समकालीन जनमत

Category : स्मृति

स्मृति

कलाकारों को आज की जीवन-स्थितियों को चित्रित करना चाहिए : संतोष सहर

आरा: ‘‘ राकेश दिवाकर चित्रकला के क्षेत्र में एक अच्छे संगठक और कला के गहरे अध्येता थे। वे केवल यथार्थ के नहीं, बल्कि संभावित यथार्थ...
स्मृति

भोजपुरी भाषा-साहित्य आंदोलन की जनपक्षीय आवाज थे डॉ. तैयब हुसैन ‘ पीड़ित ’

समकालीन जनमत
डॉ. तैयब हुसैन ‘पीड़ित’ को जन संस्कृति मंच की श्रद्धांजलि  प्रसिद्ध प्रगतिशील-जनवादी कवि, आलोचक, कहानीकार, नाटककार, निबंधकार और संपादक डॉ. तैयब हुसैन पीड़ित आज हमारे...
स्मृति

कमलिनी दत्त का निधन भारतीय कला और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है

समकालीन जनमत
कमलिनी दत्त को जन संस्कृति मंच की श्रद्धांजलि भारत की प्रसिद्ध टीवी प्रोड्यूसर, केंद्रीय दूरदर्शन आर्काइव की निदेशक, चर्चित नृत्य निर्देशक, भरत नाट्यम की कुशल...
स्मृति

नागफ़नी का दोस्त (1)

दिनेश अस्थाना
( भानु कुमार दुबे ‘मुंतज़िर मिर्ज़ापुरी’ एक तरक्कीपसंद शायर रहे हैं। उनका जन्म 26 सितंबर 1953 को हुआ था। आज से दो साल पहले 28...
स्मृति

राम किशोर सेकुलर और जनतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई की जरूरत थे – जन संस्कृति मंच

कौशल किशोर
लखनऊ। राही मासूम राजा अकादमी के संस्थापक महामंत्री, सोशलिस्ट फाऊंडेशन के अध्यक्ष तथा सामाजिक सांस्कृतिक आंदोलन के सक्रियतावादी राम किशोर नहीं रहे। चार  अप्रैल को...
स्मृति

मुर्दहिया की जमीन पर याद किये गए ‘मुर्दहिया’ के लेखक प्रो. तुलसी राम

राम नरेश राम
(प्रो तुलसी राम स्मृति आयोजन , धरमपुर आजमगढ़) 9 फरवरी 2025 को आजमगढ के धरमपुर गाँव में प्रो तुलसीराम को याद किया गया। 1 जुलाई...
स्मृति

दोस्ती के तारामंडल का एक और तारा टूट गया

संजय जोशी
(फ़िल्मकार, कवि, छायाकार, संपादक और सामाजिक कार्यकर्ता तरुण भारतीय की याद ) यह संभवत 1993 का मार्च या अप्रैल का महीना रहा होगा। जामिया के...
कवितास्मृति

तरुण भारतीय की कविताएँ हिंदी कविता का उत्तरपूर्वी अंग हैं

समकालीन जनमत
असद ज़ैदी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता तरुण भारतीय का 25 जनवरी की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ‘समकालीन...
स्मृति

नाज़िम हिक़मत : प्रेम और जिजीविषा के महान कवि

समकालीन जनमत
सुशील सुमन पिछले सप्ताह 15 जनवरी को तुर्की के महाकवि नाज़िम हिक़मत का जन्मदिवस बीता है। प्रेम और क्रान्ति के इस अनूठे कवि की आधुनिक...
स्मृति

‘ बुनती रहे हमारी अंगुलियां/इकतारे की धुन पर/सुनते हुए अनहद का नाद/झीनी-झीनी चादर यह ’

कौशल किशोर
क्रांतिकारी वाम व जनवादी धारा के कवि ध्रुवदेव मिश्र पाषाण का जाना आहत कर देने वाला है। 7 जनवरी सुबह 9:00 बजे अपने देवरिया स्थित...
स्मृति

