समकालीन जनमत

Author : उमा राग

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उमा राग दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं और समकालीन जनमत के सम्पादक मण्डल की सदस्य हैं।
कविता

बलराम कांवट की कविताएँ एक समावेशी दुनिया का ख़्वाब रचती हैं

उमा राग
 मनीष कुमार यादव ”जंगल में दूर किसी टहनी पर झूलती बया अब तक इसी भरोसे पर सहती आयी है इस विपदा को कि थोड़ी देर...
पुस्तक

अंचित का काव्य संग्रह ‘आधी पंक्ति’: मनुष्य और शहर के बीच संवाद के एक सेतु की निर्मिति है

उमा राग
विधान गुंजन सहजता कवि का आभूषण है। जो बात जिस तरह से कही जानी चाहिए, उसे उसी तरह कहना ही कवि को विशिष्ट बनाता है।...
पुस्तक

शिव कुमार पराग की ग़ज़लगोई :आँधियों में जलते चिराग़

उमा राग
जितेंद्र कुमार शिव कुमार पराग की दस ग़ज़लें वरिष्ठ ग़ज़लकार डॉ. डी. एम. मिश्र द्वारा संपादित ‘ग़ज़ल एकादश ‘(हिंदी श्री पब्लिकेशन, प्रथम संस्करण, 2021) में...
साहित्य-संस्कृति

याद -ए- रफ़ी : मानवीय उत्सवों के गायक थे मोहम्मद रफ़ी

उमा राग
शहंशाह-ए-तरन्नुम मोहम्मद रफ़ी के देहावसान के 45 वर्ष हो चले लेकिन उनके मुख्य धारा हिंदी गानों के अतिरिक्त ग़ज़ल, भजन, देशभक्ति गीत, क़व्वाली और अन्य...
पुस्तक

शांति नायर के कविता संग्रह ‘ज्यामिति’ की पुस्तक समीक्षा

उमा राग
पवन करण जिनके पास जितने नुकीले कोण हैं वे उतने ही अधिक पुरुष हैं। शांति नायर की कविताएँ बातचीत में भाग लेने पहुँचती हैं, ज़रा...
कविता

टेकचंद की कविताएँ वर्तमान समय के असंतोष को चिन्हित करती हैं

उमा राग
ख़ुदेजा ख़ान किसी भी साहित्यकार की लेखन के प्रति प्रतिबद्धता तब तक अधूरी है जब तक वो जन सरोकारों से न जुड़े। देश- दुनिया के...
जनमत

डॉक्टर आस्था शर्मा की कविताएँ इंसानी मनोविज्ञान की रचनाएँ हैं

उमा राग
मेहजबीं डॉक्टर आस्था शर्मा पेशे से मनोचिकित्सक हैं। मनोचिकित्सक की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि वो अपने मरीज़ के मस्तिष्क को मन को...
पुस्तक

‘गीली मिट्टी पर पंजों के निशान’: विडंबनाओं को कविता की ताकत बनाता कवि

उमा राग
 कुमार मुकुल ‘गंगा सहला रही है मस्जिद को आहिस्ते आहिस्ते । सरकार ने अब वुजू के लिए साफ़ पानी की सप्लाई करवा दी है’ ‘एक...
साहित्य-संस्कृति

कवि केशव तिवारी ने प्रायोजकों के साथ अपनी वैचारिक असहमति के कारण लिया कलिंगा सम्मान वापसी का फ़ैसला

उमा राग
कवि केशव तिवारी ने कलिंगा सम्मान के प्रायोजकों के साथ अपनी वैचारिक असहमति दर्ज करते हुए इस सम्मान को स्वीकार न करने का फैसला किया...
कविता

हूबनाथ पांडेय ने अपनी कविताओं में व्यवस्था की निर्लज्जता को बेनक़ाब किया है

उमा राग
मेहजबीं हूबनाथ पांडेय जी जनसरोकार से जुड़े हुए कवि हैं। उनकी अभिव्यक्ति के केन्द्र में व्यवस्था का शोषण तंत्र है, प्रशासन द्वारा परोसा जा रहा...
कविता

