आम रास्ते को जबरन बंद करने के विरुद्ध माले का विरोध प्रदर्शन

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आज़मगढ़

आज़मगढ़ जिले की सगड़ी तहसील व थाना जीयनपुर स्थित ग्राम जटांव(मालटारी बाजार) में आम रास्ते को जबरन बंद कर देने के विरुद्ध माले कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट पर प्रदर्शन कर विरोध जताया और मांगपत्र देकर रास्ते को तत्काल खोलने की मांग की। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त रास्ता पचासों वर्षों से कायम है और स्थानीय निवासियों, कई कई विद्यालयों के छात्र व शिक्षकों के आवागमन का एकमात्र रास्ता है। दिनांक 4 जुलाई 2020 को गांव स्थित गांधी डिग्री कालेज के प्रबंधक और उनके पुत्रों जिसमें से एक ग्राम प्रधान भी है, ने हथियारबंद गुंडों का जमावड़ा किया और एसडीएम के आदेशों की अवहेलना करते हुए नायब तहसीलदार एवं पुलिस की मौजूदगी में ही खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन करते हुए जबरन दीवार जोड़ कर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया। इतना ही नहीं दिनांक 10 जुलाई को रास्ते को ट्रैक्टर से जोतकर उसमें बुआई भी कर दी। जानकारी मिलने पर भाकपा(माले) उत्तर प्रदेश की राज्य स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने उक्त गांव का दौरा किया, बंद रास्ते को देखा और ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों से बातचीत करके तय हुआ कि 13 जुलाई 2020 को आजमगढ़ कलेक्टोरेट पर विरोध प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जायेगा। इस अवसर पर माले नेता ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जीयनपुर द्वारा एसडीएम के आदेश को मानने से साफ तौर पर इंकार करना और इस तरह से रास्ता अवरुद्ध करने वाले दबंगों का ही पक्ष लेना दबंगों-अपराधियों और पुलिस प्रशासन के बीच सांठगांठ का ज्वलंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में यही स्थिति है कि पुलिस थाने अपराधियों के इशारे पर काम कर रहे हैं। यह भी कहा कि कानपुर प्रकरण सामने है और यदि हालत ऐसे ही रहे तो यूपी में जगह जगह कानपुर नजर आयेंगे। ज्ञापन के जरिए अवरुद्ध रास्ते को तत्काल खोलने, कोतवाल जीयनपुर और दबंगों के बीच की सांठगांठ की जांच कराकर उसे दंडित करने तथा पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हथियारों का प्रदर्शन करने वाले दबंगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की गई।