साहित्य-संस्कृति निराला का वैचारिक लेखनः राष्ट्र निर्माण का सवाल और जाति-वर्णदुर्गा सिंहFebruary 14, 2024February 20, 2024 by दुर्गा सिंहFebruary 14, 2024February 20, 20240692 निराला के जन्मदिन(बसंत पंचमी) के अवसर पर प्रस्तुत लेख निराला के लेखन में राष्ट्र निर्माण, स्वाधीनता, धर्म, भाषा व जाति-वर्ण आदि को रचनात्मक ढंग से...
पुस्तक कोमिंटर्न और दक्षिणी गोलार्धगोपाल प्रधानFebruary 11, 2024February 11, 2024 by गोपाल प्रधानFebruary 11, 2024February 11, 20240562 2023 में रटलेज से आन्ने गारलैंड माहलेर और पाओलो कापुज़्ज़ो के संपादन में ‘द कोमिंटर्न ऐंड द ग्लोबल साउथ: ग्लोबल डिजाइन/ लोकल एनकाउंटर्स’ का प्रकाशन...
कविता नताशा की कविताएँ स्त्रीत्व का अन्वेषण और उनका विस्तार करती हैंसमकालीन जनमतFebruary 11, 2024February 11, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 11, 2024February 11, 20240775 विपिन चौधरी कविता उस मानवीय संस्कृति का नाम है जिसका सीधा संबंध संवेदनाओं से है, इस लिहाज़ से वर्तमान समय में कविता जैसी विधा सबसे...
साहित्य-संस्कृति लोकप्रिय साहित्यराम नरेश रामFebruary 8, 2024February 10, 2024 by राम नरेश रामFebruary 8, 2024February 10, 202402306 Any written work that is read, or is intended to be read, by a mass audience is Popular literature. लोकप्रिय साहित्य में इस्तेमाल लोकप्रिय शब्द...
पुस्तक विकास माॅडल पर सवाल उठाता है ‘ शालडुंगरी का घायल सपना ’समकालीन जनमतFebruary 5, 2024February 17, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 5, 2024February 17, 20240750 पटना । “आज जो देश का मुख्य अंतर्विरोध है, ‘शालडुंगरी का घायल सपना’ उस पर उंगली रखता है। एक ओर कारपोरेट पूंजी का तंत्र है, जिसमें...
साहित्य-संस्कृति लेखक को अपने समय की पड़ताल करनी चाहिए- ज्ञानरंजनसमकालीन जनमतFebruary 5, 2024February 5, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 5, 2024February 5, 20240952 (प्रख्यात कथाकार व हिन्दी की सर्वाधिक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में से एक ‘पहल’ के सम्पादक ज्ञानरंजन द्वारा बाँदा में प्रेमचंद स्मृति कथा सम्मान के मौके पर...
कविता अंकिता रासुरी की कविताएँ विषय विविधता से पूर्ण अदम्य साहस की अभिव्यक्ति हैंसमकालीन जनमतFebruary 4, 2024February 4, 2024 by समकालीन जनमतFebruary 4, 2024February 4, 202401058 पुरु मालव अंकिता रासुरी की कविताओं में वो विषय-क्षेत्र भी सहजता से प्रविष्ट हो जाते हैं जिनकी ओर प्रायः कवि दृष्टिपात करने से भी बचते...
स्मृति विजय बहादुर राय का जाना लोकबंधु राज नारायण द्वारा गढ़ी गई सोसलिस्ट पीढ़ी की आखिरी कड़ी का टूटना हैजयप्रकाश नारायण February 1, 2024February 2, 2024 by जयप्रकाश नारायण February 1, 2024February 2, 202401165 भाई साहब विजय बहादुर राय का जाना संसोपा कालीन सोसलिस्ट नेताओं की आखिरी पीढ़ी का चला जाना है। लोकबंधु बंधु राज नारायण की समाजवादी दृढ़ता,...
पुस्तक फासीवादी निजाम के ख़िलाफ़ सच कहने का साहससमकालीन जनमतJanuary 30, 2024February 2, 2024 by समकालीन जनमतJanuary 30, 2024February 2, 20240427 आलोक कुमार श्रीवास्तव अमीरों के खान-पान संबंधी चोंचले बहुत हैं। काजू की रोटी उन्हीं चोंचलों में से एक है। निम्न और मध्यवर्गीय लोगों के...
साहित्य-संस्कृति कविता युग की नब्ज धरो !समकालीन जनमतJanuary 29, 2024January 29, 2026 by समकालीन जनमतJanuary 29, 2024January 29, 20260430 उषा राय ‘हजार साल पुराना है उनका गुस्सा हजार साल पुरानी है उनकी नफरत मैं तो सिर्फ उनके बिखरे हुए शब्दों को लय और तुक...
