Tag : नवीन जोशी

पुस्तक

टिकटशुदा रुक्का: अंत ही शुरुआत है

समकालीन जनमत
ममता सिंह नवीन जोशी द्वारा लिखित टिकटशुदा रुक्का उपन्यास पर बात करने के लिए जाने क्यों पहले अंत की बात करने का मन होता है,...
ये चिराग जल रहे हैं

जिज्ञासु : ‘ अचल ’ की परम्परा के वाहक

नवीन जोशी
( वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक नवीन जोशी के प्रकाशित-अप्रकाशित संस्मरणों की  श्रृंखला ‘ये चिराग जल रहे हैं’ की  चौथी  क़िस्त  में  प्रस्तुत  है   कुमाऊंनी भाषा ...
ये चिराग जल रहे हैं

‘अचल’ वाले जीवन चंद्र जोशी

नवीन जोशी
( वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक नवीन जोशी के प्रकाशित-अप्रकाशित संस्मरणों की  श्रृंखला ‘ये चिराग जल रहे हैं’ की  तीसरी   क़िस्त  में  प्रस्तुत  है   कुमाऊंनी भाषा...
ये चिराग जल रहे हैं

अशोकजी : पराड़कर-युगीन पत्रकारिता का अंतिम अध्याय

नवीन जोशी
आज जब शब्द, भाषा, व्याकरण, उच्चारण सब गड्ड-मड्ड हो गये हैं, यह समझा पाना मुश्किल है कि तब पत्रकारिता में इनको कितना महत्त्वपूर्ण माना जाता...
ख़बर

जल्द आ रहा है समकालीन जनमत का नया कॉलम ‘ये चिराग़ जल रहे हैं’

समकालीन जनमत
प्रिय पाठकों,  आप सबसे यह साझा करते हुए ख़ुशी हो रही है कि समकालीन जनमत वेब पोर्टल की सामग्री में महत्वपूर्ण इजाफ़ा करते हुए जल्द...

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