Tag : कवि

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प्रगतिशील-वामपंथी आंदोलन की सक्रिय शख्सियत थे खगेंद्र ठाकुर : जन संस्कृति मंच

सुप्रसिद्ध प्रगतिशील आलोचक खगेंद्र ठाकुर को जन संस्कृति मंच की श्रद्धांजलि पटना. जन संस्कृति मंच ने सुप्रसिद्ध प्रगतिशील आलोचक, कवि, व्यंग्यकार, संगठक और वामपंथी नेता...
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‘क्रान्तिरथी’ और ‘मैं 1857 बोल रहा हूं’ के रचनाकार कवि बी एन गौड़ नहीं रहे

  लखनऊ, 3 जनवरी। ‘हर शोषण के उत्पीड़न के/हो विरुद्ध जो क्रान्ति वो सुन्दर है/धरती जब ज्वालामुखी बनती/तब जानो कि ज्वाला भी अन्दर है/इस भाँति...
साहित्य-संस्कृति

‘ गुंजन जी की आलोचना और रचना मनुष्यता के लिए समर्पित है ’

समकालीन जनमत
आरा. स्थानीय नागरी प्रचारिणी सभागार में आज वरिष्ठ आलोचक, कवि और संपादक रामनिहाल गुंजन के सम्मान में आयोजन हुआ। आयोजन की शुरुआत इप्टा के गायक-संगीतकार...
साहित्य-संस्कृति

असम के कवियों पर दर्ज मुक़दमा वापस लो !

समकालीन जनमत
  जन संस्कृति मंच का बयान 31 जुलाई को असम में नागरिकता रजिस्टर जारी होने वाला है। असम में इस मुद्दे पर भेदभाव के ख़िलाफ़...
कविता

केदार सम्मान से सम्मानित हुए कवि शंभु बादल

उमाशंकर सिंह परमार लखनऊ/बांदा। मशहूर जनकवि केदारनाथ अग्रवाल के निर्वाण दिवस के अवसर पर 22 जून को ‘जनकवि केदारनाथ अग्रवाल सम्मान’, विमोचन और कविता पाठ...
साहित्य-संस्कृति

गज़ल ‘बहुलता की संस्कृति’ की रक्षा करने वाली विधा – डा. जीवन सिंह

समकालीन जनमत
डी. एम. मिश्र के गज़ल संग्रह ‘वो पता ढूँढे हमारा ’ का विमोचन सम्पन्न दुष्यन्त ने गज़ल को यथार्थपरक बनाया – कौशल किशोर डी. एम....
कविता

पहली पुण्यतिथि पर बलिया ने याद किया केदार नाथ सिंह को

कवि केदारनाथ सिंह की स्मृति में बलिया में हुआ कार्यक्रम केदार जी से हमारी पीढ़ी ने बहुत कुछ सीखा – निलय उपाध्याय केदारनाथ सिंह भोजपुरी...
स्मृति

पहाड़ और नदियों ने खो दिया अपने कवि को

समकालीन जनमत
आज जब पहाड़, जंगल और जमीन सहित पूरी मानवता खतरे में है और उन्हें बचाने के लिए संघर्ष जारी है, ऐसे में एक कवि का...
शख्सियत साहित्य-संस्कृति

जबरदस्त कवि, बड़े सम्पादक, सिनेमा और संगीत के अध्येता, गंभीर पाठक, भाषाओं और यारों के धनी विष्णु खरे की याद

अशोक पाण्डे अलविदा विष्णु खरे – 1 जबरदस्त कवि, बड़े सम्पादक, सिनेमा और संगीत के अध्येता, गंभीर पाठक, भाषाओं और यारों के धनी उस आदमी...
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कवि व पत्रकार सुभाष राय को अपमानित किये जाने के खिलाफ लेखक व पत्रकार 12 को विरोध प्रदर्शन करेंगे

लखनऊ, 11 जून। हमारा यह समाज कैसा बन रहा है जहां आम आदमी शान्ति से रहना चाहे तो भी उसे रहने नहीे दिया जायेगा। गुण्डों,...
कविता खबर शख्सियत साहित्य-संस्कृति

वह चला गया, जिसने कहा था कि जाना सबसे खौफनाक क्रिया है

समकालीन जनमत
आशीष मिश्रा, युवा आलोचक   हिन्दी के सुप्रसिद्ध कवि केदारनाथ सिंह हमारे बीच नहीं रहे . कवि केदारनाथ सिंह के जाने के साथ ही न...
कविता साहित्य-संस्कृति

गंगा-जमुनी तहजीब और आज़ादी के पक्ष में है संजय कुमार कुंदन की शायरी : प्रो. इम्तयाज़ अहमद

समकालीन जनमत
  शायर संजय कुमार कुंदन के संग्रह ‘भले, तुम नाराज हो जाओ’ पर बातचीत   पटना. ‘‘हटा के रोटियां बातें परोस देता है/ इस सफ़ाई...