Tag : संघर्ष

पुस्तक

विश्व पूंजीवाद और लोकतंत्र का अधिग्रहण

गोपाल प्रधान
(सदी की शुरुआत में प्रकाशित इस किताब को पढ़ते हुए लग रहा था कि वर्तमान भारत की कथा पढ़ रहा हूं।) 2001 में द फ़्री...
ज़ेर-ए-बहस

विकास, विस्थापन और आदिवासी समुदाय की चुनौतियाँ

रविवार 27  सितंबर को कोरस के लाइव कार्यक्रमों की शृंखला में ‘विकास, विस्थापन और आदिवासी समुदाय की चुनौतियाँ’ विषय पर सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला से...
ख़बर

शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

समकालीन जनमत
सीएम योगी आदित्यनाथ के शासन में उत्तर प्रदेश महिलाओं और दलितों के लिए बुरे सपने में बदल गया है। महिलाओं और दलितों के खिलाफ बढ़ते...
साहित्य-संस्कृति

साहित्य का स्त्री स्वर और कृष्णा सोबती

कोरस द्वारा विगत दो वर्षों से महादेवी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर ‘महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यानमाला’ का आयोजन इलाहाबाद में होता रहा है |...
ज़ेर-ए-बहस

हमें न तो दया की दृष्टि से देखो और न ही दैवीय दृष्टि से–शिप्रा शुक्ला

बीते रविवार कोरस के फेसबुक पेज लाइव के माध्यम से तेजपुर विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर शिप्रा शुक्ला से निशा ने ‘विकलांगता और स्त्री’ विषय पर...
ख़बर

रेलवे के निजीकरण के खिलाफ़ आई. आर. ई. एफ़. (IREF) ने मनाया देश भर में एंटी प्राइवेटाइजेशन डे

समकालीन जनमत
प्रयागराज पुनीत सेन आज इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर एंटी प्राइवेटाइजेशन डे के तहत देश भर में रेलवे कर्मचारियों ने सभी जोन, डिवीजन...
ज़ेर-ए-बहस

शोर ने गंभीर पत्रकारिता की जगह ले ली है और यह देश के जनतंत्र पर सबसे बड़ा खतरा है! : बी.बी.सी. पत्रकार प्रियंका दुबे

समकालीन जनमत
कोरस के फेसबुक लाइव में रविवार 26 जुलाई को बीबीसी पत्रकार प्रियंका दुबे से मीनल ने बातचीत की l प्रियंका हिंदुस्तान टाइम्स, तहलका और कारवां...
शख्सियत

वीरेन डंगवाल की कविता और स्त्रियाँ

समकालीन जनमत
(आज वीरेन डंगवाल का जन्मदिन है। वह हमारे साथ होते तो आज 73 बरस के होते। उनके जन्मदिन पर समकालीन जनमत विविध विधाओं में सामग्री...
साहित्य-संस्कृति

प्रो. गरिमा श्रीवास्तव से ‘स्त्री आत्मकथा के विविध पक्ष’ पर डॉ. कामिनी की बातचीत

समकालीन जनमत
कोरस के फेसबुक लाइव ‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ में बीते रविवार डॉ. कामिनी ने प्रो. गरिमा श्रीवास्तव से “स्त्री आत्मकथा के विविध पक्ष” पर बातचीत...
स्मृति

कवि बी एन गौड़: सब में बसता हूँ मैं

कौशल किशोर
86वें जन्मदिवस पर ‘मरूंगा नहीं…/क्रान्ति का इतिहास इतनी जल्दी नहीं मरता/बलिदान के रक्त की ललाई को/न धूप सुखा सकती है/न हवा और न वक्त/….इसलिए, मैं...

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