अनिला राखेचा हिंदी युग्म द्वारा प्रकाशित विमलेश त्रिपाठी का ताज़ा-तरीन उपन्यास “हमन हैं इश्क मस्ताना” जितना अद्भुत है उतना ही बेजोड़ है इसका शीर्षक। उपन्यास...
साम्राज्यवाद-उपनिवेशवाद विरोधी रवैये का एक निरंतरता में अनुपालन जितना प्रेमचंद के यहाँ दीखता है, वैसा हिंदी के किसी और लेखक में नहीं. असंख्य मजदूर, किसान,...