समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कहानीजनमतसाहित्य-संस्कृति

हलयोग: कहानी का समाज और समतामूलक समाज निर्माण की अड़चनें

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मोहम्मद उमर  मार्कण्डेय ग्राम कथाकार हैं। वह जीवन से सीधे साक्षात्कार करने वाले कथाकार हैं। ग्राम जीवन का चित्रण अपनी कथाओं में मार्कण्डेय पूरी सजीवता...
जनमत

“तुम्हारे होने से होता है सब” मायामृग की कविताएँ

समकालीन जनमत
गणेश गनी राजस्थान के कवि माया मृग की कविताएँ अपनी ओर एक गहरे आकर्षण से खींचती हैं। उनकी कविताओं में कल्पना यथार्थ को और मार्मिक...
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खोई चीज़ों का शोक: जीवन की स्मृतियों से झकझोर खायी कविताएँ

समकालीन जनमत
अनुपम सिंह समकालीन हिंदी कविता में सविता सिंह प्रकृति के क़रीब रहने वाली कवियों में से हैं। सविता सिंह प्रकृति के प्रत्येक क्रियाकलाप को अनिवार्य...
जनमत

वसंत तुम कहाँ हो ?

समकालीन जनमत
पीयूष कुमार   इस साल कैलेंडर पर वसंत जल्द आ गया लगता है क्योंकि जाड़े को भी इस वर्ष ‘मैं झुकेगा नई’ का स्वैग चढ़ा...
कविता

नई कलम: प्रशांत की कविताएँ अकेलेपन की यातना से जूझते हुए युवा मन की अभिव्यक्ति हैं

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राग रंजन   अपने किसी मित्र की कविताओं पर कुछ लिखते हुए तटस्थ रह पाना मुश्किल होता है। यह सतर्कता बरतनी होती है कि आपकी...
पुस्तक

पार्वती: कवि-कहानीकार शेखर जोशी की अपनी धरती और अपने लोगों से बहुत गहरे प्यार की कविताएँ हैं

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सदाशिव श्रोत्रिय मैं देखता हूं कि हमारे अधिकांश लेखक “ नौस्टाल्जिया” शब्द का प्रयोग अक्सर इसके नकारात्मक अर्थ में ही करते हैं । मेरे ख्याल...
कविता

पुष्पराग की कविताएँ संवेदना और पर्यावरण को सहेजने की कोशिश हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय   पुष्पराग की कविताओं का मूल स्वर एक ऐसे युवा एक्टिविस्ट का वह तेवर है जो अपने परिवेश में व्याप्त विषमताओं को लेकर...
साहित्य-संस्कृति

गरीब-भूमिहीन किसानों के मौजूदा हालात को स्पष्टता से प्रस्तुत करती है हेमन्त कुमार की कहानी ‘धर्मदास की गाय’

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ओमप्रकाश सिंह अपनी कहानी “धर्मदास की गाय” के जरिए कहानीकार हेमन्त कुमार ने मौजूदा दौर में गरीब भूमिहीन किसानों की सामाजिक आर्थिक स्थिति, उनके संकटों-समस्याओं...
कविता

चंद्रेश्वर की कविताएँ सरलता और संघर्ष को ज़रूरी जीवन मूल्य के रूप में बरतने का आग्रह हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर चंद्रेश्वर चार दशक से साहित्य सृजन में रत कवि, आलोचक और गद्यकार हैं। उनके तीन कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। ‘अब भी’...
पुस्तक

साधारण लोग असाधारण शिक्षक: निराशा के कुहासे को काटती कहानियाँ

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प्रतिभा कटियार सरल होना इतना कठिन क्यों होता है आखिर? सीधी सी बात होती है फिर वह भाषा के जाल में उलझकर क्यों एक पहेली...
पुस्तक

रिक्त स्थान और अन्य कविताएँ: इन कविताओं से गुज़रते हुए प्रेम और कोमलता की बहुत सारी तहों से हमारा साबिका पड़ता है

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प्रियदर्शन ऐसी कई किताबें हैं जिन पर पिछले दिनों लिखने की इच्छा होती रही लेकिन लिखना टलता रहा। शिवप्रसाद जोशी का कविता संग्रह ‘रिक्त स्थान...
कविता

कल्पना पंत की कविता अबोध-अनछुए मौलिक जीवन को बचाने की आकांक्षा है

समकालीन जनमत
कल्पना मनोरमा कविता क्या है? कोई मुझसे पूछे तो मैं यही कहूँगी कि कविता एक निहायत ज़रूरी ज्योतित आवाज़ है. जो पहले उसे जगाती है...
कविता

हेमंत देवलेकर की कविताएँ बदल रहे समय पर गहन दृष्टि से उपजे सवाल हैं

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निरंजन श्रोत्रिय युवा कवि हेमंत देवलेकर की कविताओं से गुजरना वह सुखद अहसास है जो मौसम की बारीकियों को समझने, समय को बीतते हुए महसूसने...
कविता

सौम्या सुमन की कविताएँ अनसुने-अनकहे के दरमियान प्रेम के सहज सौन्दर्य की बानगी हैं

समकालीन जनमत
प्रभात मिलिंद मेरे विचार में कविताओं को पानी की शांत सतह पर गिरते हुए एक सूखे पत्ते की तरह होना चाहिए– दृश्य में एकदम स्पंदनहीन...
पुस्तक

कमला सिंघवी की किताब ‘दाम्पत्य के दायरे’ के बहाने कुछ बातें

समकालीन जनमत
निकिता हाल ही में मैंने “कमला सिंघवी” की पुस्तक “दाम्पत्य के दायरे” पढ़ा, जिसे पढ़ते समय एक स्थान पर बैठे हुए ही मानो मैंने एक...
कहानी

हेमंत कुमार की कहानी ‘धरमदास की गाय’

समकालीन जनमत
हेमन्त कुमार कातिक महीने की सांझ ढलने वाली थी। दीपावली बीत चुकी थी, छठ आने वाली थी। बहुत धीमी पुरवैया के चलते मौसम मे थोड़ी...
पुस्तक

ज़ीरो माइल पटना : तीन धाराओं से बनी किताब

समकालीन जनमत
पटना, 21 दिसंबर। जिस तरह पटना तीन नदियों से घिरा है उसी तरह संजय कुंदन की किताब भी कहानी, उपन्यास और कविताओं से मिलाकर बनी...
कविता

उमेश पंकज की कविताएँ जनता की अदम्य शक्ति और साहस की बानगी हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर   ‘बिजलियों की गड़गड़ाहट/और बारिश की बूंदों में/परिलक्षित होता है मालिक का शोर/और मजदूरों का मार्मिक विलाप/न जाने यह कैसी विडंबना है/उषा काल...
ख़बर

सत्ता से सवाल करने वाले पत्रकार थे विनोद दुआ

समकालीन जनमत
मशहूर पत्रकार विनोद दुआ का आज शाम निधन हो गया। उनकी बेटी मल्लिका दुआ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर अपने पिता के निधन की...
ख़बर

आइसा के राज्य सम्मेलन में शिक्षा के निजीकरण और रोज़गार के मुद्दे पर मुकम्मल लड़ाई छेड़ने का संकल्प

समकालीन जनमत
35 सदस्यीय राज्य परिषद नेआयुष श्रीवास्तव को राज्य अध्यक्ष और  शिवम सफीर को राज्य सचिव चुना  लखनऊ। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) उत्तर प्रदेश का...
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