समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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पुस्तक

वैश्विकता और स्‍थानीयता को जोड़ने वाली आत्‍मालोचना युक्‍त भावना

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल ताइवान के वरिष्ठ कवि, आलोचक ली मिन-युंग की कविताएँ आजादी, प्रेम और स्‍वप्‍न की भावनाओं को सहज और सचेत ढंग से स्‍वर देती...
कविता

सोनू यशराज की कविताएँ किताबों से एक स्त्री का संवाद हैं

समकालीन जनमत
आलोक रंजन सोनू यशराज की अधिकांश कविताएँ किताबों को समर्पित हैं और शेष स्त्री प्रश्नों से जुड़ी हुई । किताबों के माध्यम से रचनाकार ने...
ज़ेर-ए-बहस

आलोचनात्मक साहित्य को सेंसर करना देश को कमजोर बनाता है:लेखक और सांस्कृतिक संगठन

समकालीन जनमत
सिलेबस से बाहर की गई रचनाओं को बहाल करे दिल्ली विश्वविद्यालय- दस संगठनों का संयुक्त बयान साम्प्रदायिक फासिस्ट शक्तियां स्वभावतः साहित्य, संस्कृति और वैज्ञानिक शिक्षा...
कविता

प्रेम की अँजोरिया फैलाती हैं नीरज की कविताएँ

समकालीन जनमत
रमण कुमार सिंह अवधी पृष्ठभूमि के कवि नीरज की कविताएँ किसान जीवन और संस्कृति से हमारा साक्षात्कार कराती हैं। सबसे ज्यादा आकर्षित करती है उनकी...
जनमत ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-छब्बीस

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  किसान आंदोलन का भविष्य (आखिरी कड़ी) किसान आन्दोलन  को इस समय तीन मोर्चों पर संघर्ष को आगे बढ़ाना होगा। पहला मोर्चा उन्होंने 26-27...
जनमत ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-पच्चीस

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण    किसान आंदोलन के नौ महीने, उपलब्धियां, चुनौतियां और संभावनाएं। किसान आंदोलन के तरफ से 9 महीने पूरे होने पर सिंघू बॉर्डर पर...
जनमत ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-चौबीस

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  किसान आंदोलन का नौ महीना 26 अगस्त को किसान आंदोलन के 9 महीने पूरे हो गए । आज संयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा...
पुस्तक

कितने बहानों के बीच देश काल: अरुणाभ सौरभ का काव्य संग्रह ‘किसी और बहाने से’

समकालीन जनमत
रोमिशा  जाने कितने बहानों से कवि अपने ईर्द -गिर्द के समाज, देश, काल में क्या सब देख लेता है और उसी देखने के क्रम में...
कविता

जसिंता केरकेट्टा की कविताएँ सत्ता की भाषा के पीछे छुपी मंशा को भेद कर उसके कुटिल इरादों को बेनकाब करती हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री जसिंता केरकेट्टा की कविताओं को महज जनजातीय स्मृतियों अथवा चेतना की कविताएँ कहना न्यायसंगत न होगा। अपने पर्यावरण और जातीय स्मृतियों...
जनमत ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-तेईस

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  उदारीकरण का विश्व कृषि ढांचे पर प्रभाव 15 अगस्त को संयुक्त किसान मोर्चा के आवाहन पर भारत के किसान और किसान संगठन तिरंगा...
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