समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

1178 Posts - 0 Comments
जनमत

भारत की फिलिस्तीन नीति में निरंतर परिवर्तन

समकालीन जनमत
स्टैनली जॉनी भारत ऐतिहासिक रूप से फिलिस्तीनी हितों का प्रबल समर्थक रहा है। और पिछले तीन दशकों में, जब इज़राइल के साथ भारत के संबंध...
कविता

विजय विशाल की कविताएँ शासक वर्ग के चेहरे को कठोरता से बेनक़ाब करती हैं

समकालीन जनमत
गणेश गनी स्मृतियों के सहारे चलते हुए जीवन कभी-कभी खूबसूरत और कभी-कभी यातनामय भी लगने लगता है। यह निर्भर करता है कि बीते समय की...
पुस्तक

नीला कॉर्नफ्लावर: मानवविज्ञान एवं साहित्य के मध्य सेतु

समकालीन जनमत
शरद जायसवाल   वीरेन्द्र प्रताप यादव का पहला उपन्यास ‘नीला कॉर्नफ्लावर’ प्रकाशित होते ही चर्चा में आ गया है। उपन्यास की पहली खूबसूरती उसका शीर्षक...
कविता

जितेन्द्र कुमार की कविताएँ विकास की विडंबना को दर्शाती हैं

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल आज कस्‍बों और उपनगरों की युवा कविता से जो संघर्ष की धार और तार्किकता गायब होती जा रही है वह जितेन्‍द्र कुमार की...
कविता

मृगतृष्णा की कविताएँ मुक्ति की आकांक्षा हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय   युवा कवि मृगतृष्णा की ये कविताएँ मुक्ति की आकांक्षा की कविताएँ हैं। यह मुक्ति परम्परा से विद्रोह के रूप में भी है...
ख़बर

केंद्र सरकार द्वारा लाये गये तीन नये अपराधिक कानूनों के विरोध में संगोष्ठी का आयोजन

समकालीन जनमत
13.02.2024 केंद्र सरकार द्वारा लाये गये तीन नये अपराधिक कानून तथा आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर जन घोषणापत्र विषयों पर राज्यस्तरीय संगोष्ठी ऑल इंडिया...
ख़बर

प्रयागराज में ग्रामीण भारत बंद और हड़ताल सफल रहा, जुलूस निकला , सभा हुई

समकालीन जनमत
इलाहाबाद। संयुक्त किसान मोर्चा ,संयुक्त ट्रेड यूनियन तथा केंद्र राज्य कर्मचारियों के संयुक्त तत्वाधान में आज अखिल भारतीय ग्रामीण भारत बंद तथा औद्योगिक/ क्षेत्रीय हड़ताल...
कविता

नताशा की कविताएँ स्त्रीत्व का अन्वेषण और उनका विस्तार करती हैं

समकालीन जनमत
विपिन चौधरी कविता उस मानवीय संस्कृति का नाम है जिसका सीधा संबंध संवेदनाओं से है, इस लिहाज़ से वर्तमान समय में कविता जैसी विधा सबसे...
ज़ेर-ए-बहस

थैले से बाहर समान नागरिक संहिता का जिन्न

समकालीन जनमत
समान नागरिक संहिता के जिन्न का उत्तराखंडी संस्करण थैले से बाहर आ चुका है और उसके साथ ही सामने आ गयी है बन्द कमरों में...
कविता

अंकिता रासुरी की कविताएँ विषय विविधता से पूर्ण अदम्य साहस की अभिव्यक्ति हैं

समकालीन जनमत
पुरु मालव अंकिता रासुरी की कविताओं में वो विषय-क्षेत्र भी सहजता से प्रविष्ट हो जाते हैं जिनकी ओर प्रायः कवि दृष्टिपात करने से भी बचते...
पुस्तक

फासीवादी निजाम के ख़िलाफ़ सच कहने का साहस

समकालीन जनमत
आलोक कुमार श्रीवास्तव   अमीरों के खान-पान संबंधी चोंचले बहुत हैं। काजू की रोटी उन्हीं चोंचलों में से एक है। निम्न और मध्यवर्गीय लोगों के...
कविता

पम्मी राय की कविताएँ प्रतिबद्धता और दूरगामी यात्रा की संकेत हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री पम्मी राय की कविताओं में कुछ अनगढ़पन-सा पाठकों को लग सकता है। ऐसा इसलिए भी कि पम्मी ने अभी-अभी ही कविता...
साहित्य-संस्कृति

“ हमारे समय के सार्थक कवि हैं घनश्याम त्रिपाठी ”

समकालीन जनमत
भिलाई। जन संस्कृति मंच, दुर्ग-भिलाई के तत्वावधान में 21 जनवरी को भिलाई के कवि घनश्याम त्रिपाठी के द्वितीय काव्य संग्रह ‘ जो रास्ता संघर्षमय होता...
साहित्य-संस्कृति

राजीव प्रकाश साहिर की कहानी में दिखता है विकास का संवेदनहीन खौफनाक चेहरा

समकालीन जनमत
लखनऊ। जन संस्कृति मंच की ओर से ‘लेखक के घर चलो’ की श्रृंखला के तहत 18 जनवरी को उर्दू के अफसाना निगार राजीव प्रकाश साहिर...
जनमत

भारत में नागरिक समाज खतरे में

समकालीन जनमत
संविधान द्वारा गारंटीशुदा व्यवस्था के अन्तर्गत परिचालित स्वतंत्र नागरिक स्पेस ही लोकतंत्र का मूलतत्व है। भारत का यह सौभाग्य है कि यहाँ एक असाधारण रूप...
कविता

सीमा सिंह की कविताएँ समय की चमकदार जकड़बंदियों से टकराती हैं

शालिनी सिंह सीमा सिंह की कविताओं में प्रवेश के लिए आपको पूर्वाग्रह के समस्त पैरहन उतार कर आना होगा क्योंकि ये कविताएँ हमारे समय के...
स्मृति

पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे चित्रकार राजकुमार सिंह

समकालीन जनमत
भूपेन्द्र कुमार अस्थाना   कहते हैं कि एक अच्छा कलाकार वही बन सकता है जो एक अच्छा इंसान बन कर जीता है, लोगों के दुख...
कविता

आशुतोष कुमार की कविताएँ समय के व्यर्थताबोध से आगे बढ़ने का हौसला हैं

समकालीन जनमत
चंद्रभूषण अयोध्या यह चिट्ठी पढ़े न पढ़े, आप तो पढ़ें .. आज जब अयोध्या में रामलला का मंदिर ‘वहीं’, ‘उसी जगह’, एक राष्ट्रव्यापी हंगामे से...
कविता

अरविंद पासवान की कविताएँ साफगोई का सौंदर्य हैं

समकालीन जनमत
श्रीधर करुणानिधि सरलता का अपना सौंदर्य होता है। निश्छल हृदय की बातें और भोली उन्मुक्त हँसी बरबस ध्यान खींच लेती हैं। जब चारों ओर कोलाहल...
ख़बर

समाजकर्मी ओ डी सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

समकालीन जनमत
वरिष्ठ समाजकर्मी, नागरिक समाज के संस्थापक सदस्य तथा पीयूसीएल के पूर्व उत्तर प्रदेश महासचिव ओमदत्त सिंह जो अपने सभी जानने वालों में ओ डी भाई...
Fearlessly expressing peoples opinion