पुस्तक बाल साहित्य पर संजीदा बातेंसमकालीन जनमतJanuary 27, 2025January 27, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 27, 2025January 27, 20250152 लाल्टू अच्छी बात यह है कि टाटा ट्रस्ट के पराग इनीशिएटिव द्वारा प्रकाशित इस किताब का नाम ‘…ऐन इंडियन स्टोरी ‘ रखा गया है, और...
कवितास्मृति तरुण भारतीय की कविताएँ हिंदी कविता का उत्तरपूर्वी अंग हैंसमकालीन जनमतJanuary 26, 2025January 26, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 26, 2025January 26, 20250373 असद ज़ैदी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता तरुण भारतीय का 25 जनवरी की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ‘समकालीन...
स्मृति नाज़िम हिक़मत : प्रेम और जिजीविषा के महान कविसमकालीन जनमतJanuary 20, 2025January 20, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 20, 2025January 20, 20250332 सुशील सुमन पिछले सप्ताह 15 जनवरी को तुर्की के महाकवि नाज़िम हिक़मत का जन्मदिवस बीता है। प्रेम और क्रान्ति के इस अनूठे कवि की आधुनिक...
साहित्य-संस्कृति शमशेर जयंती: कवि के पास जाने के लिए उड़ान चाहिएके के पांडेयJanuary 19, 2025January 20, 2025 by के के पांडेयJanuary 19, 2025January 20, 20250336 शामली जिले में 12 जनवरी को कवि शमशेर बहादुर सिंह की जयंती (जन्मदिन 13 जनवरी 1911) पर उनके पैतृक गांव एलम में सालाना जलसा आयोजित...
कविता लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता की कविताएँ देशकाल की पड़ताल और प्रतिगामी शक्तियों की शिनाख़्त करती हैं।समकालीन जनमतJanuary 19, 2025January 19, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 19, 2025January 19, 20250486 अरुण आदित्य लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता की कविता देशकाल की पड़ताल और प्रतिगामी शक्तियों के प्रतिरोध की कविता है। यहाँ हाशिए के लोग हैं, उनका श्रम...
कविता मनीषा मिश्रा की कविताएँ समाज के प्रति अपनी जागरूक भूमिका को निभाने का प्रयास हैंसमकालीन जनमतJanuary 12, 2025January 12, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 12, 2025January 12, 2025091 सोनी पाण्डेय बाँस की कोपलों सी बढ़ती है लड़कियाँ…. विमर्श और स्त्री मुक्ति के नारों के बीच आज की कस्बाई औरतों के संघर्षों का यदि...
कविता डॉ हेमन्त कुमार और पूनम श्रीवास्तव के कविता संग्रह का विमोचन समकालीन जनमतJanuary 8, 2025January 15, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 8, 2025January 15, 2025049 लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से छह जनवरी को डॉ हेमन्त कुमार के कविता संग्रह ‘ कटघरे के भीतर ‘ तथा पूनम श्रीवास्तव...
स्मृति ‘ बुनती रहे हमारी अंगुलियां/इकतारे की धुन पर/सुनते हुए अनहद का नाद/झीनी-झीनी चादर यह ’कौशल किशोरJanuary 7, 2025January 7, 2025 by कौशल किशोरJanuary 7, 2025January 7, 20250115 क्रांतिकारी वाम व जनवादी धारा के कवि ध्रुवदेव मिश्र पाषाण का जाना आहत कर देने वाला है। 7 जनवरी सुबह 9:00 बजे अपने देवरिया स्थित...
स्मृति रवि किरन जैन : संविधान विशेषज्ञ, राज्य दमन के खिलाफ नागरिक अधिकारों के निडर योद्धा और यारों के यार के के पांडेयJanuary 6, 2025January 8, 2025 by के के पांडेयJanuary 6, 2025January 8, 20250173 इलाहाबाद राजनैतिक और अदबी हलचलों का लंबे दौर से एक मजबूत केंद्र रहा है। दोनों की एक दूसरे में आवाजाही जितनी सहजता से यहां दिखती...
कविता रणेन्द्र की कविताएँ युगबोध और प्रतिबद्धता की बानगी हैं।समकालीन जनमतJanuary 5, 2025January 5, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 5, 2025January 5, 20250460 प्रज्ञा गुप्ता “रणेन्द्र युगबोध के कवि हैं। रणेन्द्र का कवि मन अपनी विविध प्रतिबद्धताओं,सरोकारों के बीच रागारुण संवेदना के साथ उपस्थित है।” ‘ग्लोबल गाँव के...
