समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमत

सबरीमाला में महिलाओं का प्रवेश

राम पुनियानी
यह सही है कि पितृसत्तात्मकता सभी संस्थागत धर्मों का अविभाज्य हिस्सा है। मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश का आंदोलन इस पितृसत्तात्मक व्यवस्था पर चोट कर...
जनमत

फ़िल्म स्क्रीनिंग में कब हँसते और चुप होते हैं लोग

संजय जोशी
सितम्बर महीने में रिलीज़ हुई दस्तावेज़ी फ़िल्म ‘अपनी धुन में कबूतरी’ धीरे –धीरे हिट होती जा रही है. 20 दिन से कम के अंतराल में...
कविताजनमत

रेतीले टिब्बों पर खड़े होकर काले बादलों की उम्मीद ओढ़ता कवि : अमित ओहलाण

उमा राग
कविता जब खुद आगे बढ़कर कवि का परिचय देने में सक्षम हो तो फिर उस कवि के लिए किसी परिचय की प्रस्तावना गढ़ने की ज़रुरत...
जनमत

भारतीय चित्रकला और ‘कथा’ : 4

अशोक भौमिक
चित्रकला के सन्दर्भ में 'कथा' का महत्व केवल भारत तक ही सीमित है, ऐसा कहना गलत होगा। पर जिन देशों के लोगों के चिंतन में...
जनमत

किसानों के इस लड़ाकू जज्बे को सलाम

पुरुषोत्तम शर्मा
मंदसौर में किसान आन्दोलन के दमन के बाद चले धारावाहिक किसान आन्दोलन के बाद दिल्ली के द्वार पर हुए किसानों के इस दमन ने देश...
जनमत

किसानों के साथ ये बर्बरता क्यूँ ?

इन्द्रेश मैखुरी
आँसू गैस के गोले दागता आई.पी.एस. अफसर, किसान पर बंदूक ताने बिना वर्दी का पुलिस कर्मी और डंडा उठाए अकेले किसान पर डंडा ताने आधा...
जनमत

‘ किसानों का दमन कर मोदी सरकार ने सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है ’

  नई दिल्ली. अखिल भारतीय किसान महासभा ने दिल्ली के गाजीपुर बार्डर पर किसानों के शांतिपूर्ण मार्च को रोकने और आन्दोलनकारी किसानों का दमन करने...
जनमत

गांव में डॉ. अम्बेडकर व गौतम बुद्ध की मूर्ति रखने पर दलितों का उत्पीड़न

डॉ संदीप पांडेय उ.प्र. के राजधानी लखनऊ से सटे जिलों के दो गांवों में दलित समुदाय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर व भगवान गौतम बुद्ध की मूर्तियां...
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‘ तथाकथित हिंदुत्ववादी सरकार ने एक साधू को मरने के लिए छोड़ दिया है ’

समकालीन जनमत
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्य सभा सदस्य संजय सिंह और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के नेता संदीप पाण्डेय ने...
कविताजनमत

युवा कविता की एक सजग, सक्रिय और संवेदनशील बानगी है निशांत की कविताएँ

उमा राग
जब भी कोई नई पीढ़ी कविता में आती है तो उसके समक्ष सबसे बड़ा प्रश्न होता है कि वह अपने से ठीक पहले की पीढ़ी...
जनमत

हत्या जिनकी भी हो, पुरजोर विरोध कीजिएः तभी बचेगा समाज, तभी बचेगा देश !

जितेन्द्र कुमार
एप्पल कंपनी में मैनेजर के पद पर काम करने वाले विवेक तिवारी को शुक्रवार देर रात गश्त कर रहे उत्तर प्रदेश पुलिस के कॉन्स्टेबल ने...
जनमत

आधार पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय : आने वाला इतिहास असहमति वाले अल्‍पमत निर्णय को ही सही ठहरायेगा

समकालीन जनमत
सर्वोच्‍च न्‍यायालय का निर्णय लाखों लोगों को मायूस करने वाला है, क्‍योंकि देश के गरीबों को पीडीएस एवं मनरेगा जैसी जनकल्‍याण की योजनाओं से वंचित...
जनमत

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी : सर्वोच्‍च न्‍यायालय की निगरानी में एस.आई.टी. द्वारा जांच ही उचित

यह संतोषजनक है कि पुणे पुलिस द्वारा बिना जांच किये ही आरोप लगा कर जेल भेजने की सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने अनुमति नहीं दी और उन्‍हें...
जनमत

असली नक्सलियों के बीच

प्रेमकुमार मणि
भाकपा माले खुद को आज भी बदल रही है . इसी महीने 5 सितम्बर को गौरी लंकेश की बरखी पर पार्टी महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और...
जनमतसिनेमास्मृति

कल्पना लाज़मी के सिनेमा में एक सशक्त स्त्री की छवि उभरकर सामने आती है

समकालीन जनमत
यूनुस खान   कल्‍पना लाजमी का जाना हिंदी फिल्‍म जगत का एक बड़ा नुकसान है। बहुत बरस पहले एक सीरियल आया था ‘लोहित किनारे’। ये...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

जनगीतों का सामाजिक सन्दर्भ

समकालीन जनमत
डॉ. राजेश मल्ल   साहित्य अपने अन्तिम निष्कर्षों में एक सामाजिक उत्पाद होता है। कत्र्ता के घोर उपेक्षा के बावजूद समय और समाज की सच्चाई...
जनमतशख्सियतसिनेमा

ज़मीर को हर शै से ऊपर रखने वाले मंटो

अखिलेश प्रताप सिंह. खुदा ज्यादा महान हो सकता है लेकिन मंटो ज्यादा सच्चे दिखते हैं और उससे भी ज्यादा मनुष्य, क्योंकि मंटो को सब कुछ...
कविताजनमतस्मृति

चार आयामों का एक कवि विष्णु खरे

उमा राग
मंगलेश डबराल   यह बात आम तौर पर मुहावरे में कही जाती है कि अमुक व्यक्ति के न रहने से जो अभाव पैदा हुआ है...
जनमत

तीन तलाक़ अध्यादेश

कविता कृष्णन
क्या कोई समाचार चैनल है जिसने तत्काल/त्वरित तीन तलाक़ के खिलाफ अध्यादेश पर चर्चा करने से पहले खुद को और दर्शकों को विवाह व तलाक़...
जनमत

‘ भविष्य का भारत ’ की संघी दृष्टि

समकालीन जनमत
संघ भविष्य के भारत को हिन्दू राष्ट्र मानेगा। इसे सभी नहीं मान सकते। राजनीतिक दलों को वोट की चिन्ता है। इसलिए वे खुलकर हिन्दू राष्ट्र...
Fearlessly expressing peoples opinion