समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

कविता

लीना मल्होत्रा की कविताएँ स्त्रीस्वर का स्थापित मुहावरा हैं

समकालीन जनमत
प्रिया वर्मा महत्वाकांक्षाओं की चिड़िया औरत की मुंडेर पर आ बैठी है दम साध शिकारी ने तान ली है बन्दूक निशाने पर है चिड़िया अगर...
कविता

होती हुई सुबह की तरह कविताएँ

समकालीन जनमत
विनय कुमार लिखने वाले कवियों से भरे हिंदी जगत में कुमार मुकुल एक पढ़ने वाले कवि हैं। उनकी मारक लघु टिप्पणियों से परिचित पाठक भली-भाँति...
कविता

जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताएँ मनुष्यता का संधान करती हैं

समकालीन जनमत
देवेश पथ सारिया   वरिष्ठ कवि जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताओं से गुज़रते हुए लगता है कि यह कवि मनुष्य एवं प्रकृति के बीच तादात्म्य की...
पुस्तक

‘दबी-दूब का रूपक’ कालजयी ही नहीं, कालजीवी भी है

दबी-दूब का रूपक पुस्तक पर चर्चा कृष्ण कुमार दरभंगा, साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था अभिव्यक्ति के तत्त्वावधान में रामबाग में आयोजित एक सारस्वत समारोह में कमलानंद झा की...
सिनेमा

बंशी चन्द्रगुप्त : एक महान कला निर्देशक

प्रशांत विप्लवी एक नदी जहां तीन महान फ़िल्मी हस्तियाँ पहली बार एक साथ किसी एक मकसद के लिए मिलते हैं और भारतीय सिनेमा को पूरी...
कविता

आयुष पाण्डेय की कविताएँ मनुष्यता की बेहद सरल सतह पर जीती हैं

समकालीन जनमत
संध्या नवोदिता ये ताज़गी भरी कविताएँ हैं. प्रेम में गले गले तक डूबी. विछोह में साँस रोकती. हज़ार तरह के सवाल पूछती. दुनिया के बुनियादी...
कविता

नाइजीरियाई कवि बेन ओकरी की कविताएँ

समकालीन जनमत
विपिन चौधरी   नाइजीरियाई कवि और उपन्यासकार बेन ओकरी आज के समय में दुनिया भर के साहित्यिक पटल पर लोकप्रिय नाम है. बेन का जन्म...
नाटक

वरिष्ठ नाटककार राजेश कुमार को पाँचवा ‘ कारवां-ए-हबीब सम्मान ‘

नई दिल्ली। वर्ष 2022 के ‘कारवां-ए-हबीब सम्मान‘ से देश के वरिष्ठ नाटककार, रंगकर्मी और एक्टिविस्ट राजेश कुमार को सम्मानित करने की घोषणा हुई है। प्रसिद्ध...
कविता

मनीष कुमार यादव की कविताएँ अपनी चुप्पी में एक बहुत गझिन यात्रावृत्त को समेटे रहती हैं

समकालीन जनमत
वसु गन्धर्व मनीष की कविताएँ एक कठिन ज़मीन की कविताएँ हैं जो अपने प्रस्तावित पाठ में पाठक से उतने ही सृजनात्मक संघर्ष की अपेक्षा करती...
ख़बरस्मृति

शोक सभा में इप्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणवीर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई

मऊ। राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ पर आयोजित बैठक में देश के जाने-माने रंगकर्मी, निर्देशक, नाट्य एवं फिल्म अभिनेता, लेखक, इतिहासकार व इप्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष...
कहानीजनमतसाहित्य-संस्कृति

निराला, आजादी का आन्दोलन और कला की रूप-रेखा

निराला आजादी के लिए चल रहे संघर्ष और आन्दोलन के दौर के प्रखर सांस्कृतिक योद्धा हैं। कविता, कहानी, उपन्यास, निबन्ध आदि विधाओं में उनके लेखन...
नाटक

इस मगध को पहचानिए

समकालीन जनमत
प्रियदर्शन अपने जीवन के उत्तरार्ध में श्रीकांत वर्मा सत्ता-संस्कृति के प्रति अपने आकर्षण और कांग्रेस से अपने जुड़ाव की वजह से हिंदी साहित्य में पर्याप्त-...
पुस्तक

रेत समाधि: मृत्यु भी जीवन का हिस्सा है! 

जनार्दन
“बरसात का पानी बूँद-बँद बढ़ता हुआ दरार के आखिरी मुकाम पर पहुँचकर ठहर जाता, बूँद की एक थैली बना पीछे से बढ़ती आती बूँदों को...
कविता

विमल भाई की कविताएँ क्वीयर कविता के संघर्ष और सौंदर्यबोध की बानगी हैं

समकालीन जनमत
अखिल कत्याल विमल भाई, अलविदा! कुछ एक साल पहले की बात है। अपनी मित्र अदिति अंगिरस के साथ मैं एक ‘क्वीयर कविताओं’ के संग्रह का...
जनमतशख्सियतसाहित्य-संस्कृति

प्रकृति की स्वाधीनता से मनुष्य की स्वाधीनता की तलाश

राम नरेश राम
राम नरेश राम  त्रिलोचन की कविताओं पर लिखना है , समझ में नहीं आ रहा है कहाँ से और कैसे शुरू करूँ. उचित तो शायद...
कविता

‘अब बदलना होगा लिखने को लडाई में ‘

‘ लिखावट ’ की ओर से ‘ कविता लखनऊ ‘ का आयोजन शमशेर की मशहूर कविता है ‘काल से होड़’। वे कहते हैं ‘काल तुझसे...
कविता

जसम का आयोजनः खौफनाक समय से मुठभेड़ करती कविताओं का पाठ

समकालीन जनमत
अभी हाल के दिनों में जन संस्कृति मंच की रायपुर ईकाई ने शब्द प्रसंग के तहत छत्तीसगढ़ के दस बेहद उर्वर कवियों को लेकर एक...
साहित्य-संस्कृति

नाटक, जनगीत, कविता पाठ के साथ भोजपुर से जन संस्कृति मंच की सांस्कृतिक यात्रा का आगाज़ 

समकालीन जनमत
आरा। आज आजादी के पचहत्तरवें वर्ष पर जसम, बिहार ने अपनी सांस्कृतिक यात्रा का आगाज़ क्रांतिधर्मी भूमि भोजपुर से किया। संस्कृति कर्मियों ने यात्रा का...
कविता

भरत प्रसाद की कविताएँ: यह शरीर जो कारागृह है घोंट रहा मेरा पक्षीपन

समकालीन जनमत
आशीष त्रिपाठी                                                                          भरत प्रसाद कवि हैं । कवि होने की सभी शर्तों को पूरा करते कवि । उनकी कविताओं की दुनिया घर से बाहर,...
साहित्य-संस्कृति

‘ किसान-संघर्ष का पहला साहित्यिक दस्तावेज़ है ‘ प्रेमाश्रम ’ – वीर भारत तलवार

समकालीन जनमत
‘ प्रेमचन्द ने कथानक का निर्माण किया और उसे तोड़ा भी ’- नित्यानंद तिवारी ‘हम देखेंगे: अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रतिरोध अभियान’ के तहत प्रेमचंद जयंती...
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