रवि किरन जैन : संविधान विशेषज्ञ, राज्य दमन के खिलाफ नागरिक अधिकारों के निडर योद्धा और यारों के यार  

के के पांडेय
इलाहाबाद राजनैतिक और अदबी हलचलों का लंबे दौर से एक मजबूत केंद्र रहा है। दोनों की एक दूसरे में आवाजाही जितनी सहजता से यहां दिखती...
स्मृति

‘ आर के सिन्हा वैचारिक स्कूल थे ’

समकालीन जनमत
लखनऊ, 9 सितंबर। मार्क्सवादी चिन्तक और जन संस्कृति मंच (जसम) के राज्य पार्षद तथा लखनऊ इकाई के उपाध्यक्ष आर के सिन्हा का विगत 27 अगस्त...
स्मृति

अहर्निश संघर्षों और सकारात्मक सरोकारों के लेखक अरुण प्रकाश की याद

समकालीन जनमत
कुमार विनीताभ आज हिन्दी के लोकप्रिय कहानीकार, आलोचक और पत्रकार अरुण प्रकाश का 12वां स्मृति दिवस है। यद्यपि उन्होंने अपने लेखन की शुरुआत कविता से...
स्मृति

समकालीन जनमत की तरफ से कामरेड कवि सुरजीत सिंह पातर को श्रद्धांजलि

समकालीन जनमत
“तब मुझे क्या पता था कहने वाले सुनने वाले इस तरह पथराएँगे कि शब्द निरर्थक से हो जाएँगे, कॉमरेड कवि सुरजीत सिंह पातर नहीं रहे।...
स्मृति

विजय बहादुर राय का जाना लोकबंधु राज नारायण द्वारा गढ़ी गई सोसलिस्ट पीढ़ी की आखिरी कड़ी का टूटना है

जयप्रकाश नारायण 
भाई साहब विजय बहादुर राय का जाना संसोपा कालीन सोसलिस्ट नेताओं की आखिरी पीढ़ी का चला जाना है। लोकबंधु बंधु राज नारायण की समाजवादी दृढ़ता,...
स्मृति

पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे चित्रकार राजकुमार सिंह

समकालीन जनमत
भूपेन्द्र कुमार अस्थाना   कहते हैं कि एक अच्छा कलाकार वही बन सकता है जो एक अच्छा इंसान बन कर जीता है, लोगों के दुख...
साहित्य-संस्कृतिस्मृति

अलविदा कामरेड मीना राय : सहजता और कर्मठता विचार से आती है और संघर्षों में हासिल होती है

के के पांडेय
17 दिसंबर 2023 को इलाहाबाद का अंजुमन रूहे अदब जो इलाहाबाद के हिंदी उर्दू अदब के न जाने कितने जलसों का गवाह रहा है लेकिन...
स्मृति

मीना राय का साधारण जीवन असाधारणता का उदाहरण – वंदना मिश्र

सियाराम शर्मा
लखनऊ। ‘समकालीन जनमत’ की प्रबंध संपादक और जसम उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ उपाध्यक्ष कामरेड मीना राय का अचानक जाना उनके साथ के लोगों को नि:शब्द कर...
स्मृति

‘समकालीन जनमत’ की प्रबंध संपादक मीना राय नहीं रहीं

कौशल किशोर
उनमें गोर्की की ‘माँ’ का रूप दिखता है    ‘समकालीन जनमत’ की प्रबंध संपादक, जन संस्कृति मंच उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा हम सब...
स्मृति

गुरशरण सिंह होने का मतलब ‘ हिन्दुस्तान को इंकलाब की शक्ल में देखना ’

16 सितम्बर प्रसिद्ध नाटककार और क्रांतिकारी रंगमंच के प्रणेता गुरशरण सिंह का जन्मदिन है। इस मौके पर पंजाब की जनवादी संस्थाएं उन्हें याद करेंगी। वे...
Fearlessly expressing peoples opinion