समकालीन जनमत

Tag : Contemprary Hindi Poetry

कविता

जितेन्द्र कुमार की कविताएँ विकास की विडंबना को दर्शाती हैं

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल आज कस्‍बों और उपनगरों की युवा कविता से जो संघर्ष की धार और तार्किकता गायब होती जा रही है वह जितेन्‍द्र कुमार की...
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