साहित्य-संस्कृति राजनैतिक आंदोलन के साथ सांस्कृतिक आंदोलन तेज करना ही मधुकर सिंह के साहित्य का संदेश : सुदामा प्रसादसमकालीन जनमतJanuary 4, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 4, 20250255 आरा। ‘‘ आज का दौर भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नाजुक दौर है। इस दौर में लोकतंत्र को बचाने की जो चुनौती है, उसके लिए...
कविता माया मिश्रा की कविताओं में कभी न ख़त्म होने वाली उम्मीद का एक शिखर हैसमकालीन जनमतDecember 29, 2024December 29, 2024 by समकालीन जनमतDecember 29, 2024December 29, 20240311 गुंजन श्रीवास्तव माया मिश्रा जी की कविताओं को पढ़कर एक बात तो साफ़ कही जा सकती है कि यह एक कवि के परिपक्व अनुभव से...
कविता हरे प्रकाश उपाध्याय की कविताएँ तनी हुई मुट्ठी की तरह ऊपर उठती हैं।समकालीन जनमतDecember 22, 2024December 22, 2024 by समकालीन जनमतDecember 22, 2024December 22, 20240288 चित्रा पंवार सर्वेश्वर दयाल सक्सेना कविता के विषय में कहते हैं– ‘कविता अगर मेरी धमनियों में जलती है पर शब्दों में नहीं ढल पाती मुझे...
कविता दुनिया में ताक़त के खेल को समझने की कोशिश है अरुणाभ सौरभ की कविताएँसमकालीन जनमतDecember 16, 2024December 19, 2024 by समकालीन जनमतDecember 16, 2024December 19, 20240240 बीते शनिवार को प्रभाकर प्रकाशन में अरुणाभ सौरभ के काव्य-संग्रह ‘मेरी दुनिया के ईश्वर’ के तीसरे संस्करण का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर एक परिचर्चा...
कविता रचित की कविताएँ यथास्थिति को बदलने के लिए बेचैन हैंसमकालीन जनमतDecember 15, 2024December 15, 2024 by समकालीन जनमतDecember 15, 2024December 15, 20240184 जावेद आलम ख़ान रचित की कविताओं में गुस्सैल प्रेमी रहता है ऐसा नायक जो यथार्थ को नंगा नहीं करता, बड़े सलीके से परोसता है जिसकी...
साहित्य-संस्कृति स्वयं प्रकाश के साहित्य में बहुत गहराई से सामने आती है विभाजन की त्रासदी – प्रो. गोपाल प्रधानसमकालीन जनमतDecember 9, 2024 by समकालीन जनमतDecember 9, 20240280 नई दिल्ली। देश की स्वतंत्रता के साथ ही विभाजन की त्रासदी जुड़ी हुई है और जो बहुत अधिक गहरी है। इस त्रासदी को स्वयं प्रकाश जैसे...
कविता ग्रेस कुजूर की कविताओं में नष्ट होती प्रकृति का दर्द झलकता है।समकालीन जनमतDecember 8, 2024December 8, 2024 by समकालीन जनमतDecember 8, 2024December 8, 20240721 प्रज्ञा गुप्ता प्रकृति का सानिध्य किसे प्रिय नहीं। प्रकृति के सानिध्य में ही मनुष्य ने मनुष्यता सीखी; प्रकृति एवं जीवन के प्रश्नों ने ही मनुष्य...
साहित्य-संस्कृति हेमंत कुमार की नयी कहानी ‘वारिस’समकालीन जनमतDecember 8, 2024December 12, 2024 by समकालीन जनमतDecember 8, 2024December 12, 20240131 (हेमंत की कहानियां अपने समय के यथार्थ को बेहद संवेदनशील तरीके से चित्रित करती हैं और पाठक को सोचने को विवश करती हैं। पढ़िए हेमंत...
कविता हूबनाथ पांडेय ने अपनी कविताओं में व्यवस्था की निर्लज्जता को बेनक़ाब किया हैउमा रागDecember 1, 2024 by उमा रागDecember 1, 202401336 मेहजबीं हूबनाथ पांडेय जी जनसरोकार से जुड़े हुए कवि हैं। उनकी अभिव्यक्ति के केन्द्र में व्यवस्था का शोषण तंत्र है, प्रशासन द्वारा परोसा जा रहा...
साहित्य-संस्कृति वीरेनियत-6: कला और साहित्य का अद्भुत संगमसमकालीन जनमतDecember 1, 2024December 2, 2024 by समकालीन जनमतDecember 1, 2024December 2, 20240176 नई दिल्ली। दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर हॉल में जन संस्कृति मंच द्वारा 15 नवम्बर को कवि वीरेन डंगवाल की स्मृति में आयोजित ...