Tag : समकालीन हिंदी कविता की नई कलम

कविता

हर्ष की कविताएँ रचनात्मक आश्वस्ति देती हैं

समकालीन जनमत
हर्ष अपनी कविताओं के जरिए एक रचनात्मक आश्वस्ति देते हैं बेहतर भविष्य को बुनने का. उनका दखल केवल विषयों के सटीक चयन तक ही नहीं...
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जोराम यालाम नाबाम की कविताएँ जीवन की आदिम सुंदरता में शामिल होने का आमंत्रण हैं

समकालीन जनमत
बसन्त त्रिपाठी जोराम यालाम नाबाम की कविताओं में आतंक, भय, राजनीतिक दाँव-पेंच, खून-खराबे से त्रस्त जीवन को आदिम प्रकृति की ओर आने का आत्मीय आमंत्रण...
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गौरव भारती की कविताएँ अपने समय और सियासत की जटिलताओं की शिनाख़्त हैं

समकालीन जनमत
निशांत कोई कवि या कविता तब हमारा ध्यान खींचती है, जब वो हमारे भीतर के तारों को धीरे से छू दे । हमारे भावलोक में...
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स्‍त्री और प्रकृति की नूतन अस्तित्‍वमानता को स्‍वर देतीं ऋतु मेहरा की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल    ऋतु मेहरा की कविताएँ आपाधापी भरे जीवन और प्रकृति के विस्‍तृत वितान के मध्‍य एक तालमेल बिठाने का प्रयास करती कविताएं हैं।...
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बबली गुज्जर की कविताएँ ‘औरत के मन की राह’ को एसर्ट करती हैं

समकालीन जनमत
अमरेंद्रनाथ त्रिपाठी प्रेम इन कविताओं में आवर्ती विषयवस्तु की तरह है। इसी के जरिये रचनाकार अन्य जरूरी संवेदनात्मक पक्षों पर भी मुखर हुआ है। एक...
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अर्पिता राठौर की कविताएँ लघुता की महत्ता की अभिव्यक्ति हैं

समकालीन जनमत
साक्षी सिंह अर्पिता की कलम एकदम नई है और ख़ुद को अभिव्यक्त करने की बेचैनी से ज़्यादा जो अभिव्यक्त है उसके हर सम्भव आयाम को...

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