कहानी प्रभा दीक्षित के नवगीतों में नारी मन के साथ आमजन भी – कमल किशोर श्रमिकसमकालीन जनमतOctober 3, 2018 by समकालीन जनमतOctober 3, 201803736 ‘ गौरैया धूप की ’ का हुआ लोकार्पण कानपुर। जन संस्कृति मंच, कानपुर के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ प्रभा दीक्षित के नवगीत संग्रह ‘गौरैया...
कवितासाहित्य-संस्कृति वीरेनियत-3: अंत:करण के आयतन को विस्तारित करती कविताओं की शामसमकालीन जनमतOctober 1, 2018October 1, 2018 by समकालीन जनमतOctober 1, 2018October 1, 201802560 वीरेन डंगवाल स्मृति में आयोजित जसम का सालाना कार्यक्रम बीते 28 सितंबर को आयोजित यह वीरेनियत नाम से तीसरा जलसा था। जन संस्कृति मंच की...
कविताजनमत युवा कविता की एक सजग, सक्रिय और संवेदनशील बानगी है निशांत की कविताएँउमा रागSeptember 30, 2018September 30, 2018 by उमा रागSeptember 30, 2018September 30, 201803845 जब भी कोई नई पीढ़ी कविता में आती है तो उसके समक्ष सबसे बड़ा प्रश्न होता है कि वह अपने से ठीक पहले की पीढ़ी...
चित्रकला भारतीय चित्रकला में ‘कथा’ : 3अशोक भौमिकSeptember 29, 2018December 9, 2019 by अशोक भौमिकSeptember 29, 2018December 9, 20199 4062 वह 'कथा' जिसे हम किसी चित्र में चित्रित पाते है , वास्तव में उस कथा से हमारा परिचय चित्र के माध्यम से नहीं बल्कि साहित्य...
मीडिया पत्रकारों पर हमले के ख़िलाफ़ कन्वेंशन में पत्रकार सुरक्षा कानून और प्रेस आयोग के गठन की माँगसुशील मानवSeptember 28, 2018April 8, 2020 by सुशील मानवSeptember 28, 2018April 8, 202001484 नई दिल्ली. कमेटी एगेंस्ट एसॉल्ट ऑन जर्नलिस्ट (काज) द्वारा दिल्ली के कांस्टीट्युशन क्लब ऑफ इंडिया में 22 और 23 सितम्बर को पत्रकारों पर हमले के...
मीडिया गुरिल्ला इमरजेंसी के दौर में मीडिया : मध्यप्रदेश की कहानीजावेद अनीसSeptember 27, 2018September 28, 2018 by जावेद अनीसSeptember 27, 2018September 28, 201802846 भारत में मीडिया की विश्वसनीयता लगातार गिरी है, 2018 विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत 180 देशों की सूची में 2 अंक नीचे खिसकर...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति जबरदस्त कवि, बड़े सम्पादक, सिनेमा और संगीत के अध्येता, गंभीर पाठक, भाषाओं और यारों के धनी विष्णु खरे की यादसमकालीन जनमतSeptember 26, 2018 by समकालीन जनमतSeptember 26, 20183 2624 अशोक पाण्डे अलविदा विष्णु खरे – 1 जबरदस्त कवि, बड़े सम्पादक, सिनेमा और संगीत के अध्येता, गंभीर पाठक, भाषाओं और यारों के धनी उस आदमी...
जनमतसिनेमास्मृति कल्पना लाज़मी के सिनेमा में एक सशक्त स्त्री की छवि उभरकर सामने आती हैसमकालीन जनमतSeptember 25, 2018September 25, 2018 by समकालीन जनमतSeptember 25, 2018September 25, 201802749 यूनुस खान कल्पना लाजमी का जाना हिंदी फिल्म जगत का एक बड़ा नुकसान है। बहुत बरस पहले एक सीरियल आया था ‘लोहित किनारे’। ये...
मीडिया पत्रकारों के उत्पीड़न के ख़िलाफ़ जनमत तैयार करने के संकल्प के साथ CAAJ कन्वेंशन का समापनसमकालीन जनमतSeptember 25, 2018September 25, 2018 by समकालीन जनमतSeptember 25, 2018September 25, 201801886 नई दिल्ली. दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन हॉल में 22-23 सितंबर को आयोजित कमेटी अगेन्स्ट असॉल्ट ऑन जर्नलिज़्म (CAAJ) सम्मेलन पत्रकारों के उत्पीड़न के ख़िलाफ़ देश भर...
शख्सियतसिनेमा अभिव्यक्ति के प्रति ईमानदार एक रचनाकार की त्रासदी ‘मंटो’समकालीन जनमतSeptember 23, 2018 by समकालीन जनमतSeptember 23, 20185 2908 अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी ‘मंटो’ बायोपिक फिल्म की बहुत समय से प्रतीक्षा कर रहा था। समय-समय पर आने वाले ट्रेलर या वीडियो के टुकड़े इंतिजार को...
