
पुस्तक

‘ अनसुनी आवाज ’: एक जरूरी किताब

समकालीन जनमत
नगीना खान एक अच्छा लेखक वही होता है जो अपने वर्तमान समय से आगे की समस्यायों, घटनाओं को न केवल भांप लेता है बल्कि उसे...
कविता

सत्‍य को उसकी बहुआयामिता में जानने का जीवट और धैर्य हैं देवेश की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल वरिष्‍ठ कवि ज्ञानेन्‍द्रपति ने करीब पच्‍चीस साल पहले मेरी कुछ कविताओं से गुजरते लिखा था – … आपकी ये कविताएं मुझे आपकी अगली...
स्मृति

डाॅ श्याम बिहारी राय : प्रकाशन जगत का ध्रुवतारा

डाॅ श्याम बिहरी राय का जाना मात्र एक प्रकाशक का जाना नहीं है बल्कि यह प्रकाशन के साथ समाज, साहित्य आौर विचार की दुनिया की...
पुस्तक

टिकटशुदा रुक्का – जातीय विभेद पर टिके उत्तराखंडी समाज का पाखण्ड

समकालीन जनमत
टिकटशुदा रुक्का :   जातीय विभेद पर टिके उत्तराखंडी समाज का पाखण्ड चन्द्रकला*   ‘नवारुण’ से प्रकाशित नवीन जोशी के नवीनतम उपन्यास ‘टिकटशुदा रुक्का’ को पढ़ते...
स्मृति

प्रतिलिपियों से भरी इस दुनिया में चंदू मौलिक होने की जिद के साथ अड़े रहे

समकालीन जनमत
( आज जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर का स्मृति दिवस है . 31 मार्च 1997 को सिवान में आरजेडी सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के...
पुस्तक

प्रत्यंचा : एक राजा के लोकतांत्रिक प्रयोगों की अभूतपूर्व दास्तान

सुधीर सुमन
‘प्रत्यंचा’  छत्रपति शिवाजी महाराज की उत्तराधिकार परंपरा में कोल्हापुर के राजा बने छत्रपति शाहूजी महाराज की जीवन गाथा है जिसको हिंदी के चर्चित कथाकार संजीव...
कविता

अपने ढंग से जीने के हौसले का कवि राजेश कमल

समकालीन जनमत
सुधीर सुमन राजेश कमल लगभग ढाई दशक से अधिक समय से कविताएं लिख रहे हैं, लेकिन कविता पाठ और प्रकाशन से आम तौर पर बचते...
पुस्तकसाहित्य-संस्कृति

फ़ासीवाद से लड़ाई की एक दास्तान

गोपाल प्रधान
2019 में रैंडम हाउस से कैरोलीन मूरहेड की किताब ‘ ए हाउस इन द माउनटेन्स : द वीमेन हू लिबरेटेड इटली फ़्राम फ़ासिज्म ’ का...
कवितासाहित्य-संस्कृति

स्त्री की व्यथा और सामर्थ्य के कवि विवेक चतुर्वेदी

समकालीन जनमत
जसवीर त्यागी विवेक चतुर्वेदी समकालीन हिन्दी कविता के एक बेहतरीन कवि हैं। उनकी बड़ी खूबी यह है कि उनके स्वभाव और उनकी कविता में उतावलापन...
साहित्य-संस्कृति

तबला : उत्पत्ति और घराने

तबले की उत्पत्ति और उसके नामकरण से संबंधित कई मत प्रचलित हैं. एक मत तो ये है कि एक मृदंग वादक जब प्रतियोगिता में हार...
ख़बरपुस्तक

महिलाओं की आज़ादी पर पाबन्दियाँ उन्हें सुरक्षित नहीं असुरक्षित ही बनाती हैं : कविता कृष्णन

समकालीन जनमत
(भाकपा (माले) लिबरेशन की पोलित ब्यूरो की सदस्य और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (AIPWA) की सचिव कविता कृष्णन की किताब ‘फीयरलेस फ्रीडम’ पर उनसे...
कविता

दौरे हाजि़र पर एक गहरी नज़र हैं ग़ज़ाला की ग़ज़लें

समकालीन जनमत
नवनीत शर्मा ग़ज़ाला की ग़ज़लों में सबके अहसास अपनी लिखी कहानी को ही जी रही हूँ अब इक जैसा ही तो है मेरा किरदार ,और...
पुस्तक

मार्क्स लिखित ‘ पूंजी ’ की सीख

गोपाल प्रधान
 2020 में पालग्रेव मैकमिलन से मार्क सिल्वर के संपादन में ‘कनफ़्रंटिंग कैपिटलिज्म इन द 21स्ट सेन्चुरी: लेसन्स फ़्राम मार्क्स’ कैपिटल’ का प्रकाशन हुआ । संपादक...
Fearlessly expressing peoples opinion