Friday, July 1, 2022
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यंग इंडिया के शांति मार्च पर दिल्ली पुलिस का सुनियोजित हमला

नई दिल्ली

3 मार्च 2020

यंग इंडिया ने दिल्ली पुलिस द्वारा नफरत फैलाने वाले बयान और दमन के बरख्स शांति के नारे को बुलंद किया! 

बेशर्म दिल्ली पुलिस ने रद्द की यंग इंडिया की शांति मार्च के लिए अनुमति

यंग इंडिया ने धड़पकड़ और प्रदर्शनकारियों पर हमले की निन्दा की!

दिल्ली पुलिस ने शर्मनाक तरीके से सबसे पहले शांति मार्च के लिए यंग इंडिया अगेंस्ट सीएए-एनआरसी-एनपीआर द्वारा बुलाए गए शांति मार्च को अंतिम समय में रद्द किया और रामलीला मैदान में इक्कठे हुए सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों को बल पूर्वक हिरासत में लिया।

यह वही दिल्ली पुलिस है जो दिल्ली दंगों के मामले में आज तक कपिल मिश्रा के खिलाफ कोई एफआईआर तक दर्ज नहीं कर पाई, जिनके नफरत भरे भाषण ने दिल्ली में मुस्लिमों पर एक संगठित हिंसा को बढ़ावा दिया। लेकिन उसी दिल्ली पुलिस ने अभी तीन दिन पहले दंगा भड़काने वाले कपिल मिश्रा को जंतर मंतर से सीपी तक नफरत से भरे नारों के साथ तथाकथित ‘शांति मार्च’ आयोजित करने की अनुमति दी थी।

दिल्ली पुलिस ने केंद्र सरकार के इशारे पर यंग इंडिया के बैनर के तले 100 से अधिक छात्र-युवा संगठनों की एक समन्वय समिति की ओर से आहूत शांति मार्च को न केवल अस्वीकार कर दिया, बल्कि बसों को अपने कब्ज़े में ले लिया और उनके ड्रॉइवरों को धमकाया और डिटेन भी कर लिया , रास्तों को डायवर्ट किया गया, और प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मामलों में दिल्ली पुलिस पर हमला किया और हिरासत में लिया।

पुलिस द्वारा तमाम तरह की दमनात्मक कार्यवाही के बावजूद, यंग इंडिया ने कपिल मिश्रा की गिरफ्तारी, अमित शाह का इस्तीफा, मारे गए लोगों के लिए न्याय और शांति सुनिश्चित करने, और CAA-NRC-NPR की अस्वीकृति की मांग करते हुए जंतर में एक विशाल प्रदर्शन द्वारा अपनी एकता का दावा किया।

यंग इंडिया ने दिल्ली सरकार से राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित करके एनपीआर और एनआरसी को तुरंत खारिज करने की मांग की।

आज कन्नन गोपीनाथन (पूर्व IAS अधिकारी), एन साईं बालाजी (AISA के राष्ट्रीय अध्यक्ष), उमर खालिद (सामाजिक कार्यकर्ता), JNUSU की अध्यक्ष आइशी घोष, शादाब (जामिया में गोली चलाने का शिकार होने वाले छात्र), दीपंकर भट्टाचार्य (भाकपा माले लिबरेशन के महासचिव), चंद्रशेखर आज़ाद (भीम आर्मी के प्रमुख), मनोज मंज़िल(RYA राष्ट्रीय अध्यक्ष), कविता कृष्णन (सचिव ऐपवा), ईटी बशीर अहमद (संसद सदस्य),सफूरा (JCC सदस्य), सुचेता डे (पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष) और शाहीन बाग़ की दादी ने छात्रों को संबोधित किया।

यंग इंडिया ने आज कार्यक्रम में सीएए-एनआरसी-एनपीआर के खिलाफ, सांप्रदायिकता के खिलाफ और नागरिकता एवं संविधान को बचाने के लिए अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।

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