समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

स्मृति

राम किशोर सेकुलर और जनतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई की जरूरत थे – जन संस्कृति मंच

कौशल किशोर
लखनऊ। राही मासूम राजा अकादमी के संस्थापक महामंत्री, सोशलिस्ट फाऊंडेशन के अध्यक्ष तथा सामाजिक सांस्कृतिक आंदोलन के सक्रियतावादी राम किशोर नहीं रहे। चार  अप्रैल को...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति

जसम ने किया घर-गोष्ठी का आयोजन

समकालीन जनमत
इलाहाबाद, जन संस्कृति मंच ने एक अप्रैल को घरेलू गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी का विषय कविता पाठ एवं परिचर्चा था, जिसमें कविता पाठ के लिए...
साहित्य-संस्कृति

‘ भविष्य के सपनों को देखने के लिए इतिहास बोध ज़रूरी ’

‘राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ के सभागार में ‘सांस्कृतिक राजनीति और हाशिए का समाज’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन मऊ। भारत जन ज्ञान-विज्ञान समिति एवं जन...
कहानी

बंद दरवाज़ा: विनीता बाडमेरा की कहानी

समकालीन जनमत
बंद दरवाज़ा विनीता बाडमेरा की कहानी सामान्य मनुष्यों के पास भी हजारों कहानियाँ होती हैं पर वह कहानी कह नहीं पाता,लिख नहीं पाता। कहानीकार उन्हीं...
कविता

वसुंधरा यादव की कविताएँ मनुष्य-जीवन के संगीत के प्रति सघन आस्था से लबरेज़ हैं

तनुज कुमार कविता की दुनिया में रचनात्मक कदम-ताल की इतिश्री के कई रास्ते हैं. यहाँ अभिजात्य और कुरूप के बीच द्वंद्व भी है और साम्य...
कहानी

अरहर की दाल ( कहानी)

समकालीन जनमत
आलोक कुमार श्रीवास्तव  एंड्रॉएड फोन पास न होने का दर्द इन दिनों अक्सर ही सतह पर आ जाता है। मन में एक कचोट-सी उठती है।...
कहानी

आला-बाला-मकड़ी का जाला

समकालीन जनमत
अमित श्रीवास्तव  (इस कहानी को एआई -चैट जीपीटी- 04 O- के सहयोग से लिखा गया है।) साहिबान-ए-करम, मेहरबान, और कद्रदान! मैं हूँ दास्ताँ तराश—एक अदना...
कविता

सुप्रिया मिश्रा की कविताएँ प्रेम में सहारे की नहीं साथीपन की तलाश हैं

समकालीन जनमत
नाज़िश अंसारी अनुभव सिन्हा निर्देशित “तुम बिन” फिल्म की ग़ज़ल “कोई फ़रियाद तेरे दिल में दबी हो जैसे” में बहुत पहले ही हीरो ने हीरोइन...
कविता

शिवांगी गोयल की कविताएँ और स्त्री अस्तित्व का आधुनिक स्वर

समकालीन जनमत
माया मिश्र आज जब हम इक्कीसवीं सदी का एक चौथाई हिस्सा जी चुके हैं तब यह प्रश्न अपने समूचेपन में हमारे सामने बार बार खड़ा...
पुस्तक

‘गीली मिट्टी पर पंजों के निशान’: विडंबनाओं को कविता की ताकत बनाता कवि

उमा राग
 कुमार मुकुल ‘गंगा सहला रही है मस्जिद को आहिस्ते आहिस्ते । सरकार ने अब वुजू के लिए साफ़ पानी की सप्लाई करवा दी है’ ‘एक...
कविता

हेमन्त कुमार की कविताएँ सभ्यता-विकास को प्रश्नांकित करती हैं

कौशल किशोर डॉ. हेमन्त कुमार की कविता में ‘कटघरे के भीतर’  जीवन की पड़ताल हेमंत कुमार की कविताओं में प्रकृति, पर्यावरण, चिड़िया, गौरैया, जंगल, पहाड़,...
साहित्य-संस्कृति

दमन के बूते ही स्थापित होता है वर्चस्व-सुदामा प्रसाद

समकालीन जनमत
लखनऊ। अनिल सिन्हा स्मृति व्याख्यान को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए भाकपा माले सांसद कामरेड सुदामा प्रसाद ने कहा कि कोई भी वर्चस्व हमेशा...
कविता

समय से मुठभेड़ करती उषा राय की कविताएं

डॉ अवंतिका सिंह उषा राय प्रसिद्ध कहानीकार, कवि, नाटककार, और पर्यावरण प्रेमी हैं। उनका कविता संग्रह ‘ भीमा कोरे गांव और अन्य कविताएं ‘ 2023...
पुस्तक

भारत का स्वाधीनता संग्राम और अमेरिका

गोपाल प्रधान
2014 में आक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस से सीमा सोही की किताब ‘इकोज आफ़ म्युटिनी: रेस, सर्विलान्स, ऐंड इंडियन एन्टीकोलोनियलिज्म इन नार्थ अमेरिका’ का प्रकाशन हुआ ।...
कविताजनमत

निदा रहमान की कविताएँ स्त्री जीवन के जद्दोजहद की निर्भीक अभिव्यक्ति हैं

समकालीन जनमत
विपिन चौधरी स्त्री-चेतना को तर्कसंगत दृष्टिकोण देने के साथ-साथ निर्भीक अभिव्यक्ति को अपनाए जाने की समझ प्रदान करने वाली विधा कविता में स्त्री रचनाकार एक...
कविता

अमरेन्‍द्र कुमार की कविताओं में काव्‍य परंपरा का बोध अभिव्यक्त होता है

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल   अमरेन्‍द्र कुमार की कविताएँ पढ़ते लगता है कि अरसा बाद कोई सचमुच का कवि मिला है, अपनी सच्‍ची जिद, उमंग, उल्‍लास और...
कविता

अपराजिता अनामिका की कविताएँ पुरुष प्रधान समाज से प्रतिवाद करती स्त्री अस्मिता की पक्षधर हैं

समकालीन जनमत
गुंजन विधान किसी कवि के शुरुआती दौर में जो आवेग और मौजूदा सामाजिक ढांचे के साथ ऐतिहासिक समझ होनी चाहिए वह अपराजिता अनामिका में मौजूद...
स्मृति

मुर्दहिया की जमीन पर याद किये गए ‘मुर्दहिया’ के लेखक प्रो. तुलसी राम

राम नरेश राम
(प्रो तुलसी राम स्मृति आयोजन , धरमपुर आजमगढ़) 9 फरवरी 2025 को आजमगढ के धरमपुर गाँव में प्रो तुलसीराम को याद किया गया। 1 जुलाई...
साहित्य-संस्कृति

कलिंग पुरस्कार की प्रतिस्पर्धा से बाहर आने का फैसला किसी की प्रेरणा का नतीजा नहीं था : देवी प्रसाद मिश्र

वरिष्ठ कवि देवी प्रसाद मिश्र ने एक वक्तव्य में कहा है कि ‘ कलिंग पुरस्कार की प्रतिस्पर्धा से बाहर आने का  फैसला किसी की प्रेरणा...
साहित्य-संस्कृति

जसम लखनऊ का सम्मेलन : असगर मेहदी अध्यक्ष, शैलेश पंडित कार्यकारी अध्यक्ष तथा फरजाना महदी सचिव चुने गए

लखनऊ। जन संस्कृति मंच की लखनऊ इकाई का सम्मेलन नौ फरवरी को सी बी सिंह सभागार, हजरतगंज में आयोजित हुआ जिसमें उर्दू लेखक, इतिहासकार तथा...
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