समकालीन जनमत

Tag : लोकतंत्र

जनमत

गणतंत्र अपने नौजवानों के ख़िलाफ़ : एक अभियोग

संविधा
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार बंद नहीं, क़िलेबंद था, मानो किसी विदेशी सीमा पर दुश्मन सेना डेरा डाले खड़ी हो। लोहे की सलाखों के...
जनमत

बुलडोज़र बाबा और लॉफ़ेयर की कला

संविधा
भारत का संविधान, वह अद्भुत दस्तावेज़ जिससे प्रेम करना मैंने वर्षों में सीखा है, आज धीमी गति से निष्पादित किया जा रहा है। किसी धमाके...
जनमतज़ेर-ए-बहस

लाल किले से आरएसएस को वैधता या लोकतंत्र विरोधी प्रतिक्रांति की घोषणा

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण    आजाद लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष भारत स्वतंत्रता का 78 वां वर्ष पूरा करते-करते अपने प्रतिलोम में बदल गया है। 15 अगस्त को लाल किले...
ज़ेर-ए-बहस

आज का कुलीनतंत्र

समकालीन जनमत
अतानु बिस्वास (वैसे तो यह लेख ट्रम्प के चुनाव को लेकर है पर थोड़ा गौर से देखा जाय तो इसके  निहितार्थ की परिधि में भारत...
पुस्तक

चुनाव के छल-प्रपंच: मतदाताओं की सोच बदलने का कारोबार!

पुस्तक- चुनाव के छल प्रपंच लेखक – हरजिंदर (प्रतिष्ठित पत्रकार, समाज के गंभीर मुद्दों को उजागर करने के लिए प्रयासरत) प्रकाशन – नवारुण क्या आने...
पुस्तक

कोमिंटर्न के इतिहास का खाका

1996 में मैकमिलन प्रेस से केविन मैकडर्मट और जेरेमी एग्न्यू की किताब ‘द कोमिंटर्न: ए हिस्ट्री आफ़ इंटरनेशनल कम्युनिज्म फ़्राम लेनिन टु स्तालिन’ का प्रकाशन...
पुस्तक

रक्तनदी की यात्रा: पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण

गोपाल प्रधान
2023 में परिकल्पना से प्रकाशित बजरंग बिहारी तिवारी की किताब ‘हिंसा की जाति: जातिवादी हिंसा का सिलसिला’ किसी के भी रोंगटे खड़े करने में सक्षम...
पुस्तक

संस्थाओं की स्वायत्तता और लोकतंत्र

गोपाल प्रधान
सभी जानते हैं कि हमारे देश में जो भी लोकतंत्र है उसके पीछे संस्थाओं की स्वायत्तता की प्रमुख भूमिका है । न केवल न्यायपालिका, कार्यपालिका...
ख़बर

मुक्तिबोध स्मृति दिवस पर  फासीवाद के खिलाफ एकता व प्रतिरोध का संकल्प

समकालीन जनमत
मुक्तिबोध के स्मृति दिवस के अवसर पर केसरबाग स्थित इप्टा कार्यालय में  ‘फासीवाद के खिलाफ प्रतिरोध, आजादी और लोकतंत्र की संस्कृति के लिए” विषय पर...
ज़ेर-ए-बहस

जनविरोधी और असंवैधानिक क़ानून निरस्त हो

समकालीन जनमत
जाहिद खान सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण सुनवाई करते हुए राजद्रोह के मामलों में सभी कार्यवाहियों पर रोक लगा दी है। अदालत...
ज़ेर-ए-बहस

भारतीय समाज की विविधता के बारीक तंतुओं पर पर टिका लोकतंत्र ही बड़ी प्रतिरोधी ताकत है

जयप्रकाश नारायण  गुजरात के बड़गांम के विधायक जिग्नेश मेवानी को यह पता नहीं था, कि कोई प्रशिक्षित दस्ता उनके दरवाजे पर रात्रि के 11:30 बजे...
ज़ेर-ए-बहस

‘ प्रजातांत्रिक स्वतंत्रताएं सिकुड़ रही हैं ’

राम पुनियानी
 स्टेंडअप कामेडियन मुनव्वर फारूकी बंगलौर में एक परोपकारी संस्था के लिए अपना शो करने वाले थे. पूरे टिकट बिक चुके थे. फिर आयोजकों को यह...
सिनेमा

जाति आधारित राज्य की हिंसा बयान करती है ‘जय भीम’

नितिन राज
“गणतंत्र को बचाने के लिए कभी-कभी तानाशाही की जरूरत पड़ती है।” यह टीजे गानवेल की फिल्म जय भीम में एक पुलिस अधिकारी के शब्द है,...
कविता

धूमिल की ‘नक्सलबाड़ी’

गोपाल प्रधान
धूमिल की यह कविता उनके पहले काव्य संग्रह ‘संसद से सड़क तक’ में कुल चार पृष्ठों में प्रकाशित है । संग्रह से पहले 1967 में...
पुस्तक

मार्क्सवाद की समझ

गोपाल प्रधान
2019 में डेमोक्रेसी ऐट वर्क से रिचर्ड डी वोल्फ़ की किताब ‘अंडरस्टैंडिंग मार्क्सिज्म’ का प्रकाशन हुआ । पतली सी इस किताब में लेखक का कहना...
ख़बर

बिहार की जनता बदलाव चाहती है

सत्ता की भूखी भाजपा जिसने 2015 के भाजपा विरोधी स्पष्ट जनादेश का अपहरण करके 2017 में नीतीश कुमार के साथ साजिश कर बिहार की कुर्सी...
पुस्तक

विश्व पूंजीवाद और लोकतंत्र का अधिग्रहण

गोपाल प्रधान
(सदी की शुरुआत में प्रकाशित इस किताब को पढ़ते हुए लग रहा था कि वर्तमान भारत की कथा पढ़ रहा हूं।) 2001 में द फ़्री...
ज़ेर-ए-बहस

जब कवि के गीत अस्त्र बन जाते हैं

वरवर राव तेलगु भाषा में कविता करते हैं. वे पी.एच.डी हैं. उनके पी.एच.डी. थीसिस का विषय था- तेलंगाना सशस्त्र संघर्ष और इतिहास. 40 साल तक...
शिक्षा

गुनता है गुरु ज्ञानी

डॉ.अंबरीश त्रिपाठी माता-पिता की महती इच्छा और महत्वाकांक्षाओं के साथ बच्चा पाठशाला में प्रवेश करता है । परीक्षा में अव्वल आने की प्रेरणा से वह...
ज़ेर-ए-बहस

महाजनी सभ्यता और महामारी के सबक

समकालीन जनमत
डॉ. दीना नाथ मौर्य सभ्यता के विकासक्रम में मानव जाति पर समय-समय पर आयी प्राकृतिक आपदाओं के ऐतिहासिक अनुभव से यह सीख ली जा सकती...
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