चंद्रशेखर : नई पीढ़ी का नायक

चंद्रशेखर की सबसे प्रिय किताब थी लेनिन की पुस्तक ‘क्या करें’। नेरुदा के संस्मरण भी उन्हें बेहद प्रिय थे। अकसर अपने भाषणों में वे पाश की प्रसिद्ध पंक्ति दोहराते थे- ‘सबसे खतरनाक है हमारे सपनों का मर जाना।’ १९९३ में जब हम जे.एन.यू. छात्रसंघ का चुनाव लड़ रहे थे तो सवाल-जवाब के सत्र में किसी ने उनसे पूछा,” क्या आप किसी व्यक्तिगत मह्त्वाकांक्षा के लिये चुनाव लड़ रहे हैं? ” उनका जवाब भूलता नहीं। उन्होंने कहा,” हां, मेरी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा है- भगतसिंह की तरह जीवन, चेग्वेआरा की तरह मौत ”। चंदू ने अपना वायदा पूरा किया।

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यौन उत्पीड़न के नौ मामलों में आरोपी अतुल जोहरी को बचाने में जुटा है जेएनयू प्रशासन

  यौन उत्पीड़न के नौ मामलों में आरोपी जेएनयू के प्रोफेसर अतुल जोहरी पर एफआईआर दर्ज हुए 72 घंटे से भी अधिक हो गए हैं. बावजूद इसके उनके ख़िलाफ़ कोई कार्यवाही होना तो दूर कैंपस में वे अपनी तमाम ज़िम्मेदार भूमिकाओं में न केवल कायम है बल्कि उनका फ़ायदा भी उठा रहे हैं. अतुल जोहरी इस समय विश्वविद्यालय की ‘इंटरनल क्वालिटी एश्युरेंस सेल’ के डायरेक्टर हैं, ‘ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेल’ के डायरेक्टर हैं, एक छात्रावास के वार्डन हैं, और कैंपस की कई समितियों में वाईस-चांसलर के पसंदीदा उम्मीदवार भी हैं.…

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जगदीश कुमार जी ! आप जेएनयू के वीसी बने रहने की वैधता और अधिकार खो चुके हैं-जेएनयू छात्र संघ

नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ ने वाइस चांसलर जगदीश कुमार पर दो वर्षों से छात्र व शिक्षक विरोधी नीतियों के जरिए जेएनयू के लोकतांत्रिक और समावेशी चरित्र को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए उनको हटाने की मांग की है। छात्र संघ की अगुवाई में 20 फरवरी को हजारों छात्र-छात्राओं ने हड़ताल करते हुए जेएनयू से मानव संसाधान विकास मंत्रालय तक मार्च किया और मांग पत्र दिया। इस मार्च में बड़ी संख्या में जेएनयू के शिक्षक और दिल्ली के नागरिक शामिल हुए। मार्च में शामिल छात्र-छात्राएं, शिक्षक…

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