कविता पम्मी राय की कविताएँ प्रतिबद्धता और दूरगामी यात्रा की संकेत हैंसमकालीन जनमतJanuary 28, 2024January 28, 2024 by समकालीन जनमतJanuary 28, 2024January 28, 20240454 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री पम्मी राय की कविताओं में कुछ अनगढ़पन-सा पाठकों को लग सकता है। ऐसा इसलिए भी कि पम्मी ने अभी-अभी ही कविता...
साहित्य-संस्कृति “ हमारे समय के सार्थक कवि हैं घनश्याम त्रिपाठी ”समकालीन जनमतJanuary 22, 2024January 26, 2024 by समकालीन जनमतJanuary 22, 2024January 26, 20240203 भिलाई। जन संस्कृति मंच, दुर्ग-भिलाई के तत्वावधान में 21 जनवरी को भिलाई के कवि घनश्याम त्रिपाठी के द्वितीय काव्य संग्रह ‘ जो रास्ता संघर्षमय होता...
साहित्य-संस्कृति राजीव प्रकाश साहिर की कहानी में दिखता है विकास का संवेदनहीन खौफनाक चेहरासमकालीन जनमतJanuary 18, 2024January 27, 2024 by समकालीन जनमतJanuary 18, 2024January 27, 20240271 लखनऊ। जन संस्कृति मंच की ओर से ‘लेखक के घर चलो’ की श्रृंखला के तहत 18 जनवरी को उर्दू के अफसाना निगार राजीव प्रकाश साहिर...
साहित्य-संस्कृति कवियों के कवि शमशेर की ऐलम में यादसंजय जोशीJanuary 15, 2024January 17, 2024 by संजय जोशीJanuary 15, 2024January 17, 202401292 कवि शमशेर बहादुर सिंह के 114 वें जन्मदिन पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्थित एलम में नौजवान भारत सभा, जन संस्कृति मंच...
पुस्तक पिकेटी का हालिया चिंतन और समाजवाद का सपनागोपाल प्रधानJanuary 15, 2024January 15, 2024 by गोपाल प्रधानJanuary 15, 2024January 15, 20240828 2021 में येल यूनिवर्सिटी प्रेस से थामस पिकेटी की फ़्रांसिसी में 2020 में छपी किताब का अंग्रेजी अनुवाद ‘टाइम फ़ार सोशलिज्म: डिसपैचेज फ़्राम ए वर्ल्ड...
कविता सीमा सिंह की कविताएँ समय की चमकदार जकड़बंदियों से टकराती हैंसमकालीन जनमतJanuary 14, 2024 by समकालीन जनमतJanuary 14, 202401558 शालिनी सिंह सीमा सिंह की कविताओं में प्रवेश के लिए आपको पूर्वाग्रह के समस्त पैरहन उतार कर आना होगा क्योंकि ये कविताएँ हमारे समय के...
स्मृति पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे चित्रकार राजकुमार सिंहसमकालीन जनमतJanuary 9, 2024February 2, 2024 by समकालीन जनमतJanuary 9, 2024February 2, 202401944 भूपेन्द्र कुमार अस्थाना कहते हैं कि एक अच्छा कलाकार वही बन सकता है जो एक अच्छा इंसान बन कर जीता है, लोगों के दुख...
कविता आशुतोष कुमार की कविताएँ समय के व्यर्थताबोध से आगे बढ़ने का हौसला हैंसमकालीन जनमतJanuary 7, 2024January 8, 2024 by समकालीन जनमतJanuary 7, 2024January 8, 202401563 चंद्रभूषण अयोध्या यह चिट्ठी पढ़े न पढ़े, आप तो पढ़ें .. आज जब अयोध्या में रामलला का मंदिर ‘वहीं’, ‘उसी जगह’, एक राष्ट्रव्यापी हंगामे से...
पुस्तक पूंजीवाद की दुनिया और उसकी कार्यपद्धतिगोपाल प्रधानJanuary 7, 2024January 7, 2024 by गोपाल प्रधानJanuary 7, 2024January 7, 202401788 2022 में वर्सो से विवेक छिब्बर की किताब ‘कनफ़्रंटिंग कैपिटलिज्म: हाउ द वर्ल्ड वर्क्स ऐंड हाउ टु चेंज इट’ का प्रकाशन हुआ । लेखक का...
कविता अरविंद पासवान की कविताएँ साफगोई का सौंदर्य हैंसमकालीन जनमतDecember 31, 2023December 31, 2023 by समकालीन जनमतDecember 31, 2023December 31, 202301041 श्रीधर करुणानिधि सरलता का अपना सौंदर्य होता है। निश्छल हृदय की बातें और भोली उन्मुक्त हँसी बरबस ध्यान खींच लेती हैं। जब चारों ओर कोलाहल...