समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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विज्ञान

विज्ञान और टेक्नोलोजी – दो हमसाए और समाज

समकालीन जनमत
(10 दिसंबर 1957 को कोलकाता में जन्मे लाल्टू विज्ञान, कविता, कहानी, पत्रकारिता, अनुवाद, नाटक, बाल साहित्य, नवसाक्षर साहित्य आदि विधाओं में समान गति से सक्रिय...
पुस्तक

‘चंचला चोर’ की तलाश उर्फ़ एक सभ्यता की चीरफाड़

समकालीन जनमत
प्रियदर्शन उपन्यास की शुरुआत एक लड़के के ज़िक्र से होती है जिसे महीना नहीं आता। आलोचक अचानक सतर्क हो जाता है कि या तो यह...
ख़बर

डॉक्टर कफ़ील को रिहा किये जाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

समकालीन जनमत
आधिवक्ता मंच ने डॉक्टर कफ़ील पर रासुका लगाने को बताया अन्यायजनक आज दिनांक 22 जुलाई बुधवार को मानवतावादी डॉक्टर कफ़ील खान को बिना शर्त रिहा...
कविता

बसंत त्रिपाठी की कविताएँ सत्ता-संस्कृति की चीरफाड़ की बेचैन कोशिश हैं

समकालीन जनमत
मृत्युंजय त्रिपाठी बसंत त्रिपाठी की इधर की कविताएँ शोषण के नए रंग-रूप, सत्ता के नए आकार-प्रकार और [कवि] कर्ता की इनके बीच की भूमिका को...
ख़बर

योगीराज में दलितों-गरीबों पर कहर जारी

समकालीन जनमत
आज़मगढ़ योगी सरकार के संरक्षण में दलितों-गरीबों पर दबंग अपराधी पुलिस गठजोड़ का कहर जारी है। मेहनगर थाने के कटहन में दलित किसान की सामंतों...
विज्ञान

“विज्ञान : कुदरत के रंग-ढंग पर इंसान की पकड़”

समकालीन जनमत
(10 दिसंबर 1957 को कोलकाता में जन्मे लाल्टू विज्ञान, कविता, कहानी, पत्रकारिता, अनुवाद, नाटक, बाल साहित्य, नवसाक्षर साहित्य आदि विधाओं में समान गति से सक्रिय...
साहित्य-संस्कृति

बालकृष्ण भट्ट के निबन्ध पर आयोजित हुई गोष्ठी

समकालीन जनमत
कवि गौड़  महादेवी वर्मा स्मृति महिला पुस्तकालय, इलाहाबाद की ऑनलाइन रविवारी गोष्ठी में बालकृष्ण भट्ट  के निबंध ‘हिन्दू जाति का स्वाभाविक गुण’ का पाठ हुआ।...
ख़बर

आम रास्ते को जबरन बंद करने के विरुद्ध माले का विरोध प्रदर्शन

समकालीन जनमत
आज़मगढ़ आज़मगढ़ जिले की सगड़ी तहसील व थाना जीयनपुर स्थित ग्राम जटांव(मालटारी बाजार) में आम रास्ते को जबरन बंद कर देने के विरुद्ध माले कार्यकर्ताओं...
कविता

‘कुमार कृष्ण की कविताएँ वर्तमान दौर के पोएटिक दस्तावेज़ हैं।’

समकालीन जनमत
वीरेंद्र सिंह   कोरोना काल वर्तमान समय में मानव जाति के लिए सबसे मुश्किल दौर बनकर मनुष्य के अस्तित्व को ही चुनौती देता प्रतीत होता...
विज्ञान

ज्ञान की ज़मीन

समकालीन जनमत
(10 दिसंबर 1957 को कोलकाता में जन्मे लाल्टू विज्ञान, कविता, कहानी, पत्रकारिता, अनुवाद, नाटक, बाल साहित्य, नवसाक्षर साहित्य आदि विधाओं में समान गति से सक्रिय...
सिनेमा

कबीर के राम की खोज

समकालीन जनमत
( पिछले पंद्रह वर्षों से प्रतिरोध का  सिनेमा अभियान सार्थक सिनेमा को छोटी -बड़ी सभी जगहों पर ले जाने की कोशिश में लगा हुआ है...
कविता

अशोक तिवारी की कविताओं का तेवर नुक्कड़ कविता का है

समकालीन जनमत
अनुपम त्रिपाठी अशोक तिवारी हमारे दौर के चर्चित कवि हैं। अब तक इनके तीन कविता संग्रह आ चुके हैं- सुनो अदीब (2003), मुमकिन है (2009),...
ख़बर

केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आंदोलन के समर्थन में वामपंथी दलों का प्रदर्शन

समकालीन जनमत
आज़मगढ़ मोदी सरकार की कारपोरेट परस्त मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों(एटक, सीटू, एक्टू आदि) के देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में वामपंथी दलों...
सिनेमा

‘पहली आवाज़’ से शुरू हुआ प्रतिरोध का सिनेमा का ऑनलाइन स्क्रीनिंग अभियान

( पिछले पंद्रह वर्षों से प्रतिरोध का  सिनेमा अभियान सार्थक सिनेमा को छोटी -बड़ी सभी जगहों पर ले जाने की कोशिश में लगा हुआ है...
कविता

रूपम की कविताएँ पितृसत्ता की चालाकियों की बारीक़ शिनाख़्त हैं

समकालीन जनमत
दुर्गा सिंह हिंदी समाज एक ऐसी कालावधि से गुजर रहा है, जिसमें एक तरफ निरंतरता की ताकतें, सामाजिक वर्ग- समूह आजादी के बाद के सबसे...
ख़बर

डीजल-पेट्रोल के बेलगाम होते दाम के खिलाफ किया धरना-प्रदर्शन

समकालीन जनमत
आज़मगढ़. डीजल-पेट्रोल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि एवं बेलगाम मंहगाई के मुद्दे पर संगठन के देशव्यापी आह्वान पर माले से संबद्ध अ. भा....
शिक्षा

ऑनलाइन शिक्षा समय की ज़रूरत है पर स्थायी समाधान नहीं

समकालीन जनमत
बृजराज सिंह महामारी और लॉकडाउन के बाद पूरे देश की शैक्षिक गतिविधियाँ पूर्णतः स्थगित हैं। ऐसे में तमाम शिक्षाविद एवं शिक्षा संस्थाएँ आगामी सत्र की...
स्मृति

आपातकाल में जब गिरफ़्तार हुए पिता

समकालीन जनमत
अनिल शुक्ल    27 जून 1975,पूर्वाह्न। 11-साढ़े 11 बज रहे थे जब पुलिस हमारे घर आ धमकी। लोहामंडी सीओ पुलिस (लोहामंडी), एसएचओ और कोई 2...
कविता

अमित की कविताएँ अनसुनी आवाज़ों के चाँद के दीदार की मशक़्क़त है

समकालीन जनमत
रविकांत नई शताब्दी में हिंदी के नए हस्ताक्षरों में अमित परिहार मेरे प्रिय कवि हैं, पर अमूमन वे सुकवि होने से बचते हैं. दोनों में...
Fearlessly expressing peoples opinion