पुस्तक एक भारत ऐसा भीगोपाल प्रधानDecember 21, 2021December 21, 2021 by गोपाल प्रधानDecember 21, 2021December 21, 20210162 भाषा सिंह की किताब ‘अदृश्य भारत: मैला ढोने के बजबजाते यथार्थ से मुठभेड़’ का प्रकाशन 2012 में पेंगुइन बुक्स से हुआ। किताब को एकाधिक अर्थों...
पुस्तक सोपान जोशी की किताब ‘जल थल मल’-आधुनिक जीवन का ज्ञानकोशगोपाल प्रधानNovember 27, 2021November 29, 2021 by गोपाल प्रधानNovember 27, 2021November 29, 2021054 राजकमल से 2018 के बाद 2020 में छपी सोपान जोशी की किताब ‘जल थल मल’ को देखने के बाद हूक सी पैदा होती है कि...
जनमत स्वाधीनता आंदोलन का वाम तेवरगोपाल प्रधानNovember 19, 2021November 19, 2021 by गोपाल प्रधानNovember 19, 2021November 19, 2021030 आज़ादी का अमृत महोत्सव उसके लिए लड़ने वालों को याद करने का भी मौका है। यह आज़ादी उपनिवेशवाद से लड़ाई करके हासिल की...
पुस्तक हिंदुत्व के उत्थान से उपजी निराशागोपाल प्रधानOctober 25, 2021November 17, 2021 by गोपाल प्रधानOctober 25, 2021November 17, 20210480 अभय कुमार दुबे की किताब ‘हिंदू-एकता बनाम ज्ञान की राजनीति’ का प्रकाशन वाणी प्रकाशन से 2019 में हुआ । शीर्षक ही बिना किसी लाग लपेट...
पुस्तक राजनीतिक प्रतिरोध में अहिंसा की भूमिकागोपाल प्रधानOctober 22, 2021November 19, 2021 by गोपाल प्रधानOctober 22, 2021November 19, 20210439 किताब में यही बताया गया है कि बीसवीं सदी में जनता ने हिंसा के बगैर सत्ता पर कब्जा करने की क्षमता अर्जित की । लेखकों...
साहित्य-संस्कृति प्रगतिशील साहित्य के पक्ष में बहस का एक तेवर : केदारनाथ अग्रवाल का आलोचनात्मक लेखनगोपाल प्रधानOctober 10, 2021June 12, 2021 by गोपाल प्रधानOctober 10, 2021June 12, 20210284 केदारनाथ अग्रवाल के आलोचनात्मक लेखन पर उनके जीवनकाल में ध्यान नहीं दिया गया । रामविलास शर्मा भी उनके गद्य की तारीफ़ उनकी चिट्ठियों के प्रसंग...
पुस्तक शहर और स्त्रीगोपाल प्रधानOctober 7, 2021October 7, 2021 by गोपाल प्रधानOctober 7, 2021October 7, 20210339 2019 में बिट्वीन द लाइन्स से लेस्ली केर्न की किताब ‘ फ़ेमिनिस्ट सिटी: ए फ़ील्ड गाइड ’ का प्रकाशन हुआ । लेखिका ने किताब की...
पुस्तक ‘उड़ता बनारस’: स्थापत्य में फ़ासीवाद गोपाल प्रधानSeptember 26, 2021September 27, 2021 by गोपाल प्रधानSeptember 26, 2021September 27, 20210305 सुरेश प्रताप की किताब ‘ उड़ता बनारस ’ हमसे वर्तमान शासन के कुछ कारनामों को गहरी निगाह से देखने की मांग करती है । पिछले...
स्मृति भविष्य के समाज की ताबीजगोपाल प्रधानSeptember 10, 2021September 10, 2021 by गोपाल प्रधानSeptember 10, 2021September 10, 20210905 नहीं जानता कि महान व्यक्ति किस तरह के होते हैं लेकिन कामरेड बृजबिहारी पांडे बिना शक महान थे। उनका अहैतुक स्नेह मुझे समय समय पर...
पुस्तक सरकार का अपने ही नागरिकों से युद्धगोपाल प्रधानSeptember 5, 2021September 6, 2021 by गोपाल प्रधानSeptember 5, 2021September 6, 20210462 लेख के शीर्षक से भ्रम सम्भव है कि यह किताब नागरिकता संबंधी कानूनों के बारे में है लेकिन दुर्भाग्य से हमारे देश की सरकार लम्बे...
