Tag : प्रतिरोध

साहित्य-संस्कृति

यलगार का कोरस

बीते रविवार कोरस के फेसबुक लाइव में यलगार सांस्कृतिक मंच के साथियों सिद्धार्थ प्रतिभावंत, स्वाती उथले और धम्मरक्षित ने युवाओं, महिलाओं, मजदूरों, शोषित एवं दलित...
शख्सियत

याद रखना भी हुनर है उसको

दीपक रूहानी अक्सर किसी कवि, लेखक या शायर की प्रासंगिकता पर सवाल उठाये जाते हैं। मेरे ख़याल में प्रासंगिकता किसी व्यक्ति विशेष की नहीं होती...
ख़बर जनमत

बुज़ुर्गों को पेंशन देने के पैसे नहीं और एनआरसी पर लाखों करोड़ खर्च रही सरकार

सुशील मानव
21 जनवरी को दिल्ली के 20 से अधिक संगठनों मिलकर जंतर मंतर पर पेंशन परिषद के बैनर तले पेंशन के मुद्दे पर ‘पेंशन नहीं तो...
जनमत शिक्षा

विश्वविद्यालयों की बात: गोपाल प्रधान

गोपाल प्रधान
2017 में वर्सो से स्टेफान कोलिनी की किताब ‘स्पीकिंग आफ़ यूनिवर्सिटीज’ का प्रकाशन हुआ । आजकल विश्वविद्यालयों और उनके विद्यार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी...
ख़बर ज़ेर-ए-बहस

लोकतांत्रिक अधिकारों के रक्षार्थ राष्ट्रीय अधिवेशन

समकालीन जनमत
पीयूसीएल की ओर से आईटीओ नई दिल्ली के मालवीय स्मृति संस्थान में विभिन्न समसामियक विषयों पर (31 अगस्त व 1 सितंबर) दो दिवसीय अधिवेशन आयोजित...
ख़बर

आरक्षण विरोधी फैसलों के विरुद्ध भाकपा माले का अखिल भारतीय प्रतिरोध कार्यक्रमों का आह्वान

नर्इ दिल्ली. आरक्षण विरोधी फैसलों के विरुद्ध भाकपा माले ने पूरे देश में प्रतिरोध कार्यक्रमों का आह्वान किया है. पार्टी ने संविधान आैर एस.सी./एस.टी./आेबीसी आरक्षण...
स्मृति

………तो क्या कामरेड जफ़र हुसैन की हत्या किसी ने नहीं की ?

समकालीन जनमत
कामरेड जफ़र हुसैन की हत्या को आज एक साल हो गया. पिछले वर्ष 16 जून को उनकी हत्या कमिश्नर अशोक जैन के नेतृत्व में नगरपालिका...
ख़बर

लाल किला की नीलामी के खिलाफ लेखकों, बुद्धिजीवियों , संस्कृतिकर्मियों ने प्रतिरोध मार्च निकाला

राम नरेश राम
इस प्रतिरोध मार्च में आइसा, अमन बैरदारी, सेंटर फॉर दलित लिटरेचर एंड आर्ट, दलित लेखक संघ, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट, डी.टी.आई, इप्टा, जन संस्कृति मंच, जनवादी...
कविता साहित्य-संस्कृति

साक्षी मिताक्षरा की कविताएं : गाँव के माध्यम से देश की राजनीतिक समीक्षा

उमा राग
आर. चेतन क्रांति गाँव हिंदी कविता का सामान्यतः एक सुरम्य स्मृति लोक रहा है, एक स्थायी नोस्टेल्जिया, जहाँ उसने अक्सर शहर में रहते-खाते-पीते, पलते-बढ़ते लेकिन...
कविता जनमत साहित्य-संस्कृति

इस क्रूरता पर हम सिर्फ़ रोयेंगें नहीं: सविता सिंह

उमा राग
सविता सिंह  आज कल मेरी सैद्धांतिक समझ इस बात को समझने में खर्च हो रही है कि किसी देश में छोटी बच्चियों के साथ इतना घिनौना...

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