समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कविता

सतीश छिम्पा की कविताएँ अपने समय से किये गए बेचैन सवाल हैं

समकालीन जनमत
अनुपम त्रिपाठी सतीश जी राजस्थान के रहने वाले हैं. इनके तीन कविता संग्रह ‘लहू उबलता रहेगा’ (फिलिस्तीन के मुक्ति संघर्ष के लिए), ‘लिखूंगा तुम्हारी कथा’, ‘आधी...
जनमत

राष्ट्रीय मौद्रीकरण योजना के विरोध में 19 से 28 सितंबर तक महाअभियान चलाएगी आईआरईएफ

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वाराणसी। केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय मौद्रीकरण योजना के सम्बंध में पूर्वोत्तर रेलवे वर्कर्स यूनियन से सम्बद्ध आई आर ई एफ़ व ऐक्टू की कार्यकारणी सदस्यों की...
ख़बर

इंकलाबी नौजवान सभा के सम्मेलन में यूपी माँगे रोजगार अभियान चलाने का निर्णय

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वाराणसी। इंकलाबी नौजवान सभा 7वां राज्य सम्मेलन नौ सितंबर को बनारस के भगतसिंह-अम्बेडकर हॉल में आयोजित किया गया। सम्मेलन में प्रदेश की 28 जिलों के...
कहानी

स्लोवेनियन कहानीकार लिली पोटपारा की कहानी ‘ चाबी ’

समकालीन जनमत
( ‘ चाबी  ‘लिली पोटपारा द्वारा लिखित स्लोवेनियन भाषा की कहानी है। लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं।...
पुस्तक

वैश्विकता और स्‍थानीयता को जोड़ने वाली आत्‍मालोचना युक्‍त भावना

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कुमार मुकुल ताइवान के वरिष्ठ कवि, आलोचक ली मिन-युंग की कविताएँ आजादी, प्रेम और स्‍वप्‍न की भावनाओं को सहज और सचेत ढंग से स्‍वर देती...
कविता

सोनू यशराज की कविताएँ किताबों से एक स्त्री का संवाद हैं

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आलोक रंजन सोनू यशराज की अधिकांश कविताएँ किताबों को समर्पित हैं और शेष स्त्री प्रश्नों से जुड़ी हुई । किताबों के माध्यम से रचनाकार ने...
ज़ेर-ए-बहस

आलोचनात्मक साहित्य को सेंसर करना देश को कमजोर बनाता है:लेखक और सांस्कृतिक संगठन

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सिलेबस से बाहर की गई रचनाओं को बहाल करे दिल्ली विश्वविद्यालय- दस संगठनों का संयुक्त बयान साम्प्रदायिक फासिस्ट शक्तियां स्वभावतः साहित्य, संस्कृति और वैज्ञानिक शिक्षा...
कविता

प्रेम की अँजोरिया फैलाती हैं नीरज की कविताएँ

समकालीन जनमत
रमण कुमार सिंह अवधी पृष्ठभूमि के कवि नीरज की कविताएँ किसान जीवन और संस्कृति से हमारा साक्षात्कार कराती हैं। सबसे ज्यादा आकर्षित करती है उनकी...
पुस्तक

कितने बहानों के बीच देश काल: अरुणाभ सौरभ का काव्य संग्रह ‘किसी और बहाने से’

समकालीन जनमत
रोमिशा  जाने कितने बहानों से कवि अपने ईर्द -गिर्द के समाज, देश, काल में क्या सब देख लेता है और उसी देखने के क्रम में...
कविता

जसिंता केरकेट्टा की कविताएँ सत्ता की भाषा के पीछे छुपी मंशा को भेद कर उसके कुटिल इरादों को बेनकाब करती हैं

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निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री जसिंता केरकेट्टा की कविताओं को महज जनजातीय स्मृतियों अथवा चेतना की कविताएँ कहना न्यायसंगत न होगा। अपने पर्यावरण और जातीय स्मृतियों...
जनमतज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-बाईस

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जयप्रकाश नारायण  किसान आंदोलन और स्वतंत्रता दिवसः किसानों के लिए आजाद भारत के मायने   स्वतंत्रता संघर्ष के प्रतीकों, ऐतिहासिक तारीखों एवं  आजादी के प्रतीक...
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किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-इक्कीस

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  हरित क्रांति से निर्मित यथार्थ और सवर्ण जातियां   1947 के पहले और उसके बाद भी ब्रिटिश उपनिवेशवाद के विध्वंसक प्रभाव और गुलामी...
कविता

ज़ु लिज़ी की कविताएँ पाठक वर्ग के बीच अपनी समझ को डी-क्लास करने की मांग करती हैं

समकालीन जनमत
तनुज  समाजवाद के उत्तर-संक्रांति काल के दौरान विश्व बाज़ार से प्रभावित होकर चीन की बदली आर्थिक नीतियाँ और पूंजीवादी दक्षिणपंथी भटकाव ने देश की भीतरी...
जनमतज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-बीस

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जयप्रकाश नारायण  किसान आंदोलन के सघन पूंजी निवेश वाले क्षेत्र के बाहर विस्तार का सवाल ओबीसी जातियों का अधिकांश हिस्सा छोटे-मझोले और सीमांत किसानों का...
जनमतज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-उन्नीस

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण    हरित क्रांति से निर्मित नया यथार्थ और ग्रामीण जीवन में बढ़ते अंतर्विरोधों  की तीव्रता हरित क्रांति ने कृषि प्रधान भारतीय समाज में...
ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-अठारह

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  भारतीय समाज का यथार्थ खोजता किसान आंदोलन किसान आंदोलन की राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका थी। 1947 के पहले किसान आंदोलन के दो...
ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-सत्रह

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  भारतीय समाज के यथार्थ से टकराता, राह खोजता किसान आंदोलन किसान आंदोलन को राज्य के निर्मम दमन से लड़ते हुए भारतीय समाज के...
जनमतज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-सोलह

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  9 अगस्त, भारत छोड़ो आन्दोलन दिवस और किसान आंदोलन की अग्रगति अगस्त क्रांति दिवस को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा  तीनों किसान विरोधी कानून...
ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-पन्द्रह

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  9 अगस्त, क्रांति दिवस: किसान आंदोलन का आवाहन किसान आंदोलन का नवीनतम नारा  है, कारपोरेट खेती छोड़ो। तीन काले कृषि कानून वापस, लो...
जनमत

विश्व आदिवासी दिवस: ‘दे और दिल उन को जो न दे मुझ को ज़बाँ और’

समकालीन जनमत
राही डूमरचीर आज से अठारह साल पहले की एक दोपहर, जब मैं सही मायने में इस धरती का सच्चा नागरिक बनने की प्रक्रिया से जुड़...
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