समकालीन जनमत

Tag : कविता

साहित्य-संस्कृति

शमशेर बहादुर सिंह जयंती समारोह : बात बोलेगी, हम नहीं, भेद खोलेगी बात ही

समकालीन जनमत
प्रगतिशील कविता के सबसे अनोखे और प्रयोगधर्मी कवि शमशेर बहादुर सिंह के पैतृक गाँव कस्बा एलम जिला शामली में 2023 से ‘शमशेर बहादुर कला मंच’...
साहित्य-संस्कृति

‘जीवन में कोमलतम चीज़ों को बचाना चाहती हैं डॉ. प्रज्ञा गुप्ता की कविताएँ’

समकालीन जनमत
काव्य-संग्रह “ काँस के फूलों ने कहा जोहार ! ”  का लोकार्पण , परिचर्चा रांची।  डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के सभागार में 15 दिसंबर को स्नातकोत्तर...
साहित्य-संस्कृति

जन संस्कृति मंच का 40वां स्थापना दिवस घुटूवा शहीद स्मारक में संपन्न

30 अक्टूबर, 2025 को रामगढ़ जिले के घुटूवा 1नंबर गेट स्थित शहीद स्मारक में घुटूवा गोलीकांड के शहीदों रिझनी देवी, बलकहिया देवी और रामप्रसाद महतो...
शख्सियत

अग्निपुष्प कभी मुरझाते नहीं

(समकालीन जनमत के संस्थापक संपादक और कर्मकर्ता कवि अग्निपुष्प अब जीवित स्मृति बन चुके हैं। उन्हें समर्पित की गई ये भावभीनी श्रद्धांजलियां हमें आग के...
जनमत

ठन्डे उत्तरों के पीछे खौलते सवालों की कविता

समकालीन जनमत
मनीष आज़ाद मौमिता आलम की ही समकालीन कवि और दलित एक्टिविस्ट मीना कंडासामी कविता के बारे में कहती हैं कि यह वह जगह है, जहाँ...
कविता

दुनिया में ताक़त के खेल को समझने की कोशिश है अरुणाभ सौरभ की कविताएँ

समकालीन जनमत
बीते शनिवार को प्रभाकर प्रकाशन में अरुणाभ सौरभ के काव्य-संग्रह ‘मेरी दुनिया के ईश्वर’ के तीसरे संस्करण का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर एक परिचर्चा...
शख्सियत

याद ए मकबूल जायसी का आयोजन : चर्चा और ग़ज़ल संध्या 

समकालीन जनमत
  ‘मकबूल जायसी की शायरी हिंदुस्तानियत और इंसानियत से सराबोर’  ‘अब ये गजलें मिजाज बदलेंगी‘ लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से ‘याद ए...
साहित्य-संस्कृति

वीरेनियत-6: कला और साहित्य का अद्भुत संगम

समकालीन जनमत
नई दिल्ली। दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर हॉल में जन संस्कृति मंच द्वारा 15 नवम्बर को कवि वीरेन डंगवाल की स्मृति में आयोजित ...
कविता

कविताओं के अनुभवों का आयुष

समकालीन जनमत
आज शेखर जोशी जीवित रहे तो 92 साल के हुए। जीवन के अंतिम दो दशकों में उन्होंने फिर से कविताएँ लिखीं और 2012 में ‘साहित्य...
स्मृति

समकालीन जनमत की तरफ से कामरेड कवि सुरजीत सिंह पातर को श्रद्धांजलि

समकालीन जनमत
“तब मुझे क्या पता था कहने वाले सुनने वाले इस तरह पथराएँगे कि शब्द निरर्थक से हो जाएँगे, कॉमरेड कवि सुरजीत सिंह पातर नहीं रहे।...
कविता

जसम का लेखक के घर चलो अभियान

समकालीन जनमत
शनिवार, 13 अप्रैल 2024 कवि- हरीशचन्द्र पांडे अपने शहर इलाहाबाद में रचनारत लेखकों की रचनाओं के साथ उनके जीवन, उनके घर-परिवार को जानना, उनकी रचना...
साहित्य-संस्कृति

जसम की घरेलू गोष्ठी का आयोजन, ग़जा में युद्ध विराम के लिए अभियान का संकल्प

समकालीन जनमत
जन संस्कृति मंच की ओर से 17 मार्च, 2024 को तूलिका व मृत्युंजय के घर पर एक घरेलू गोष्ठी हुई। इस गोष्ठी में फैसला किया...
साहित्य-संस्कृति

सुधीर सुमन की कविताओं में यथार्थ को बदलने की छटपटाहट है : सुरेश कांटक

समकालीन जनमत
आरा। आज बाल हिन्दी पुस्तकालय आरा में जन संस्कृति मंच की ओर से सुधीर सुमन के कविता-संग्रह ‘ सपना और सच ‘ का लोकार्पण और...
कविता

‘ क्षितिज से उगेगा चंद्रमा ’ : परिवर्तन के पक्ष में मनुष्यता का गान

कौशल किशोर
जितेन्द्र कुमार कविता की दुनिया के सजग और सचेत नागरिक हैं। इनकी पहली कविता पुस्तक ‘रात भर रोई होगी धरती’ करीब 25 साल पहले आई...
शख्सियत

हम लड़ेंगे कि लड़ने के बगैर कुछ भी नहीं मिलता

समकालीन जनमत
सुशील सुमन पाश से हमारा पहला परिचय ‘हम लड़ेंगे साथी’ कविता से हुआ। एक कविता-पोस्टर पर पहली बार इस कविता की कुछ काव्य-पंक्तियाँ पढ़ने को...
पुस्तक

मुक्तिबोध : सर्जक और विचारक

रामजी राय
पुस्तक-चर्चा सेवाराम त्रिपाठी की किताब ‘मुक्तिबोध : सर्जक और विचारक’ बहुत पहले ही मुझे मिली थी। फुरसत के क्षणों में उसके चैप्टर्स पलटता रहा हूँ।...
शख्सियत

अन्याय को खत्म करने के सपनों का कवि

गोपाल प्रधान
गोरख पांडे की कविता किसी जादू के जोर से प्रत्येक समय में प्रासंगिक हो उठती है । उनकी इस ताकत का रहस्य समय के यथार्थ...
कविता

डॉ ज़रीन हलीम का कविता संग्रह ‘ आठ पहर ’: ‘परवाज की आदत है ….उड़ जाएंगे ’

कौशल किशोर
‘कविता के बीज नहीं होते/जो बाजारों में हों उपलब्ध/जो किसी एक ऋतु के हो बंधक/और घर-घर यूं ही पड़े मिलें/जो सबके हाथों मसले जाएं/जिनका कोई...
शख्सियत

रामनिहाल गुंजन: शब्द संस्कृति के साधक

कौशल किशोर
जन्मदिवस (9 नवंबर) पर (रामनिहाल गुंजन : जन्म – 9 नवम्बर 1936 , मृत्यु – 19 अप्रैल 2022) वरिष्ठ आलोचक रामनिहाल गुंजन का आज 86...
कविता

होती हुई सुबह की तरह कविताएँ

समकालीन जनमत
विनय कुमार लिखने वाले कवियों से भरे हिंदी जगत में कुमार मुकुल एक पढ़ने वाले कवि हैं। उनकी मारक लघु टिप्पणियों से परिचित पाठक भली-भाँति...
Fearlessly expressing peoples opinion