समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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स्मृति

समकालीन जनमत की तरफ से कामरेड कवि सुरजीत सिंह पातर को श्रद्धांजलि

समकालीन जनमत
“तब मुझे क्या पता था कहने वाले सुनने वाले इस तरह पथराएँगे कि शब्द निरर्थक से हो जाएँगे, कॉमरेड कवि सुरजीत सिंह पातर नहीं रहे।...
कविता

सौम्य मालवीय की कविताएँ प्रतिरोधी चेतना से संपन्न हैं।

समकालीन जनमत
ललन चतुर्वेदी सौम्य की कविताओं को पढ़ते हुए पूरे विश्वास से कह सकता हूँ कि उनकी कविताओं की प्रतिरोधी चेतना में एक न‌ई धार आयी...
जनमत

मोदी दशक के बाद भारत का लोकतंत्र

समकालीन जनमत
जावेद अनीस पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई पहली हिंदुत्ववादी सरकार के एक दशक पूरे हो चुके हैं, इस दौरान नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति

उम्मीद की रौशनी दिखाती कविताएँ

दीना नाथ मौर्य ‘सहसा कुछ नहीं होता’ बसंत त्रिपाठी का ज्ञानपीठ से प्रकाशित संग्रह है. ‘स्वप्न से बाहर, सन्नाटे का स्वेटर, हम चल रहे हैं....
कविता

आदित्य शुक्ल की कविताएँ सर्जनात्मकता की आँच में तप कर निखरी हैं

निरंजन श्रोत्रिय विद्रूपताओं के प्रति हर गुस्सा यूँ तो जायज है लेकिन यदि उसे सर्जनात्मक आँच में और तपा दिया जाए तो फिर वह सार्थक...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति

किताब पर बातचीत: पहाड़गाथा

इलाहाबाद, शहर के मेयो हाॅल स्थिति अंजुमन ए रूहे अदब के सभागार में किताब पर बातचीत  के अंतर्गत ‘पहाड़गाथा’ उपन्यास पर बातचीत आयोजित की गयी।  शुरुआत...
जनमत

चार श्रम कोड रद्द कर पुराने श्रम कानूनों को बहाल किया जाय

चकिया, 1 मई इंकलाब जिंदाबाद, शिकांगो के अमर शहीदों को लाल सलाम, 1मई मजदूर दिवस अमर रहे,दुनियां के मेहनतकशों एक हों,अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, सामंतवाद पुंजीबाद...
जनमत

लखनऊ में मई दिवस का आयोजन

लखनऊ, 01 मई 2024 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का आयोजन अपर श्रमायुक्त कार्यालय लखनऊ प्रांगण में स्थित...
जनमत

जफर आगा : पत्रकारिता के मेयार और आधुनिक पारदर्शी इंसान

समकालीन जनमत
इलाहाबाद । 29 अप्रैल को कौमी आवाज, नेशनल हेराल्ड जैसे अखबारों के संपादक रहे जफर आगा साहब की स्मृति में करेली के ए एम ऑक्सफोर्ड...
कविता

ब्रज श्रीवास्तव की कविताएँ समकालीन बोध से संपृक्त हैं

समकालीन जनमत
ख़ुदेजा ख़ान   समय बदलता है और बदल जाता है हमारे आसपास का परिवेश, वातावरण, पर्यावरण, संबंध और सामाजिक सरोकार इतना ही नहीं आर्थिक, राजनीतिक...
जनमतज़ेर-ए-बहस

बायोपिक चमकीला- लोकभाषा पर एक विमर्श

समकालीन जनमत
रूपम मिश्र अभी इम्तियाज अली ने पंजाब के लोकगायक अमर सिंह चमकीला पर बायोपिक फ़िल्म बनायी। फ़िल्म में अमर सिंह चमकीला के कुछ गीतों को...
ख़बर

स्त्री अधिकार और डॉ. अंबेडकर

समकालीन जनमत
दिनांक 14 अप्रैल 2024 को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 133 वीं जयंती के उपलक्ष्य में सुल्तानपुर के बरामदपुर गांव में ‘स्त्री अधिकार और अंबेडकर’...
कविता

शोभा अक्षर की कविताएँ मानवता के पक्ष में मज़बूती से खड़ी होती हैं

समकालीन जनमत
प्रज्ञा गुप्ता वस्तुतः सौंदर्य एवं प्रेम की रक्षा के लिए हम संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ते हैं। जिस कवि में सौंदर्य की भावना जितनी...
कविता

जसम का लेखक के घर चलो अभियान

समकालीन जनमत
शनिवार, 13 अप्रैल 2024 कवि- हरीशचन्द्र पांडे अपने शहर इलाहाबाद में रचनारत लेखकों की रचनाओं के साथ उनके जीवन, उनके घर-परिवार को जानना, उनकी रचना...
सिनेमा

आत्मपॅम्फ्लेट – भारत की अपनी फॉरेस्ट गंप जो मराठी में बनी है

समकालीन जनमत
जावेद अनीस साल 2022 रिलीज हुयी आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा हॉलीवुड की कल्ट कलासिक फिल्म फॉरेस्ट गंप (1994) की आधिकारिक रिमेक थी,...
जनमत

‘हम भारत के लोग’ भारतीय संविधान का आधार है : प्रो राव साहेब कसबे

समकालीन जनमत
बाबा साहब अम्बेडकर की जयंती के शुभ अवसर पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में ‘डॉ० आंबेडकर और भारतीय संविधान’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन...
कविता

प्रज्ञा गुप्ता की कविताएँ जीवन के हर्ष और विलाप को समझने का उद्यम हैं

समकालीन जनमत
विपिन चौधरी प्रज्ञा गुप्ता की कविताओं के उर्वर-प्रदेश में स्मृतियाँ, सपने, प्रेम, रिश्ते-नाते, स्त्रियों के दैनिक संघर्ष जैसे कई पक्ष आवाजाही करते हैं. उनकी कविताओं...
ज़ेर-ए-बहस

चंदे का धंधा उर्फ हफ्ता-वसूली

समकालीन जनमत
हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं। हांलाकि यह कोई अलग से कहने की बात नहीं है परंतु अब वह दौर आ गया है जब...
कविता

विजया सिंह की कविताएँ मानवता के पक्ष में युद्धरत हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय मुझे संवेदनों की महीनता और दृष्टि की व्यापकता में व्युत्क्रमानुपाती संबंध लगता है। संवेदन जितने महीन होंगे दृष्टि या विज़न उतनी ही व्यापक...
जनमत

महिलाओं की लड़ाई घर में भी है, सड़कों पर भी

समकालीन जनमत
पूँजीवाद और पितृसत्ता की जड़ हिलाये बिना समाज में महिलाओं की स्थिति नहीं बदलेगी महिलाओं की लड़ाई घर में भी है, सड़कों पर भी :...
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