समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

साहित्य-संस्कृति

बहुजन समाज के नायक साहित्य के इतिहास से बाहर क्यों ?

  लखनऊ में ” सन्तराम बी ए: प्रतिनिधि विचार ” का लोकार्पण लखनऊ। सन्तराम बी ए फाउण्डेशन द्वारा प्रकाशित डा.महेश प्रजापति की पुस्तक ” सन्तराम...
पुस्तक

सांदीनो की बेटियाँ : समाज की मुक्ति के लिए लड़ी स्त्रियों की संघर्ष गाथा

  अरविंद शेखर   स्त्रियां मानव इतिहास का निर्माण कैसे करती हैं। ‘सांदीनो की बेटियां’ किताब इसी का अहम दस्तावेज है। मारग्रेट रांडाल की इस...
स्मृति

मैनेजर पांडे के सरोकार

गोपाल प्रधान
नागार्जुन, प्रेमचंद, रामचंद्र शुक्ल और मुक्तिबोध- यह सूची उन लेखकों की है जिनकी ओर से मैनेजर पांडे ने आज के समय में आलोचना की भूमिका...
स्मृति

मैनेजर पांडेय और जन संस्कृति मंच

गोपाल प्रधान
मैनेजर पांडेय को जो भी जानता है वह इस बात पर ध्यान दिए बगैर नहीं रह सकता कि जन संस्कृति के साथ उनका जुड़ाव वर्तमान...
स्मृति

प्रोफ़ेसर मैनेजर पांडेय मुँह में ज़बान रखने वाले आलोचक थे: कौशल किशोर

कौशल किशोर
  शीर्षस्थ कथाकार शेखर जोशी के निधन के शोक से हम अभी उबर भी नहीं पाए थे कि प्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-सांस्कृतिक चिंतक, ओजस्वी वक्ता...
स्मृति

प्रोफ़ेसर मैनेजर पांडेय को विदाई सलाम: जसम

समकालीन जनमत
जन संस्कृति मंच के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे हिंदी के मूर्धन्य आलोचक मैनेजर पांडेय का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। आज...
स्मृति

‘ स्मृतियों के आइने में अरुण पांडेय ’ का विमोचन

समकालीन जनमत
नई दिल्ली। गांधी शांति प्रतिष्ठान के खचाखच भरे हाल में वरिष्ठ पत्रकारों, मीडिया कर्मियों, राजनीतिक व सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, प्रोफेसरों, वकीलों तथा विभिन्न क्षेत्र में कार्यरत...
कविता

बाबुषा की कविताएँ जीवन को तप करके पत्थर के बरक्स पानी बना देने की हिमायती हैं

समकालीन जनमत
दीपक जायसवाल मेरे ज़माने की ऐसी लेखिका जिसे पानी पर लिखी तहरीरें पढ़ना आता है, बारिशें जिनकी पुरखिन हैं, जिनके यहाँ सूरज पर लगा ग्रहण,...
कविता

सुभाष यादव की कविताएँ संभावनाओं की आवाज़ हैं

समकालीन जनमत
विनय सौरभ   सुभाष यादव की कविताएँ आपको चौंकाएँगी नहीं। न ही किसी विस्मय से भरेंगी ! ये कविताएँ वैसी ही हैं जैसे किसी निर्जन...
स्मृति

अखिलेश मिश्र : एक जन बुद्धिजीवी

कौशल किशोर
अखिलेश मिश्र जन्मशती (20.10.2022) पर स्मृतियों के लोप के इस दौर में अखिलेश मिश्र को याद करना वर्तमान के संघर्ष का हिस्सा है। यह उनका...
पुस्तक

तरक़्क़ीपसंद तहरीक की रहगुज़र

दुर्गा सिंह
भारत में प्रगतिशील धारा प्रारंभ से ही मौजूद रही है। यह कोई हाशिये की धारा न होकर भारतीय सभ्यता और संस्कृति के निर्माण में प्रमुख...
कविता

आशीष त्रिपाठी की कविताएँ विषाक्त दौर में प्रकृति की दरियादिली को ज़ाहिर करती हैं

समकालीन जनमत
विपिन चौधरी   रचनात्मक और जिज्ञासु संचेतना देर-सवेर अपनी भाषा विकसित कर लेती है. यह भाषा कवि की आत्मा की भाषा है. अपने भीतर के...
कविता

अखिल कत्याल की कविताएँ दोस्त की तरह हैं

समकालीन जनमत
शुभम श्री अखिल की कविताओं को कैसे पढ़ें सबसे पहले इन पाँच सौ शब्दों के चिट्ठे को नज़रअंदाज करें और तेज गति से स्क्रोल कर...
स्मृति

नई कहानी के अप्रतिम कहानीकार शेखर जोशी नहीं रहें।

समकालीन जनमत
अच्युतानंद मिश्र नई कहानी के अप्रतिम कहानीकार शेखर जोशी नहीं रहें।याद आता है 2012 में जबलपुर में उनसे मुलाकात हुई थी। उनसे बात करते हुए...
पुस्तक

‘उम्मीद चिनगारी की तरह’ संग्रह की कविताएँ अपने समय को रचतीं, अभिव्यक्ति के ख़तरों को धता बताती हैं

समकालीन जनमत
दिविक रमेश कौशल किशोर प्रारम्भ से ही एक सजग और ज़िम्मेदार कवि के रूप में अपनी राह बनाते हुए आज उम्मीद से लबालब भरी चिंगारी...
कविता

लीना मल्होत्रा की कविताएँ स्त्रीस्वर का स्थापित मुहावरा हैं

समकालीन जनमत
प्रिया वर्मा महत्वाकांक्षाओं की चिड़िया औरत की मुंडेर पर आ बैठी है दम साध शिकारी ने तान ली है बन्दूक निशाने पर है चिड़िया अगर...
कविता

होती हुई सुबह की तरह कविताएँ

समकालीन जनमत
विनय कुमार लिखने वाले कवियों से भरे हिंदी जगत में कुमार मुकुल एक पढ़ने वाले कवि हैं। उनकी मारक लघु टिप्पणियों से परिचित पाठक भली-भाँति...
कविता

जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताएँ मनुष्यता का संधान करती हैं

समकालीन जनमत
देवेश पथ सारिया   वरिष्ठ कवि जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताओं से गुज़रते हुए लगता है कि यह कवि मनुष्य एवं प्रकृति के बीच तादात्म्य की...
पुस्तक

‘दबी-दूब का रूपक’ कालजयी ही नहीं, कालजीवी भी है

दबी-दूब का रूपक पुस्तक पर चर्चा कृष्ण कुमार दरभंगा, साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था अभिव्यक्ति के तत्त्वावधान में रामबाग में आयोजित एक सारस्वत समारोह में कमलानंद झा की...
सिनेमा

बंशी चन्द्रगुप्त : एक महान कला निर्देशक

प्रशांत विप्लवी एक नदी जहां तीन महान फ़िल्मी हस्तियाँ पहली बार एक साथ किसी एक मकसद के लिए मिलते हैं और भारतीय सिनेमा को पूरी...
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