समकालीन जनमत

Category : स्मृति

स्मृति

मैंने कैफ़ी आज़मी को देखा है, सुना है और जाना है

“बस इक झिझक है यही हाल ए दिल सुनाने में, कि तेरा जिक्र भी आएगा इस फसाने में।” जिस समय कैफ़ी साहब का इंतकाल (10...
स्मृति

शशिभूषण द्विवेदी का जाना एक बड़ी संभावना का असमय अंत है : जनवादी लेखक संघ

शशिभूषण जी अत्यंत प्रतिभाशाली और संभावनाशाली कहानीकार थे. उनकी ‘ब्रह्मह्त्या’, ‘एक बूढ़े की मौत’, ‘कहीं कुछ नहीं’, ‘खिड़की’, ‘शिल्पहीन’ जैसी कई कहानियां खूब पढ़ी और...
सिनेमास्मृति

रवीन्द्रनाथ और हिंदुस्तानी सिनेमा

गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के जन्मदिवस पर प्रदीप दाश रवीन्द्रनाथ टैगोर ने साहित्य की सभी विधाओं में लिखा लेकिन सबसे पहले वह एक कवि ही थे....
स्मृति

‘ गोरा ’ में खचित जटिल समय

उन्नीसवीं सदी की आखिरी चौथाई की समूची हलचल का साक्ष्य इस उपन्यास से हासिल होता है. समय को रवींद्रनाथ ने केवल तारीख के रूप में...
स्मृति

कार्ल मार्क्स की एक नई जीवनी

 मार्क्स के बारे में पैदा हुई हालिया रुचि की नवीनता का एक नमूना उनकी एक नई जीवनी है । सितंबर 2011 में लिटिल ब्राउन एंड...
स्मृति

मार्कण्डेय की कहानियों में भूख और अकाल के चित्र

दुर्गा सिंह
मार्कण्डेय के जन्मदिन 2 मई पर यूँ तो भारत में उदारीकरण की नीतियों को स्वीकार करने के बाद से ही कृषि सर्वाधिक तबाही झेलने वाला...
स्मृति

कला-साहित्य जगत के चार शख्सियतों के निधन पर जन संस्कृति मंच ने शोक व्यक्त किया

इरफान, उषा गांगुली, महेंद्र भटनागर और ऋषि कपूर चारों इस मायने में महत्वपूर्ण थे कि चारों जनपक्षधर थे, चारों सांप्रदायिक कट्टरता के विरोधी थे, चारों...
जनमतस्मृति

सफ़र अभी मुक़म्मल नहीं हुआ !

समकालीन जनमत
आशीष कुमार क्या उन सब्ज आंखों को भुलाया जा सकता है ? क्या उस बेतकल्लुफ़ और बेपरवाह हंसी को समेटा जा सकता है ?क्या कला...
सिनेमास्मृति

मुझे लगा कि मैं एक्टिंग में अपने आपको एक्सप्लोर कर सकता हूँ – इरफ़ान खान 

समकालीन जनमत
राज्य सभा टी वी के मशहूर प्रोगाम 'गुफ़्तगू' में  एक्टर इरफ़ान खान के साथ इरफ़ान की बातचीत...
स्मृति

इतनी जल्दी नहीं जाना था आपको

आशुतोष चन्दन
पानसिंग तोमर देखने के बाद यही सोचता रहा था कि काश आख़िरी सीन में पानसिंग को गोली न लगती। वो अपनी वो रेस जीत जाता...
स्मृति

अलविदा प्रिय अभिनेता

दिवस
  कुछ अभिनेताओं की पर्दे में उपस्थिति वैसी ही ख़ुशी देती है जैसे अपने किसी बहुत अज़ीज़ को देखकर रोम-रोम ख़ुशी से लहरा उठते हैं....
स्मृति

मशहूर अभिनेता इरफान खान नहीं रहे

समकालीन जनमत
मशहूर अभिनेता इरफान खान का आज मुम्बई के कोकिला बेन अस्पताल में निधन हो गया। 54 वर्षीय इरफान खान की तबियत कल शाम अचानक बिगड़...
स्मृति

‘गाओ कि जीवन गीत बन जाए’ लिखने वाले कवि, गीतकार महेन्द्र भटनागर नहीं रहे

कौशल किशोर
महेन्द्र भटनागर की कविताएं बाहर की दुनिया के साथ भीतर की दुनिया में उतरती हैं. प्रणय और प्रकृति प्रेम पर लिखी  इनकी कविताएं हमें केदारनाथ...
स्मृति

जिंदादिली और जीवटता की अद्भुत मिसाल थे कामरेड अखिलानंद पांडेय

समकालीन जनमत
ऐसे प्रतिबद्ध, जिंदादिल एवं अद्भुत जीवट वाले बहादुर कम्युनिस्ट योद्धा का हमारे बीच से जाना समूचे कम्युनिस्ट व मजदूर आंदोलन की भारी क्षति है....
स्मृति

विजय दिवस : बाबू कुँवर सिंह तेगवा बहादुर

बलभद्र
फगुआ के दिन ढोल-झाल के साथ लोग ताल ठोका करते थे। बारह बजे के बाद सेवक काका (रामसेवक सिंह) के दुआर पर लोग जमा होने...
स्मृति

सत्‍यजीत राय – आत्‍मबोध की विश्‍वजनीनता

समकालीन जनमत
 कुमार मुकुल जब कोई प्रतिभा उद्बोधन के नये स्‍तरों को अपने कलात्‍मक संघर्ष से उद्घाटित करने की कोशिश करती है तो समय और प्रकृति अपने...
स्मृति

लेनिन : जो समय से प्रभावित ही नहीं, जिसने समय को प्रभावित भी किया

गोपाल प्रधान
1917 के अक्टूबर/नवम्बर महीने में रूस में एक ऐतिहासिक अश्रुतपूर्व प्रयास हुआ। वह प्रयास उन्नीसवीं सदी की क्रांतियों को पूर्णता प्रदान करने वाला था और...
स्मृति

डाॅ श्याम बिहारी राय : प्रकाशन जगत का ध्रुवतारा

डाॅ श्याम बिहरी राय का जाना मात्र एक प्रकाशक का जाना नहीं है बल्कि यह प्रकाशन के साथ समाज, साहित्य आौर विचार की दुनिया की...
स्मृति

प्रतिलिपियों से भरी इस दुनिया में चंदू मौलिक होने की जिद के साथ अड़े रहे

समकालीन जनमत
( आज जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर का स्मृति दिवस है . 31 मार्च 1997 को सिवान में आरजेडी सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के...
स्मृति

‘मैला आंचल’ में आदिवासी संघर्ष (फणीश्वरनाथ रेणु के जन्मदिन पर विशेष)

सुधीर सुमन
‘देश हुआ आज़ाद, आदिवासियों को मिला आजीवन कारावास’ हिंदी कथा-साहित्य में आदिवासी जीवन-प्रसंग बहुत कम हैं। रेणु एक ऐसे कथाकार हैं, जिन्होंने अपने बहुचर्चित उपन्यास...
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