समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कविता

दुर्गेश की कविताऍं कच्ची-पक्की स्मृतियों की ताज़ी व पहली तोड़ हैं

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नीरज हमारे इर्द-गिर्द हमेशा अनुत्तरित आत्माभिव्यक्तियों के गुबार मौजूद होते हैं जिन्हें केवल सहृदय ही महसूस कर पाते हैं, कवि-हृदय इस मामले में सबसे सहज...
कविता

शचीन्द्र आर्य की कविताएँ वापस लौट आने की संभावना हैं

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राग रंजन शचीन्द्र आर्य की कविताएँ आज की हिंदी कविता में एक ऐसे हस्तक्षेप के रूप में पढ़ी जानी चाहिए, जो तेज़ आवाज़ में नहीं,...
कविता

कवि जितेंद्र विसारिया की कविताएँ समाज और सत्ता के खोखलेपन को बेनक़ाब करती हैं।

समकालीन जनमत
रौशन कुमार कवि जितेंद्र विसारिया जी की कविताएँ समाज और सत्ता के दोहरेपन तथा खोखलेपन को बेनक़ाब करती हैं। इनकी कविताएँ धर्म, मिथक, इतिहास और...
जनमत

संविधान निर्माता डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन

समकालीन जनमत
  सुल्तानपुर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक द्वारा सुल्तानपुर के बरामदपुर गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस...

‘काँस के फूलों ने कहा, जोहार !’: देशज सौंदर्य और स्त्री चेतना के विविध स्वर

समकालीन जनमत
डॉ. जिन्दर सिंह मुंडा ‘काँस के फूलों ने कहा, जोहार !’ डॉ प्रज्ञा गुप्ता का पहला काव्य- संग्रह है । सद्य: प्रकाशित इस काव्य- संग्रह...
कविता

चंदन सिंह की कविताएँ आत्मयात्रा के अनुभवों को आकार देने की कोशिश हैं

गौरव पाण्डेय चंदन मूलतः युवा चित्रकार हैं और कविताएँ लिखते हैं। चंदन के पास ऐसी भाषा है जो बोलने से ज़्यादा सुनने और ठहरने की...
पुस्तक

कीर्तिगान : भीड़ हत्या का दस्तावेज़ी यथार्थ

समकालीन जनमत
जितेन्द्र विसारिया यह कहा जाता है कि भीड़ का कोई मस्तिष्क नहीं होता, किंतु जब भीड़ किसी विचार या विचारधारा से संचालित होती है, तब...
जनमत

मुस्लिम राजनीति का ओवैसी और अजमल मॉडल

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  आरएसएस के उन्मादी हिंदुत्व  ने भारतीय राज्य की सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है। राज्य की एकतरफा कार्रवाई और मीडिया के उद्दंड...
कविता

जयमाला की कविताएँ मनुष्य की बेचैनी और विस्थापन की कथा कहती हैं।

समकालीन जनमत
प्रज्ञा गुप्ता जयमाला की कविताएँ आज के समय की विडंबना एवं सच्चाई को मार्मिकता से सामने लाती हैं। इन कविताओं को पढ़कर हम यह सोचने...
कविता

कंचन सिंह की कविताएँ स्त्री-मन, स्त्री-पीड़ा की मौलिक अभिव्यक्ति हैं।

समकालीन जनमत
अजय दुर्ज्ञेय   कंचन सिंह की कविताओं से यह मेरी संभवत पहली मुलाक़ात है और पहली ही मुलाक़ात में उनकी कविताओं के विषय और विषयगत...
कविता

विनोद कुमार ‘हंस’ की कविताएँ सामाजिक रूढ़ियों के प्रति विद्रोह दर्ज करती हैं

हरे प्रकाश उपाध्याय विनोद कुमार ‘हंस’ कविता की दुनिया में बिलकुल अभी-अभी दाखिल हो रहे कवि हैं। फ़िलहाल उनका स्वागत और स्वीकार इसी रूप में...
जनमत

अच्छे मुसलमान, बुरे मुसलमान: ज़ोहरान ममदानी के हवाले से

समकालीन जनमत
इस दौर में जबकि न्यूयॉर्क की चुनावी जीत ने राजनीति के व्याकरण को झिंझोड़ कर रख दिया है, कम से कम अमेरिका में तो ‘अच्छे’...
जनमत

मुक्तिबोध की कविताएं आज के अंधेरे में मशाल की तरह हैं

समकालीन जनमत
  इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बरगद लॉन में बुधवार को छात्रों की साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था ‘परिवेश’ के तहत गजानन माधव मुक्तिबोध की जयंती की याद में एक...
कविता

पूर्णिमा साहू की कविताएँ दृष्टि संपन्नता की पूंजी लेकर आई हैं

समकालीन जनमत
अणु शक्ति सिंह पूर्णिमा साहू की कविताओं पर पहली दृष्टि पड़ते ही उनकी राजनीतिक समझ की झलक आ जाती है। ऐसे समय में जब स्त्री...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

छत्तीसगढ़ में जन संस्कृति मंच ने मनाया स्थापना समारोह

समकालीन जनमत
छत्तीसगढ़ में जन संस्कृति मंच ने किसानों-मजदूरों और ग्रामीण बच्चों के बीच मनाया स्थापना समारोह बंगोली गांव में बच्चों के बीच वितरित की गई साहित्यिक...
पुस्तक

ज्योति कलश : इतिहास और साहित्य को एक सूत्र में पिरोने की कोशिश

समकालीन जनमत
सुजीत कुमार   ज्योति कलश : ज्योति बा फुले और सावित्रीबाई फुले की क्रांतिकारी जीवन गाथा (संजीव कृत उपन्यास ‘ज्योति कलश’ की पुस्तक समीक्षा) ‘ज्योति...
कविता

प्रियंका यादव की कविताएँ प्रेम में स्त्री-मन की उधेड़बुन से रूपाकार ग्रहण करती हैं

समकालीन जनमत
अनुराग यादव कविता भावों का एक संसार निर्मित करने की संभावना स्वयं में समेटे रहती है, उसे आवश्यकता होती है एक सहृदय पाठक की |...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति

सामाजिक सरोकारों, संवेदनाओं और काव्य-रसों से सराबोर उपन्यासिका ‘माई रे’  

समकालीन जनमत
आलोक कुमार श्रीवास्तव   उपन्यास को जीवन का महाकाव्य कहा गया है। काव्यशास्त्र कहता है कि जीवन के रस ही कविता में आकर पाठक या...
साहित्य-संस्कृति

जन संस्कृति मंच का 40वां स्थापना दिवस घुटूवा शहीद स्मारक में संपन्न

30 अक्टूबर, 2025 को रामगढ़ जिले के घुटूवा 1नंबर गेट स्थित शहीद स्मारक में घुटूवा गोलीकांड के शहीदों रिझनी देवी, बलकहिया देवी और रामप्रसाद महतो...
कविता

कुमार लव की कविताएँ शब्दों तथा दृश्यों का सुंदर समन्वय हैं

समकालीन जनमत
चित्रा पंवार ‘कविता वह सुरंग है जिसके भीतर से मनुष्य एक विश्व को छोड़कर दूसरे विश्व में प्रवेश करता है’ यकीनन हिंदी के महान कवि...
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