मंजुल भारद्वाज की कविताएँ दमनात्मक व्यवस्था की त्रासदी को उजागर करती हैं

उमा राग
मेहजबीं मंजुल भारद्वाज एक मंझे हुए रंगकर्मी हैं और एक ज़िम्मेदार कवि भी। उनकी अभिव्यक्ति के केन्द्र में लोकतंत्र संविधान और देश की जनता है।...
कविता

संजय कुंदन की कविताएँ स्थगित प्रश्नकाल में ख़तरनाक सवाल की उपस्थिति हैं।

उमा राग
अरुण आदित्य संजय कुंदन की कविताओं में गूंजती विविध आवाजों को सुनें तो लगता है कि शास्त्रीयता के बोझ से मुक्त यह कविता दरअसल कविता...
कविता

नाज़िश अंसारी की कविताएँ लैंगिक और धार्मिक मर्यादाओं से युद्धरत हैं

विपिन चौधरी   बहरहाल.. गाय-वाय-स्त्री-विस्त्री-योनि-वोनि कुछ नहीं होना मुझे मुझे मेरे होने से छुट्टी चाहिए (मुझे छुट्टी चाहिए) नाज़िश अंसारी की कविताएँ उस युवा सोच...
कविता

ख़ुदेजा ख़ान की कविताएँ सिस्टम की मार सहते नागरिक की आवाज़ हैं

उमा राग
मेहजबीं ख़ुदेजा ख़ान की कविताएँ अपने वर्तमान समय का दस्तावेज़ हैं। उनकी कविता के केन्द्र में आम लोग हैं, मतदाता हैं, बूढ़े हैं, बच्चे हैं,...
पुस्तक

न्यूटन भौंचक्का था: अपने समय को ध्वनित करती कविताएँ

उमा राग
सुरेन्द्र रघुवंशी ड्यूरेल ने कहा है-” विज्ञान बौद्धिक काव्य है और काव्य भावनात्मक विज्ञान ।” वरिष्ठ कवि निरंजन श्रोत्रिय विज्ञान के प्रोफ़ेसर हैं और हिन्दी...
कविता

रवित यादव की कविताएँ प्रश्नाकुल और उर्वर भावभूमि से उपजती हैं

उमा राग
आलोक रंजन हाल में रवित यादव की कविताओं से रु ब रु होने का मौका मिला । उनकी कविताओं में युवतर जीवन की समाज की...
पुस्तक

समकाल की आवाज़ – कुछ कवि, कुछ नोट्स

उमा राग
कुमार मुकुल   आँखें आशंकित थीं हाथों ने कर दिखाया अजेय की कविताएँ ठोस ढंग से विवेक की ताकत को अभिव्‍यक्‍त करती श्रम की संस्‍कृति...
स्मृति

महिला आंदोलन की अगुआ के रूप में हमारी स्मृतियों में हमेशा रहेंगी कमला भसीन

उमा राग
कमला भसीन का जाना समूचे नारीवादी आंदोलन और मानवाधिकार आंदोलन के लिए एक कभी न भरे जा पाने वाले वैक्यूम की तरह है। कमला भसीन...
कविता

‘ तेरह साल के लड़के ’

उमा राग
समकालीन जनमत पर प्रस्तुत है कवयित्री देवयानी भारद्वाज की कविता ‘तेरह साल के लड़के’। 12 मार्च को गाज़ियाबाद उत्तरप्रदेश में 13 वर्षीय आसिफ़ नामक एक...
ख़बर

दिल्ली आशा कामगार यूनियन (ऐक्टू) ने दिल्ली के कई डिस्पेंसरियों में किया विरोध प्रदर्शन

उमा राग
श्वेता राज ऐक्टू के देशव्यापी अभियान के तहत दिल्ली व देश के विभिन्न हिस्सों में आशा व अन्य कर्मियों ने किया ज़ोरदार प्रदर्शन : केंद्र...
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