समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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स्मृति

हुई नामवरी सुबह की सांझ….

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हिन्दी के शीर्षस्थ शोधकार-समालोचक नामवर सिंह (जन्म: 1 मई 1927- मृत्यु: 19 फ़रवरी 2019) को युवा लेखिका अर्पिता राठौर की भावांजलि। सम्पा.   अर्पिता राठौर...
कविताजनमत

नवनीत की ग़ज़लें यथास्थितिवाद का प्रतिकार हैं

समकालीन जनमत
प्रभात मिलिंद मेरी नज़र में एक ग़ज़लगो होना और एक शायर होना दो मुख़्तलिफ़ इल्म हैं. ग़ज़लगोई एक हुनर (स्किल) है और शायरी एक तेवर...
ख़बर

NPR-NRC करने की बजाए शिक्षा-स्वास्थ्य की चिंता करे सरकार : कविता कृष्णन

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  सीएए-एनआरसी व एनपीआर से मुस्लिम ही नहीं, गैर मुस्लिमों को भी खतरा – 25 फरवरी को पटना में बिहार असेंबली पर ग्रामीण और शहरी...
कविताजनमत

मौन में जीवन की साधना करता कवि जगतारजीत सिंह

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संजीव कौशल जिस तरह पेड़ साल भर सारे मौसम सोखकर अगले साल फूल और फल देता है, कविता भी उसी तरह न जाने कितना जीवन...
कविताजनमत

सुषमा की कविताएँ प्रेम के विविध शेड्स को उभारती हैं

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रत्नेश विश्वकसेन सुषमा गुप्ता की कविताएँ जिन्हें वह क्षणिकाएँ कहती हैं अनुभूतियों की कौंध है जिसे ठीक ठीक पकड़ कर अभिव्यक्त करने में सुषमा सफल...
कविताजनमत

अपूर्णता से उपजे तनाव की कवयित्री हैं ज्योति शोभा

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आशीष मिश्र छुपने के लिए साँस भर जगह.. ज्योति शोभा की कविताओं में उतरने के लिए धैर्य अपेक्षित है। थोड़ी सी भी हड़बड़ी इसके सौंदर्य...
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समय के छद्म को उसकी बहुस्‍तरियता में उद्घाटित करतीं कल्पना मनोरमा

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल लालसा सन्यास के पद गुनगुनाये चाटुकारी जब रचे उपसर्ग प्रत्यय तुष्ट होकर अहम सजधज मुस्कुराये। वर्तमान समय की राजनीतिक उलटबांसी और उससे पैदा...
ख़बर

‘ हिंदी : वैश्विक परिदृश्य-भाषा, साहित्य और अनुवाद ’ पर अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन 9-11 जनवरी को

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नई दिल्ली. इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय (दिल्ली विश्वविद्यालय) का अनुवाद तथा अनुवाद अध्ययन केंद्र, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के दक्षिण एशियाई भाषा कार्यक्रम तथा कोलंबिया यूनिवर्सिटी हिंदी-उर्दू भाषा...
कविताजनमत

स्‍त्री और प्रकृति की नूतन अस्तित्‍वमानता को स्‍वर देतीं ऋतु मेहरा की कविताएँ

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कुमार मुकुल    ऋतु मेहरा की कविताएँ आपाधापी भरे जीवन और प्रकृति के विस्‍तृत वितान के मध्‍य एक तालमेल बिठाने का प्रयास करती कविताएं हैं।...
जनमत

संविधान की रक्षा के लिए देशव्यापी नागरिक प्रतिरोध तेज करें— जन संस्कृति मंच

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जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के लोकतांत्रिक प्रतिरोध का दिल्ली पुलिस द्वारा बर्बर दमन देश को गृहयुद्ध  की आग में झोंकने की सोची समझी साजिश...
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दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले के ख़िलाफ़ एकजुट हों: सीपीआई-एमएल दिल्ली

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दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया नगर में जामिया के छात्रों और निवासियों पर हमले की निंदा  दिल्ली पुलिस को जा‌मिया कैम्पस और जामिया नगर को तुरंत...
कविताजनमत

भगवान स्वरूप कटियार की कविताएँ : जीवन को बचाने के लिए ज़रूरी है प्रेम

समकालीन जनमत
कौशल किशोर ‘आज हम सब/हो गए हैं/अपनी-अपनी सरहदों में जी रहे हैं छोटे-छोटे उपनिवेश और एक-दूसरे के लिए/पैदा कर रहे हैं भय, आतंक, दहशत/और गुलामी...
ख़बरजनमत

शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और पुलिसिया दमन अलोकतांत्रिक: फेडकूटा

समकालीन जनमत
FEDCUTA (फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर्स) शिक्षण परिसरों में बल प्रयोग और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर हमले की निंदा करता है! FEDCUTA राजधानी के विश्वविद्यालय परिसरों...
ज़ेर-ए-बहस

आख़िर क्यों हैं दिल्ली में शिक्षक और छात्र सड़कों पर?

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राजीव कुँवर दिल्ली की सड़कों पर पुलिस को आखिर क्यों छात्र एवं शिक्षकों के ऊपर लाठी भाँजनी पड़ रही है ? आप उन्हीं पुलिस वालों...
ख़बर

बल प्रयोग और वॉटर कैनन के सामने अडिग हज़ारों शिक्षकों ने की परिसर में महारैली

समकालीन जनमत
10 दिसंबर, 2019 ताकत और पानी के बौछारों के सामने अडिग हजारों शिक्षक समायोजन की माँग को लेकर परिसर में महा रैली में शामिल DUTA...
ख़बर

दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षकों का ऐतिहासिक आंदोलन

समकालीन जनमत
पिछले एक हफ्ते से दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक एक ऐतिहासिक आंदोलन में हैं। 4 दिसम्बर को दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने निम्नलिखित मांगों पर अनिश्चितकालीन...
ख़बर

रेलवे कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने लिया मोदी सरकार से लोहा लेने का निर्णय

समकालीन जनमत
दिल्ली, 8 दिसंबर, 2019 दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में रेलवे के विभिन्न संगठनों ने भारतीय रेल के निजीकरण और मोदी सरकार की...
जनमतशख्सियतस्मृति

आम आदमी की हमसफ़र कहानियों के कहानीकार स्वयं प्रकाश

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रत्नेश विष्वक्सेन आम आदमी की हमसफर कहानियों के कहानीकार स्वयं प्रकाश जी का इस तरह चले जाना उदास करता है।उनकी रिक्तता को उनकी कहानियां भरेंगी...
जनमतशख्सियतस्मृति

क्या तुमने कभी स्वयं प्रकाश को देखा है ?

समकालीन जनमत
प्रवीण कुमार क्या तुमने कभी स्वयं प्रकाश को देखा है ? हाँ ! मेरा यही जवाब है . देखा है और तीन बार मुलाकात भी...
जनमतशख्सियतस्मृति

स्वयं प्रकाश की कहानियाँ: कुछ नोट्स

समकालीन जनमत
रेखा सेठी स्वयं प्रकाश जी का जाना हिंदी कहानी में एक युग के अंत का सूचक है। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक पुराना लेख साझा...
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