कविता मनोज चौहान की कविताएँ समाज के संवेदनशील विषयों की पड़ताल करती हैं।समकालीन जनमतMarch 24, 2024September 1, 2024 by समकालीन जनमतMarch 24, 2024September 1, 20240512 गणेश गनी कवियों की भीड़ में मनोज चौहान निरन्तर क्रियाशील हैं और सजग भी। बाजारवाद के इस युग में कविता का भी बाजारीकरण हुआ है।...
साहित्य-संस्कृति जसम की घरेलू गोष्ठी का आयोजन, ग़जा में युद्ध विराम के लिए अभियान का संकल्पसमकालीन जनमतMarch 22, 2024March 22, 2024 by समकालीन जनमतMarch 22, 2024March 22, 20240546 जन संस्कृति मंच की ओर से 17 मार्च, 2024 को तूलिका व मृत्युंजय के घर पर एक घरेलू गोष्ठी हुई। इस गोष्ठी में फैसला किया...
कहानीसाहित्य-संस्कृति परिवर्तन के कहानीकार हैं मार्कण्डेयदुर्गा सिंहMarch 21, 2024March 26, 2024 by दुर्गा सिंहMarch 21, 2024March 26, 20240422 आज़मगढ़ विगत 18 मार्च 2024 को आज़मगढ़ के शिब्ली मंजिल सभागार में मार्कंडेय स्मृति संवाद का आयोजन किया गया। इस संवाद गोष्ठी का विषय ‘मार्कंडेय...
साहित्य-संस्कृति कौशल किशोर की किताब भगत सिंह और पाश: अंधियारे का उजाला का हुआ विमोचनसमकालीन जनमतMarch 19, 2024March 19, 2024 by समकालीन जनमतMarch 19, 2024March 19, 20240802 भगत सिंह व पाश की वैचारिक रोशनी में हमें आगे बढ़ाना है – वन्दना मिश्र लखनऊ। जन संस्कृति मंच और भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा)...
कविता स्मिता वाजपेयी की कविताएँ स्त्री की स्वतंत्र इयत्ता की आकांक्षा हैंसमकालीन जनमतMarch 17, 2024March 17, 2024 by समकालीन जनमतMarch 17, 2024March 17, 20240736 रमेश ऋतंभर यह ध्यातव्य हो कि अपने विशिष्ट संघर्ष व अनुभव और उसकी अभिव्यक्ति को लेकर कवयित्रियों ने गंभीरता से समकालीन हिन्दी कविता में अपना...
कविता अजीत कुमार की कविताएँ जनवाद की स्प्ष्ट अनुगूंज हैंसमकालीन जनमतMarch 10, 2024 by समकालीन जनमतMarch 10, 20240610 कमलानंद झा तुम भले ऊँची करो दीवार जितनी हम परिंदे हैं, उसे भी लाँघ जाएँगे। अजीत कुमार वर्मा उन कवियों में हैं जो सिर्फ कविता...
साहित्य-संस्कृति हिंदी के लोकप्रिय साहित्य का इतिहासराम नरेश रामMarch 7, 2024March 7, 2024 by राम नरेश रामMarch 7, 2024March 7, 20240966 लोकप्रियता को केवल आधार बनाया जाय और विधा में कथा साहित्य के अलावा काव्य को भी शामिल किया जाय तो हिंदी के लोकप्रिय साहित्य का...
साहित्य-संस्कृति मासिक गोष्ठी में जसम ने उर्दू कथाकार रामलाल को याद किया, असग़र मेहदी और विमल किशोर का कहानी पाठसमकालीन जनमतMarch 5, 2024 by समकालीन जनमतMarch 5, 20240334 लखनऊ। जन संस्कृति मंच, लखनऊ के कार्यक्रम ‘ लेखक के घर चलो’ के तहत रविवार को कवयित्री विमल किशोर और कौशल किशोर के निवास राजाजीपुरम...
कविता विजय विशाल की कविताएँ शासक वर्ग के चेहरे को कठोरता से बेनक़ाब करती हैंसमकालीन जनमतMarch 3, 2024March 6, 2024 by समकालीन जनमतMarch 3, 2024March 6, 20240775 गणेश गनी स्मृतियों के सहारे चलते हुए जीवन कभी-कभी खूबसूरत और कभी-कभी यातनामय भी लगने लगता है। यह निर्भर करता है कि बीते समय की...
पुस्तक नीला कॉर्नफ्लावर: मानवविज्ञान एवं साहित्य के मध्य सेतुसमकालीन जनमतMarch 3, 2024March 3, 2024 by समकालीन जनमतMarch 3, 2024March 3, 20240662 शरद जायसवाल वीरेन्द्र प्रताप यादव का पहला उपन्यास ‘नीला कॉर्नफ्लावर’ प्रकाशित होते ही चर्चा में आ गया है। उपन्यास की पहली खूबसूरती उसका शीर्षक...
