Tag : मीडिया

ज़ेर-ए-बहस

मीडिया और बाज़ार

समकालीन जनमत
कोरस के फेसबुक लाइव की शृंखला में बीते रविवार 4 अक्टूबर को स्वतंत्र पत्रकार नेहा दीक्षित से ‘मीडिया और बाज़ार ‘ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर...
ये चिराग जल रहे हैं

अशोकजी : पराड़कर-युगीन पत्रकारिता का अंतिम अध्याय

नवीन जोशी
आज जब शब्द, भाषा, व्याकरण, उच्चारण सब गड्ड-मड्ड हो गये हैं, यह समझा पाना मुश्किल है कि तब पत्रकारिता में इनको कितना महत्त्वपूर्ण माना जाता...
ख़बर

दो मलयालम चैनलों को दिल्ली हिंसा का सच दिखाने की सज़ा

समकालीन जनमत
सुशील मानव इस पोस्टट्रुथ (उत्तरसत्य) समय में जब हर ओर झूठ और पोपागैंडा का बोलबाला हो, सच लिखना, सच बोलना, सच दिखाना ही अपराध है...
ज़ेर-ए-बहस

पुलिस, मुसलमान और हिंदी मीडिया

समकालीन जनमत
उत्तर भारत में प्रतिबंधित संगठनों में सिमी का नाम सर्वाधिक चर्चित है। आज भी रह रह कर किसी घटना के समय या सांप्रदायिक माहौल को...
मीडिया साहित्य-संस्कृति

संपादक महोदय, वे विकास नहीं, विनाश पुरुष हैं. आप मोदीभक्ति करते रहिए

कुमार परवेज़
मीडिया की मोदीभक्ति अब दलाली के घृणित स्तर पर गिर गई है. भोजपुर में उन्हें लड़ाई ‘ विकास बनाम जातिवाद ‘ की दिखती है. मतलब,...
जनमत मीडिया

72 दिनों के लिए गोदी मीडिया के डिबेट का बहिष्कार करे और उससे लड़ कर दिखाए विपक्ष

रवीश कुमार
  मीडिया हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं का एक अग्रणी चेहरा है। इन पांच सालों में गोदी मीडिया बनने की प्रक्रिया तेज़ ही हुई है, कम नहीं...
जनमत मीडिया

कार्पोरेट न्यूज मीडिया : धनतंत्र के लिए और धनतंत्र-फासीवाद की सेवा में

आनंद प्रधान
अधिकांश न्यूज चैनलों पर इन दिनों 24×7 अहर्निश “बहस”, “महाबहस”, “दंगल”, “ताल ठोंक के” और इस जैसे और कई चर्चाओं के प्राइम टाइम कार्यक्रमों में...
कहानी ज़ेर-ए-बहस साहित्य-संस्कृति

समाज का सच सामने लाती है हेमंत कुमार की कहानी ‘रज्जब अली’

समकालीन जनमत
(कथाकार हेमंत कुमार की कहानी  ‘ रज्जब अली  ’ पत्रिका ‘ पल-प्रतिपल ’ में प्रकाशित हुई है. इस कहानी की विषयवस्तु, शिल्प और भाषा को...
जनमत मीडिया

“ तुम्हारी तहजीब अपने खंजर से आप ख़ुदकुशी करेगी ”

ए.बी.पी. न्यूज़ में जिस तरह से मिलिंद खांडेकर और पुण्य प्रसून वाजपेयी की विदाई हुई और अभिसार शर्मा को खामोश किया गया,वह निश्चित ही सत्ता...
जनमत

मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड :बिहारी समाज पहले दिन से आंदोलित है

कुमार परवेज मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड को मीडिया में अब जगह मिल रही है क्योंकि इसे अब दबाया नहीं जा सकता. दबाने के बहुत...

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