कविताजनमत रेतीले टिब्बों पर खड़े होकर काले बादलों की उम्मीद ओढ़ता कवि : अमित ओहलाणउमा रागOctober 7, 2018October 7, 2018 by उमा रागOctober 7, 2018October 7, 201803553 कविता जब खुद आगे बढ़कर कवि का परिचय देने में सक्षम हो तो फिर उस कवि के लिए किसी परिचय की प्रस्तावना गढ़ने की ज़रुरत...