समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमत

गांव में डॉ. अम्बेडकर व गौतम बुद्ध की मूर्ति रखने पर दलितों का उत्पीड़न

डॉ संदीप पांडेय उ.प्र. के राजधानी लखनऊ से सटे जिलों के दो गांवों में दलित समुदाय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर व भगवान गौतम बुद्ध की मूर्तियां...
जनमत

‘ तथाकथित हिंदुत्ववादी सरकार ने एक साधू को मरने के लिए छोड़ दिया है ’

समकालीन जनमत
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्य सभा सदस्य संजय सिंह और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के नेता संदीप पाण्डेय ने...
कविताजनमत

युवा कविता की एक सजग, सक्रिय और संवेदनशील बानगी है निशांत की कविताएँ

उमा राग
जब भी कोई नई पीढ़ी कविता में आती है तो उसके समक्ष सबसे बड़ा प्रश्न होता है कि वह अपने से ठीक पहले की पीढ़ी...
जनमत

हत्या जिनकी भी हो, पुरजोर विरोध कीजिएः तभी बचेगा समाज, तभी बचेगा देश !

जितेन्द्र कुमार
एप्पल कंपनी में मैनेजर के पद पर काम करने वाले विवेक तिवारी को शुक्रवार देर रात गश्त कर रहे उत्तर प्रदेश पुलिस के कॉन्स्टेबल ने...
जनमत

आधार पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय : आने वाला इतिहास असहमति वाले अल्‍पमत निर्णय को ही सही ठहरायेगा

समकालीन जनमत
सर्वोच्‍च न्‍यायालय का निर्णय लाखों लोगों को मायूस करने वाला है, क्‍योंकि देश के गरीबों को पीडीएस एवं मनरेगा जैसी जनकल्‍याण की योजनाओं से वंचित...
जनमत

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी : सर्वोच्‍च न्‍यायालय की निगरानी में एस.आई.टी. द्वारा जांच ही उचित

यह संतोषजनक है कि पुणे पुलिस द्वारा बिना जांच किये ही आरोप लगा कर जेल भेजने की सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने अनुमति नहीं दी और उन्‍हें...
जनमत

असली नक्सलियों के बीच

प्रेमकुमार मणि
भाकपा माले खुद को आज भी बदल रही है . इसी महीने 5 सितम्बर को गौरी लंकेश की बरखी पर पार्टी महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और...
जनमतसिनेमास्मृति

कल्पना लाज़मी के सिनेमा में एक सशक्त स्त्री की छवि उभरकर सामने आती है

समकालीन जनमत
यूनुस खान   कल्‍पना लाजमी का जाना हिंदी फिल्‍म जगत का एक बड़ा नुकसान है। बहुत बरस पहले एक सीरियल आया था ‘लोहित किनारे’। ये...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

जनगीतों का सामाजिक सन्दर्भ

समकालीन जनमत
डॉ. राजेश मल्ल   साहित्य अपने अन्तिम निष्कर्षों में एक सामाजिक उत्पाद होता है। कत्र्ता के घोर उपेक्षा के बावजूद समय और समाज की सच्चाई...
जनमतशख्सियतसिनेमा

ज़मीर को हर शै से ऊपर रखने वाले मंटो

अखिलेश प्रताप सिंह. खुदा ज्यादा महान हो सकता है लेकिन मंटो ज्यादा सच्चे दिखते हैं और उससे भी ज्यादा मनुष्य, क्योंकि मंटो को सब कुछ...
कविताजनमतस्मृति

चार आयामों का एक कवि विष्णु खरे

उमा राग
मंगलेश डबराल   यह बात आम तौर पर मुहावरे में कही जाती है कि अमुक व्यक्ति के न रहने से जो अभाव पैदा हुआ है...
जनमत

तीन तलाक़ अध्यादेश

कविता कृष्णन
क्या कोई समाचार चैनल है जिसने तत्काल/त्वरित तीन तलाक़ के खिलाफ अध्यादेश पर चर्चा करने से पहले खुद को और दर्शकों को विवाह व तलाक़...
जनमत

‘ भविष्य का भारत ’ की संघी दृष्टि

समकालीन जनमत
संघ भविष्य के भारत को हिन्दू राष्ट्र मानेगा। इसे सभी नहीं मान सकते। राजनीतिक दलों को वोट की चिन्ता है। इसलिए वे खुलकर हिन्दू राष्ट्र...
कविताजनमतस्मृति

जीवन को एक कार्निवल के रूप में देखने वाला कवि कुँवर नारायण

समकालीन जनमत
  कमोबेश दो शताब्दियों की सीमा-रेखा को छूने वाली कुँवर नारायण की रचना-यात्रा छह दशकों से भी अधिक समय तक व्याप्त रही है। उनका पूरा...
जनमत

कार्पोरेट के लिए गांवों तक लाल कारपेट बिछाने की नीति से हो रही है खेती-किसानी की तबाही

समकालीन जनमत
खेती-किसानी की नीतियों का वर्तमान स्वरूप किसान हितों के प्रतिकूल है। यह नीति खेती-किसानी की कब्र निर्माण के दूषित नीति के साथ पूरा होने को...
जनमत

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए आइसा ने घोषित किया अपना पैनल

समकालीन जनमत
इलाहाबाद. इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2018 के लिए ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने सदस्यों की आम सभा बुलाकर अपने प्रत्याशियों की घोषणा की। अध्यक्ष...
जनमत

‘ सनातन संस्था ’ और ‘अरबन नक्सल ’

समकालीन जनमत
सनातन संस्था के बारे में लोगों को कम जानकारी है। पत्रकारों, सम्पादकों और टी वी चैनलों का ध्यान इस पर नहीं जाता। इसके ठीक विपरीत...
जनमत

एन.एच.74 भूमि घोटाला : अफसरों की बलि से किसकी जान बची ?

इन्द्रेश मैखुरी
उत्तराखंड में दो आई.ए.एस. अफसरों चंद्रेश कुमार यादव और पंकज कुमार पाण्डेय को एन.एच.74 के भूमि घोटाले में निलंबित किए जाने की खबर है. इस...
ख़बरजनमतस्मृति

आलोचना ने महादेवी वर्मा के साथ खिलवाड़ किया है : प्रो. सुधा सिंह

समकालीन जनमत
महादेवी वर्मा की पुण्य तिथि पर कोरस का आयोजन “श्रृंखला की कड़ियाँ में महादेवी सिमोन द बोउआर से पहले महिला प्रश्नों को उठाती हैं।” प्रो. राजेन्द्र कुमार...
जनमतस्मृति

आत्म-अलगाव (एलिअनेशन) का प्रश्न और मुक्तिबोध

रामजी राय
( गजानन माधव मुक्तिबोध (जन्म : 13 नवंबर 1917-मृत्यु :11 सितंबर 1964) हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि, आलोचक, निबंधकार, कहानीकार तथा उपन्यासकार रहे हैं ....
Fearlessly expressing peoples opinion