जनमतसाहित्य-संस्कृति जनगीतों का सामाजिक सन्दर्भसमकालीन जनमतSeptember 23, 2018September 24, 2018 by समकालीन जनमतSeptember 23, 2018September 24, 201803631 डॉ. राजेश मल्ल साहित्य अपने अन्तिम निष्कर्षों में एक सामाजिक उत्पाद होता है। कत्र्ता के घोर उपेक्षा के बावजूद समय और समाज की सच्चाई...
जनमतशख्सियतसिनेमा ज़मीर को हर शै से ऊपर रखने वाले मंटोसमकालीन जनमतSeptember 23, 2018 by समकालीन जनमतSeptember 23, 201803432 अखिलेश प्रताप सिंह. खुदा ज्यादा महान हो सकता है लेकिन मंटो ज्यादा सच्चे दिखते हैं और उससे भी ज्यादा मनुष्य, क्योंकि मंटो को सब कुछ...
कविताजनमतस्मृति चार आयामों का एक कवि विष्णु खरेउमा रागSeptember 23, 2018September 23, 2018 by उमा रागSeptember 23, 2018September 23, 201804543 मंगलेश डबराल यह बात आम तौर पर मुहावरे में कही जाती है कि अमुक व्यक्ति के न रहने से जो अभाव पैदा हुआ है...
स्मृति वैज्ञानिक दृष्टि और आलोचनात्मक यथार्थ वाले विचार संपन्न कवि थे विष्णु खरे: आलोक धन्वासमकालीन जनमतSeptember 23, 2018 by समकालीन जनमतSeptember 23, 201803076 विष्णु खरे जनता के आक्रोश के संगठित होने की कामना करने वाले कवि हैं। उनकी कविताएं जनसाधारण के जीवन के दृश्यचित्रों की तरह हैं। वर्णनात्मकता...
चित्रकला भारतीय चित्रकला और ‘कथा ‘ : 2अशोक भौमिकSeptember 22, 2018December 9, 2019 by अशोक भौमिकSeptember 22, 2018December 9, 20196 3033 हमने देखा की जिस समाज में दृश्य को 'पढ़ना' सिखाया जाता हो वहाँ कथाओं का 'चित्रण' ही हो सकता है, कला का सृजन नहीं। चित्रकार...
चित्रकला कामरेड चंद्रशेखर का एक चित्रसमकालीन जनमतSeptember 20, 2018 by समकालीन जनमतSeptember 20, 20185 2173 आज कामरेड चंद्रशेखर का जन्म दिन है. सत्तर के दशक में बनारस के कुछ प्रतिभाशाली चित्रकारों ने नक्सलवादी विचारधारा के करीब रहकर बहुत महत्वपूर्ण...
स्मृति चंद्रशेखर : नई पीढ़ी का नायकप्रणय कृष्णSeptember 20, 2018September 20, 2018 by प्रणय कृष्णSeptember 20, 2018September 20, 201810 2971 चंद्रशेखर की सबसे प्रिय किताब थी लेनिन की पुस्तक ‘क्या करें’। नेरुदा के संस्मरण भी उन्हें बेहद प्रिय थे। अकसर अपने भाषणों में वे पाश...
ख़बरशख्सियतसाहित्य-संस्कृति विष्णु खरे: बिगाड़ के डर से ईमान का सौदा नहीं कियामृत्युंजयSeptember 19, 2018September 19, 2018 by मृत्युंजयSeptember 19, 2018September 19, 201813232 विष्णु जी नहीं रहे। हिंदी साहित्य संसार ने एक ऐसा बौद्धिक खो दिया, जिसने ‘बिगाड़ के डर से ईमान’ की बात कहने से कभी भी...
कविताजनमतस्मृति जीवन को एक कार्निवल के रूप में देखने वाला कवि कुँवर नारायणसमकालीन जनमतSeptember 19, 2018September 19, 2018 by समकालीन जनमतSeptember 19, 2018September 19, 201804250 कमोबेश दो शताब्दियों की सीमा-रेखा को छूने वाली कुँवर नारायण की रचना-यात्रा छह दशकों से भी अधिक समय तक व्याप्त रही है। उनका पूरा...
शख्सियतसिनेमा कबूतरी देवी को लोगों के बीच ले जाने की शुरुआतसंजय जोशीSeptember 19, 2018September 19, 2018 by संजय जोशीSeptember 19, 2018September 19, 20183 3601 नैनीताल के निचले हिस्से तल्लीताल में बाजार से ऊपर चढ़ते हुए एक रास्ता खूब सारे हरे-भरे पेड़ों वाले कैम्पस तक ख़तम होता है. यह कैम्पस...