पुस्तक कुर्सी के लिए कत्ल: गोपाल प्रधानगोपाल प्रधानAugust 9, 2021August 9, 2021 by गोपाल प्रधानAugust 9, 2021August 9, 20210947 2019 में शब्दलोक प्रकाशन से छपी किताब ‘सत्ता की सूली’ को तीन पत्रकारों ने मिलकर लिखा है । इस किताब ने वर्तमान पत्रकारिता को चारण...
पुस्तक मानव विकास का भौतिकवादी नजरियागोपाल प्रधानJuly 19, 2021July 18, 2021 by गोपाल प्रधानJuly 19, 2021July 18, 20210631 हिंदी भाषा में कुछ भी वैचारिक लिखने की कोशिश खतरनाक हो सकती है । देहात के विद्यार्थियों के लिए कुंजी लिखना ही इस भाषा का...
साहित्य-संस्कृति नागार्जुन की आलोचनागोपाल प्रधानJune 30, 2021July 1, 2021 by गोपाल प्रधानJune 30, 2021July 1, 202101497 नागार्जुन कवि थे, उपन्यासकार थे। थोड़ा ध्यान देकर देखें तो अनुवादक भी थे। लेकिन आलोचक ? और वह भी तब जब खुद उन्होंने आलोचक के...
पुस्तक खेती का इतिहासगोपाल प्रधानJune 20, 2021June 20, 2021 by गोपाल प्रधानJune 20, 2021June 20, 202101084 2020 में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास यानी नेशनल बुक ट्रस्ट से प्रकाशित सुषमा नैथानी की किताब ‘अन्न कहाँ से आता है’ सही अर्थ में हिंदी की...
पुस्तक क्रांतिकारी दुनिया-‘रेवोल्यूशनरी वर्ल्ड: ग्लोबल अपहीवेल इन द माडर्न एज’गोपाल प्रधानMay 5, 2021May 5, 2021 by गोपाल प्रधानMay 5, 2021May 5, 202101013 2021 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस से डेविड मोटाडेल के संपादन में ‘रेवोल्यूशनरी वर्ल्ड: ग्लोबल अपहीवेल इन द माडर्न एज’ का प्रकाशन हुआ । संपादक की...
पुस्तक इतिहास की सीख: मार्क्सिज्म 1844-1990: ओरिजीन्स, बिट्रेयल, रीबर्थगोपाल प्रधानApril 24, 2021April 24, 2021 by गोपाल प्रधानApril 24, 2021April 24, 202101412 1992 में रटलेज से रोजर एस गाटलिएब की किताब ‘मार्क्सिज्म 1844-1990: ओरिजीन्स, बिट्रेयल, रीबर्थ’ का प्रकाशन हुआ । किताब के नौ अध्याय चार हिस्सों में...
कविता धूमिल की ‘नक्सलबाड़ी’गोपाल प्रधानMarch 30, 2021March 30, 2021 by गोपाल प्रधानMarch 30, 2021March 30, 202106134 धूमिल की यह कविता उनके पहले काव्य संग्रह ‘संसद से सड़क तक’ में कुल चार पृष्ठों में प्रकाशित है । संग्रह से पहले 1967 में...
पुस्तक धर्म के आवरण में विद्रोह की अनूठी अभिव्यक्तिगोपाल प्रधानMarch 25, 2021March 25, 2021 by गोपाल प्रधानMarch 25, 2021March 25, 202101322 कनक तिवारी की 2021 में सूर्य प्रकाशन मन्दिर, बीकानेर से प्रकाशित किताब ‘ विद्रोही वेदान्ती का भारत बोध (विवेकानन्द को समझने की कोशिश) ’ को...
पुस्तक सरहद और सुरक्षागोपाल प्रधानMarch 23, 2021March 23, 2021 by गोपाल प्रधानMarch 23, 2021March 23, 202101384 2021 में हेमार्केट बुक्स से हर्षा वालिया की किताब ‘ बार्डर & रूल : ग्लोबल माइग्रेशन, कैपिटलिज्म, ऐंड द राइज आफ़ रेशियल नेशनलिज्म ’ का...
ज़ेर-ए-बहस किसान आंदोलन और लोकतंत्रगोपाल प्रधानMarch 16, 2021March 16, 2021 by गोपाल प्रधानMarch 16, 2021March 16, 202102472 सिद्ध है कि किसान आंदोलन का सवाल अब केवल खेती के लाभकर होने से ही जुड़ा नहीं रह गया है। इसकी सफलता पर लोकतंत्र और...