समकालीन जनमत

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जनमत

संविधान की रक्षा के लिए देशव्यापी नागरिक प्रतिरोध तेज करें— जन संस्कृति मंच

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जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के लोकतांत्रिक प्रतिरोध का दिल्ली पुलिस द्वारा बर्बर दमन देश को गृहयुद्ध  की आग में झोंकने की सोची समझी साजिश...
ख़बरजनमत

दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले के ख़िलाफ़ एकजुट हों: सीपीआई-एमएल दिल्ली

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दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया नगर में जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले की निंदा  दिल्ली पुलिस को जा‌मिया कैम्पस और जामिया नगर को तुरंत...
कविताजनमत

भगवान स्वरूप कटियार की कविताएँ : जीवन को बचाने के लिए ज़रूरी है प्रेम

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कौशल किशोर ‘आज हम सब/हो गए हैं/अपनी-अपनी सरहदों में जी रहे हैं छोटे-छोटे उपनिवेश और एक-दूसरे के लिए/पैदा कर रहे हैं भय, आतंक, दहशत/और गुलामी...
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शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और पुलिसिया दमन अलोकतांत्रिक: फेडकूटा

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FEDCUTA (फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर्स) शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर हमले की निंदा करता है! FEDCUTA राजधानी के विश्वविद्यालय परिसरों...
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‘ आपकी चिंता में पड़ोसी देश का हिंदू नहीं है, आपके निशाने पर इस देश का मुसलमान है ’

हिमांशु पंड्या
“सर, पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के बारे में भी कुछ लिख दीजिए.” मेरे एक दक्षिणपंथी रुख वाले पुराने विद्यार्थी ने लिखा. यही तर्क भाजपा कब से...
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नागरिकता संशोधन विधेयक : आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे ज़्यादा निरंकुश और भेदभावकारी क़ानून

समकालीन जनमत
अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के ठीक एक दिन पहले लोकसभा ने नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) 2019 को पास कर दिया। भारत की नागरिकता की मूल शर्तों...
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आम आदमी की हमसफ़र कहानियों के कहानीकार स्वयं प्रकाश

समकालीन जनमत
रत्नेश विष्वक्सेन आम आदमी की हमसफर कहानियों के कहानीकार स्वयं प्रकाश जी का इस तरह चले जाना उदास करता है।उनकी रिक्तता को उनकी कहानियां भरेंगी...
जनमतशख्सियतस्मृति

एक हमदर्द दोस्त की तरह मिलीं स्वयंप्रकाश की कहानियाँ

सुधीर सुमन
स्वयं प्रकाश से मिलने का इत्तिफाक नहीं हुआ, पर उनकी कहानियां इत्तिफाकन जिंदगी के बेहद बेचैन वक्तों में मेरे करीब आईं और मुझे किसी हमदर्द...
जनमतशख्सियतस्मृति

क्या तुमने कभी स्वयं प्रकाश को देखा है ?

समकालीन जनमत
प्रवीण कुमार क्या तुमने कभी स्वयं प्रकाश को देखा है ? हाँ ! मेरा यही जवाब है . देखा है और तीन बार मुलाकात भी...
जनमतशख्सियतस्मृति

स्वयं प्रकाश की कहानियाँ: कुछ नोट्स

समकालीन जनमत
रेखा सेठी स्वयं प्रकाश जी का जाना हिंदी कहानी में एक युग के अंत का सूचक है। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक पुराना लेख साझा...
कविताजनमत

सुघोष मिश्र की कविता वर्तमान की जटिलताओं से उपजे द्वंद्व की अभिव्यक्ति है

समकालीन जनमत
आलोक रंजन सुघोष मिश्र की कविताओं को पढ़कर लगा कि उनकी कविताओं से परिचय कराना सरल कार्य नहीं है । इसके पीछे का एक सीधा...
जनमतशख्सियतस्मृति

हमारे समय का सबसे ज़िंदादिल कथाकार चला गया

समकालीन जनमत
मिहिर पंड्या ‘अशोक और रेणु की असली कहानी’, ‘क्या तुमने कभी सरदार भिखारी देखा है’ जैसी अनेक अविस्मरणीय कहानियाँ लिखने वाले महत्वपूर्ण कथाकार स्वयंप्रकाश जी...
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लोकतंत्र नहीं, लिंचिंग तंत्र

विरूप
‘बालवांश्च यथा धर्मं लोके पश्यति पूरुषः। स धर्मो धर्मवेलायां भवत्यभिह्तः परः।। लोक में बलवान पुरुष जिसे धर्म समझता है, धर्म-विचार के समय लोग उसी को...
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हैदराबाद फ़र्जी एनकाउंटर पर ऐपवा का बयान : हिरासत में हत्या हमारे नाम पर न हो

समकालीन जनमत
हम, महिला आंदोलन के कार्यकर्ता, महिलाओं के लिए वास्तविक न्याय की मांग करते हैं। हम चाहते हैं कि पुलिस अपना काम करे, और महिलाओं के...
कविताजनमत

भाषा के अनोखे बर्ताव के साथ कविता के मोर्चे पर चाक चौबंद कवि कुमार विजय गुप्त

समकालीन जनमत
नवनीत शर्मा इस कवि के यहां अनाज की बोरियों का दर्द के मारे फटा करेजा नुमायां होता है…। यह उन शब्दों की तलाश में है...
जनमतशख्सियतस्मृति

भोजपुर के चमकते लाल सितारे

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  शहादत की 44वीं बरसी : कॉ. जौहर, कॉ. निर्मल व कॉ. रतन को लाल सलाम! आज 29 नवंबर है। 1975 में आज ही के दिन भाकपा-माले...
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हमारा हाथ जेएनयू के साथ

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27नवंबर, इलाहाबाद शिक्षा के निजीकरण व कैंपसों में दमन पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर इलाहाबाद में प्रतिवाद मार्च जेएनयू में फीस वृद्धि...
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शिक्षा के निजीकरण, जेएनयू पर हमले और बीएचयू के साम्प्रदायीकरण की कोशिश के ख़िलाफ़ आज़मगढ़ में प्रतिवाद मार्च

समकालीन जनमत
आज़मगढ़, 27 नवम्बर 2019 शिक्षा के निजीकरण, जेएनयू पर हमले और बीएचयू के साम्प्रदायीकरण की कोशिश के खिलाफ आज़मगढ़ में नागरिक मंच के बैनर तले...
जनमतव्यंग्य

सब घाल-मेल है भाई

विरूप
जेएनयू का मसला चल ही रहा था कि हुक्मरानों की मेहरबानी से न्यायालय, संविधान, न्यायमूर्ति, राष्ट्रपति, राज्यपाल जैसे जुमले हवा में तैरने लगे हैं. पूरा...
जनमत

‘दलित आंदोलन ने कला को धर्म के शिकंजे से आज़ाद किया’

सुशील मानव
‘ दलित आंदोलन :  साहित्य और कलाएं ’ विषय पर विचार गोष्ठी ‘चित्रकला और धर्म’, ‘मूर्तिकला में स्त्री और दलित ‘, ‘चित्रकला में दलित आंदोलन’,...
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