समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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स्मृति

हमीदिया रोड की उस बिल्डिंग से उठकर हमारे दिल में बस गये मंज़ूर सर

समकालीन जनमत
पुष्यमित्र इन दिनों अपने देश में पतझड़ का मौसम है। इस पतझड़ में जो बसंत के बाद आया है, सिर्फ सूखे पत्ते ही नहीं बड़े-बड़े...
जनमत

ख़ुदाबख़्श लाइब्रेरी: ज्ञान के एक और केंद्र पर हमला

समकालीन जनमत
जीतेन्द्र वर्मा बिहार में ख़ुदाबख़्श खां ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को तोड़ने की तैयारी हो रही है। ओवरब्रिज के निर्माण के लिए सरकार देर – सवेर...
कविता

Featured कविता कादम्बरी की कविताएँ अपने समय के संघर्षों के आब और ताब को दर्ज करती हैं

समकालीन जनमत
विशाखा मुलमुले एक तारे के होने भर से नहीं रहता खाली आसमान , हमारी खोजी नजरें आसमान में खोज ही लेती है वह तारा ।...
स्मृति

शंख घोष को याद करते हुए

समकालीन जनमत
 मीता दास   बांग्ला साहित्य का एक युग अचानक ख़त्म हो गया । कोरोना महामारी एक मूर्धन्य साहित्यकार को निगल गई। वे बांग्ला साहित्य में...
कविता

राकी गर्ग की कविताएँ उदासी से जूझती हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री राकी गर्ग की ये कविताएँ नितांत निजी एवं उनके अनुभव संसार की कोमलतम अभिव्यक्तियाँ हैं। इन अनुभवों में जातीय स्मृतियाँ हैं,...
सिनेमा

फ़िल्म ‘द सोर्स’ : ‘से नो टू सेक्स फॉर वाटर’

समकालीन जनमत
प्रतिभा कटियार मेरे घर के ठीक सामने एक कुआँ था. कुआँ अपनी सामन्य भव्यता के साथ मुस्कुराता था. यानी वो पक्का कुआँ था. उसकी जगत...
कविता

देवयानी की कविताएँ ग़लती करने की ख़ुदमुख्तारी को हासिल करने की जद्दोजहद हैं

समकालीन जनमत
हिमांशु पण्ड्या प्रारंभिक दौर के स्त्री लेखन में परम्परा के नाम पर बनी शृंखला की अदृश्य कड़ियों को नज़र के सामने लाने पर बल रहा,...
कविता

शिव कुशवाहा की कविताएँ अपने समय के संघर्षों को दर्ज करती हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर युवा कवियों ने कविता को नया तेवर दिया है। यह कथ्य तथा शिल्प दोनों स्तर पर देखा जा सकता है। कविता के क्षेत्र...
कविता

वासुकि प्रसाद ‘उन्मत्त’ की कविता जीवन की प्रतिक्रिया से कविता की प्रक्रिया तक ज़रूरी और नैसर्गिक यात्रा है

समकालीन जनमत
आलोक कुमार श्रीवास्तव इस कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में साहित्यिक हस्तक्षेप कैसा हो, यह बात हर लोकतंत्र-प्रेमी साहित्यिक सोचता है। धूर्त सत्ता द्वारा जनता के...
पुस्तक

‘बलमा जी का स्टूडियो’ लोक की लय से लबरेज़ कहानी संग्रह है

समकालीन जनमत
गति उपाध्याय ‘यशपाल कथा सम्मान’ से सम्मानित कहानी संग्रह ‘बलमा जी का स्टूडियो’ लोक साहित्य और लोक भाषा की महत्वपूर्ण दस्तावेजी कृति है | भविष्य...
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