आलोचना ने महादेवी वर्मा के साथ खिलवाड़ किया है : प्रो. सुधा सिंह

महादेवी वर्मा की पुण्य तिथि पर कोरस का आयोजन “श्रृंखला की कड़ियाँ में महादेवी सिमोन द बोउआर से पहले महिला प्रश्नों को उठाती हैं।” प्रो. राजेन्द्र कुमार इलाहाबाद. अवसर था महादेवी की पुण्य तिथि, 11 सितंबर पर इलाहाबाद वि.वि. के गेस्ट हाउस के सेमिनार हॉल में कोरस द्वारा आयोजित महादेवी स्मृति व्याख्यान माला का पहला व्याख्यान। विषय था- ‘समाज की महिला दृष्टि और महादेवी वर्मा का सृजन कर्म’। एकल व्याख्यान दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो. सुधा सिंह का था। अपनी बात की शुरुआत करते हुए सुधा सिंह ने कहा महादेवी वंचना-प्रवंचना और अभाव…

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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पटना में ‘कोरस’ द्वारा प्रतिरोध की एक शाम का आयोजन

14 अगस्त, पटना . स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कोरस द्वारा सांस्कृतिक प्रतिरोध की एक शाम का आयोजन किया गया . यह आयोजन सरकारी संरक्षण में हो रहे मुजफ्फरपुर,पटना,देवरिया समेत पूरे देश में महिलाओं पर हो रही वीभत्स यौन हिंसा के ख़िलाफ़ था. कार्यक्रम की शुरुआत 1857 के नायक अजीमुल्ला खां के गीत ‘हम हैं इसके मालिक हिंदुस्तान हमारा’ से हुई.  इसी दौरान वामदलों का कैंडिल मार्च जीपीओ गोलंबर से चलकर बुद्ध स्मृति पार्क पहुंचा . कार्यक्रम की शुरुआत 1857 के नायक अजीमुल्ला खां के गीत ‘हम हैं इसके मालिक हिंदुस्तान…

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खैनी खिलाओ न यार! /उर्फ / मौत से चुहल (सखा, सहचर, सहकर्मी, कामरेड महेश्वर की एक याद)

अपने प्रियतर लोगों- कृष्णप्रताप (के.पी.), गोरख, कामरेड विनोद मिश्र, महेश्वर पर चाहते हुए भी आज तक कुछ नहीं लिख सका। पता नहीं क्यों? इसकी वज़ह शायद उनसे एक जरूरी दूरी नहीं बन पाई आज तक, ताकि उसे देख सकूँ। शायद वे सब लोग स्मृतियों में आज भी वैसे ही साथ रहते-चलते चल रहे हों जैसे तब। शायद यह भी कि ये चारों लोग मिल कर स्मृति का एक वृत्त बन जाते हैं, इस तरह कि अलगा कर इनमें से किसी एक पर नहीं लिखा जा सकता। आज महेश्वर की पुण्य-तिथि…

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भिखारी ठाकुर लिखित ‘ गबरघिचोर ‘ के मंचन के साथ नाट्योत्सव का समापन

भोजपुरी के नामी कवि-नाटककार भिखारी ठाकुर का यह नाटक अभी भी प्रासंगिक है. ‘गबरघिचोर’ सामाजिक संरचना में स्त्री की जगह, महिला-पुरुष सम्बंध और विभिन्न क़िस्म की सांस्कृतिक सत्ताओं से हमारा साक्षात कराता है

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मेरी कोख पर मेरा हक कब बनेगा ?

गोरखपुर. प्रेमचंद पार्क स्थित मुक्ताकाशी मंच पर आज शाम पटना से आयी सांस्कृतिक संस्था ‘ कोरस ‘ ने प्रसिद्ध कथाकार शिवमूर्ति की चर्चित कहानी ‘ कुच्ची का कानून ’ का मंचन किया. यह आयोजन प्रेमचन्द साहित्य संस्थान और अलख कला समूह ने किया था। नाटक को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक जुटे. नाटक के मंचन के बाद वरिष्ठ कथाकार मदन मोहन ने नाटक की निर्देशक एवं कोरस की सचिव समता राय को स्मृति चिन्ह प्रदान किया. ‘ कुच्ची का कानून ‘ गांव के गहरे अंधकूप से एक स्त्री…

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