समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमतशिक्षा

शिक्षा और मार्क्सवाद

गोपाल प्रधान
शिक्षा का सवाल मार्क्सवाद के भीतर महत्वपूर्ण होते हुए भी बहुधा उपेक्षित रहा है लेकिन क्रमश: इस मामले में भी दोनों के बीच जीवंत संवाद...
जनमतशिक्षा

दीवार पत्रिका के साथ मेरा अनुभव

समकालीन जनमत
महेश चंद्र पुनेठा      वर्ष 2000 के आसपास की बात है डी0पी0ई0पी0 के अंतर्गत सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण में मुख्य संदर्भ व्यक्ति के रूप में...
जनमतशिक्षा

हमारे स्कूलों को क्या चाहिए: बच्चों को तोड़ना-जोड़ना सिखाएं

शिक्षक दिवस से पहले यह जानने की कोशिश कि हम कैसे सीखते हैं और सीखना क्या चाहिए? अरविन्द गुप्ता चेन्नई, जहां मैं रहता हूं, के...
जनमत

स्कूलों के बारे में समझ बनाने के लिए जरूरी है उनकी ऐतिहासिक पड़ताल

समकालीन जनमत
(समकालीन जनमत शिक्षक दिवस के अवसर पर लेखों की एक शृंखला शुरू कर रहा है । प्रस्तुत है इस शृंखला का पहला लेख जिसके लेखक...
कविताजनभाषाजनमत

अपने समय से सार्थक संवाद हैं सुस्मिता पाठक की कविताएँ

समकालीन जनमत
रमण कुमार सिंह समकालीन मैथिली कविता में सुस्मिता पाठक एक सुपरिचित और सम्मानित नाम है। मैथिली में स्त्री लेखन को आधुनिक चेतना और नया तेवर...
जनमत

पत्थलगड़ी गावों के आदिवासियों पर भीषण जुल्म ढा रही है झारखंड सरकार

पत्थलगड़ी गावोंका दौरा करने के बाद तथ्यान्वेषण दल  की रिपोर्ट रांची. 6-7 अगस्त 2019 को सामाजिक कार्यकर्ताओं, शोधकर्ताओं, पत्रकार व वकीलों के एक दल ने...
जनमत

बहुमत की सरकार की निरंकुश तानाशाही

ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर एवं दक्षिण एशिया समकालीन अध्ययन केंद्र के निदेशक आशुतोष वार्ष्णेय ने दिनांक 29 जुलाई 2019 के इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित अपने...
जनमत

कश्मीरी बेटियाँ और हम

नदीम अहमद
कश्मीरी छात्र और छात्राओं ने स्वतन्त्रता दिवस से तीन दिन पहले आई ईद-उल-अदहा का आयोजन 12 अगस्त 2019 को  जंतर-मंतर पर किया. कारण था उनका...
कविताजनमत

अंधेरे की घुसपैठ के प्रतिरोध में रोशनी की सुरंग बनाते नवगीत

समकालीन जनमत
डॉ. दीपक सिंह डॉ. राजेंद्र गौतम  कवि, समीक्षक और शिक्षाविद के रूप में एक जाना-पहचाना नाम है | बरगद जलते हैं (1997), पंख होते हैं...
जनमतशख्सियतसाहित्य-संस्कृति

त्रिलोचन की याद : बज़िद अपनी राह चलने वाला कवि

रामजी राय
(आज त्रिलोचन का जन्मदिन होता है । इस मौके पर प्रस्तुत है ‘समकालीन जनमत’ के प्रधान संपादक रामजी राय का यह संस्मरण ।) “पथ पर...
ख़बरजनमत

अभिव्यक्ति की आज़ादी पर रोक लगाने का विरोध

समकालीन जनमत
दिनांकः 18 अगस्त, 2019 11 व 16 अगस्त , 2019 को एडवोकेट मोहम्मद शोएब, संदीप पाण्डेय व अन्य साथियों को कश्मीर के लोगों के समर्थन...
कविताजनमत

‘सफ़र है कि ख़त्म नहीं होता’ : सोनी पाण्डेय की कविताएँ

समकालीन जनमत
मदन कश्यप हिन्दी में स्त्री कवयित्रियों की सांकेतिक उपस्थिति तो आदिकाल से रही है। लेकिन 1990 की दशक में जो बदलाव आया उसका एक सकारात्माक...
जनमत

नज़रबंद कश्मीर का सच, आँखों देखी

समकालीन जनमत
कश्मीर की जमीनी हकीकत की पड़ताल करके लौटी फैक्ट फाइंडिंग टीम की रिपोर्ट नई दिल्ली. सैन्य पहरे में क़ैद कश्मीर की जमीनी हकीकत की पड़ताल...
जनमतशख्सियतस्मृति

दलित साहित्य को शिल्प और सौंदर्यबोध देने वाले भाषा के मनोवैज्ञानिक थे मलखान सिंह

सुशील मानव
परसों शाम को फोन पर बात हुई, मैंने पूछा था, सर नया क्या लिख रहे हैं इन दिनों। उन्होंने जवाब में कहा था- “ये मेरे...
जनमत

जम्मू व कश्मीर के लोगों के साथ विश्वासघात : सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया)

 भारत सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 व 35ए, जो 1947 में भारत और कश्मीर के महाराजा हरि सिंह के बीच कश्मीर के भारत के...
जनमतज़ेर-ए-बहस

‘ 370 को लेकर आरएसएस आंबेडकर के नाम पर फैला रही झूठ ‘

समकालीन जनमत
 आर. राम अनुच्छेद 370 को लेकर संसद और संसद के बाहर एक झूठ फैलाया जा रहा है कि डॉ आंबेडकर ने अनुच्छेद 370 को लागू...
जनमतज़ेर-ए-बहस

जम्मू-कश्मीर और ‘नफ़रत का महोत्सव’

समकालीन जनमत
प्रियदर्शन जम्मू-कश्मीर से जुड़े केंद्र सरकार के ताज़ा फ़ैसलों पर सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया देखिए तो लगेगा कि हिंदुस्तान ने जैसे जम्मू-कश्मीर पर कोई जीत...
जनमतशख्सियतस्मृति

उजले दिनों की उम्मीद का कवि वीरेन डंगवाल

समकालीन जनमत
मंगलेश डबराल ‘इन्हीं सड़कों से चल कर आते हैं आततायी/ इन्हीं सड़कों से चल कर आयेंगे अपने भी जन.’ वीरेन डंगवाल ‘अपने जन’ के, इस...
जनमतशख्सियतस्मृति

कटरी की रुक्मिनी: कविता का अलग रास्ता

डॉ रामायन राम
वीरेन डंगवाल 70 के दशक की चेतना के कवि हैं। कविता के क्षेत्र मे उनका प्रवेश 70 के दशक में हुआ । यह वह समय...
जनमतयात्रा वृतान्त

जित देखूँ तित लाल… (प्राग यात्रा-संस्मरण)

समकालीन जनमत
डॉ. रेखा उप्रेती सामान बाँध लिया है| वियना में बिताया यह दिन किसी नायाब तोहफे सा हमारी झोली में आ गिरा है और अब प्राग...
Fearlessly expressing peoples opinion