साहित्य-संस्कृति यह भारतीय कला का आत्मसम्मान विहीन दौर है – अशोक भौमिकसमकालीन जनमतFebruary 26, 2024February 26, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 26, 2024February 26, 20240515 लखनऊ। जन संस्कृति मंच की ओर से लेखक और पत्रकार अनिल सिन्हा के स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर 24 फरवरी को सालाना जलसा का आयोजन...
कविता जितेन्द्र कुमार की कविताएँ विकास की विडंबना को दर्शाती हैंसमकालीन जनमतFebruary 25, 2024February 25, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 25, 2024February 25, 20240435 कुमार मुकुल आज कस्बों और उपनगरों की युवा कविता से जो संघर्ष की धार और तार्किकता गायब होती जा रही है वह जितेन्द्र कुमार की...
साहित्य-संस्कृति सुधीर सुमन की कविताओं में यथार्थ को बदलने की छटपटाहट है : सुरेश कांटकसमकालीन जनमतFebruary 19, 2024February 19, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 19, 2024February 19, 20240700 आरा। आज बाल हिन्दी पुस्तकालय आरा में जन संस्कृति मंच की ओर से सुधीर सुमन के कविता-संग्रह ‘ सपना और सच ‘ का लोकार्पण और...
कविता मृगतृष्णा की कविताएँ मुक्ति की आकांक्षा हैंसमकालीन जनमतFebruary 18, 2024February 19, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 18, 2024February 19, 20240753 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवि मृगतृष्णा की ये कविताएँ मुक्ति की आकांक्षा की कविताएँ हैं। यह मुक्ति परम्परा से विद्रोह के रूप में भी है...
साहित्य-संस्कृति हिंदुत्व प्रतिक्रांति की विचार धारा है – कंवल भारतीसमकालीन जनमतFebruary 14, 2024February 14, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 14, 2024February 14, 20240602 मऊ। प्रो. तुलसीराम स्मृति व्याख्यानमाला के तहत इस शृंखला का आठवाँ व्याख्यान राहुल सांकृत्यायन सृजनपीठ व जन संस्कृति मंच के संयुक्त तत्वावधान में 11 फरवरी...
साहित्य-संस्कृति निराला का वैचारिक लेखनः राष्ट्र निर्माण का सवाल और जाति-वर्णदुर्गा सिंहFebruary 14, 2024February 20, 2024 by दुर्गा सिंहFebruary 14, 2024February 20, 20240694 निराला के जन्मदिन(बसंत पंचमी) के अवसर पर प्रस्तुत लेख निराला के लेखन में राष्ट्र निर्माण, स्वाधीनता, धर्म, भाषा व जाति-वर्ण आदि को रचनात्मक ढंग से...
पुस्तक कोमिंटर्न और दक्षिणी गोलार्धगोपाल प्रधानFebruary 11, 2024February 11, 2024 by गोपाल प्रधानFebruary 11, 2024February 11, 20240564 2023 में रटलेज से आन्ने गारलैंड माहलेर और पाओलो कापुज़्ज़ो के संपादन में ‘द कोमिंटर्न ऐंड द ग्लोबल साउथ: ग्लोबल डिजाइन/ लोकल एनकाउंटर्स’ का प्रकाशन...
कविता नताशा की कविताएँ स्त्रीत्व का अन्वेषण और उनका विस्तार करती हैंसमकालीन जनमतFebruary 11, 2024February 11, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 11, 2024February 11, 20240780 विपिन चौधरी कविता उस मानवीय संस्कृति का नाम है जिसका सीधा संबंध संवेदनाओं से है, इस लिहाज़ से वर्तमान समय में कविता जैसी विधा सबसे...
साहित्य-संस्कृति लोकप्रिय साहित्यराम नरेश रामFebruary 8, 2024February 10, 2024 by राम नरेश रामFebruary 8, 2024February 10, 202402375 Any written work that is read, or is intended to be read, by a mass audience is Popular literature. लोकप्रिय साहित्य में इस्तेमाल लोकप्रिय शब्द...
पुस्तक विकास माॅडल पर सवाल उठाता है ‘ शालडुंगरी का घायल सपना ’समकालीन जनमतFebruary 5, 2024February 17, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 5, 2024February 17, 20240754 पटना । “आज जो देश का मुख्य अंतर्विरोध है, ‘शालडुंगरी का घायल सपना’ उस पर उंगली रखता है। एक ओर कारपोरेट पूंजी का तंत्र है, जिसमें...