समकालीन जनमत

Tag : कविता

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कोरोना काल में कविता संवाद : पहले चार लाठियां मिलती हैं / फिर दो रोटियां / सुन्दरपुर दूर है अभी

लखनऊ. जन संस्कृति मंच की ओर से फेसबुक पर चलाये जा रहे ‘कविता संवाद’ लाइव कार्यक्रम के तहत 3 मई को  आठ रचनाकारों की कोरोना...
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दिनेश कुमार शुक्ल ने किया अपनी कविताओं का लाइव पाठ

दीपक सिंह
समकालीन जनमत से मजदूर दिवस के लाइव कार्यक्रम की दूसरी कड़ी में आज 1 मई को सांय 4 बजे से हिन्दी जगत को ‘जाग मेरे...
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भूख दुनिया की सबसे पहली महामारी है

आज 1 मई है, जिसे पूरी दुनिया में मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है. मजदूरों के सम्मान, उनके हक और उनके संघर्षों को...
कविता

मैं इस श्रम को, आग को और पानी को बचा लेना चाहता हूँ

मजदूर दिवस पर अंजन कुमार  का काव्य पाठ. अंजन कुमार जन संस्कृति मंच, भिलाई इकाई के सचिव हैं । आज 1 मई को मजदूर दिवस...
कविता

कोरोना काल में स्त्री कविता :  ‘ये खाई सदियों पुरानी है/यह सूखी रोटी और पिज्जा के बीच की खाई है’

समकालीन जनमत
जन संस्कृति मंच की ओर से फेसबुक पर चलाये जा रहे ‘कविता संवाद’ लाइव कार्यक्रम के तहत 26 अप्रैल को सात कवयित्रियों  की रचनाएं सुनाई...
कविता

कोरोना काल में कविता :  ‘ रिसते दिखे पाँवों से खून, इस पर क्या लिखूं / दिखे आंखों से बहते खून…..

समकालीन जनमत
कविता अपने समय को रचती है  और समय  भी अपने कवि को बनाता है। कोरोना काल मानव जाति के लिए बड़ा  संकट का काल है।...
कविता

कोरोना काल में कविता : ‘ प्रेम संवाद की भाषा बन जाए ’

समकालीन जनमत
यह कोरोना काल है। पूरी दुनिया इस महामारी के खिलाफ जंग लड़ रही है। लाॅक डाउन चल रहा है। लोग घरों में हैं। सामाजिक व...
शख्सियत

प्रेम और परिवर्तन की तड़प से भरे क्रांतिकारी कवि एर्नेस्तो कार्देनाल मार्तिनेस

समकालीन जनमत
मंगलेश डबराल रूबेन दारीओ, पाब्लो नेरूदा और सेसर वाय्यखो के बाद एर्नेस्तो कार्देनाल लातिन अमेरिकी धरती के चौथे बड़े कवि माने जाते हैं, जिनकी आवाज़...
कविताशख्सियतसाहित्य-संस्कृति

बरेली में वीरेन डंगवाल के स्मारक का लोकार्पण

समकालीन जनमत
साहित्य अकादेमी सम्मान से पुरस्कृत विख्यात हिन्दी कवि वीरेन डंगवाल की स्मृति में बरेली में एक स्मारक का लोकार्पण आज किया गया. हिन्दी के जाने-माने...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

जम्हूरियत की ज़ुबान : अदम गोंडवी

आशुतोष कुमार
  फूल के जिस्म पे पहलू बदल रही तितली , पेट की आग में जलते हुए बशर की तरह . मेरे ज़ेहन में तेरी शक्ल...
साहित्य-संस्कृति

कवि केदारनाथ सिंह पर केंद्रित ‘साखी’ के विशेषांक और उनकी कविताओं पर परिचर्चा

समकालीन जनमत
जन संस्कृति मंच, अलीगढ़ और हिंदी विभाग, श्री वार्ष्णेय कॉलेज, अलीगढ के संयुक्त तत्वावधान में वार्ष्णेय कॉलेज में तीन अक्टूबर को केदारनाथ सिंह पर केंद्रित...
साहित्य-संस्कृति

विस्थापन के दर्द को उकेरती हैं उमेश पंकज की कविताएं

कौशल किशोर
लखनऊ, 6 अक्टूबर। कवि उमेश पंकज  के पहले कविता संग्रह ‘एक धरती मेरे अन्दर’ का आज यहां स्थानीय कैफ़ी आज़मी एकेडमी में लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति

वीरेन डंगवाल की याद: अचानक यह हुआ कि मैं रिसेप्शन में अकेला पड़ गया

समकालीन जनमत
अशोक पाण्डे जब उनसे पहली बार मिला वे नैनीताल के लिखने-पढ़ने वालों के बीच एक सुपरस्टार का दर्जा हासिल चुके थे. उनकी कविताओं की पहली...
पुस्तकसाहित्य-संस्कृति

अवधेश त्रिपाठी की पुस्तक ‘कविता का लोकतंत्र’ पर परिचर्चा

समकालीन जनमत
अनुपम सिंह जन संस्कृति मंच की घरेलू गोष्ठी में अवधेश त्रिपाठी की पुस्तक “कविता का लोकतंत्र” पर परिचर्चा संपन्न हुई . यह परिचर्चा दिनांक 21...
कविताशख्सियतसाहित्य-संस्कृति

वेदों से लेकर लेनिन तक विस्तृत था महादेवी का ज्ञान संसार

इलाहाबाद, 11 सितम्बर स्त्रियों की सांस्कृतिक संस्था कोरस द्वारा महादेवी वर्मा की पुण्यतिथि पर हर वर्ष आयोजित की जाने वाली व्याख्यानमाला की दूसरी कड़ी में...
साहित्य-संस्कृति

प्रतिरोध साहित्य का मूल स्वर है जो समाज निर्माण का स्वप्न लेकर चलता है

डॉ हरिओम
  साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता रहा है. मतलब समाज जैसा है उसे वैसा ही दिखाने वाला लेखन साहित्य है. बचपन से हम...
कविता

कविता के सोलह दस्तावेज़ : गोरख की भोजपुरी कविताएँ

मृत्युंजय
गोरख का काव्य-संसार गहन द्वंद्वात्मक है। उसमें 70 के दशक का उद्दाम वेग और 80 के दशक का ठहराव एक साथ है। सधी हुई दिल...
साहित्य-संस्कृति

जसम की ओर से रचना पाठ ‘पंख खोलूं और उड़ चलूं आसमान में’

कौशल किशोर
लखनऊ: रचनाकार समय और समाज को अपने सृजन का विषय बनाता है। आम आदमी की पीड़ा व संघर्ष की अभिव्यक्ति आज की रचनाओं की विशेषता...
कविता

विमल किशोर की कविताएं

समकालीन जनमत
1980 के दशक में लखनऊ में गठित ‘महिला संघर्ष मोर्चा’ से विमल किशोर ने सामाजिक जीवन का आरम्भ किया। वे इस संगठन की सह संयोजक...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

कवि विद्रोही की याद में कविता पाठ और परिचर्चा

समकालीन जनमत
जनकवि रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ के स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर 7 दिसंबर को जन संस्कृति मंच की दिल्ली इकाई के सचिव रामनरेश राम के...
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