समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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जनमतस्मृति

खेतिहर समाज में सक्रिय शोषक-शक्तियों की पहचान करने वाले चिंतक ज्योतिबा फुले

समकालीन जनमत
(ज्योतिराव गोविंदराव फुले (11 अप्रैल 1827-28 नवम्बर 1890 के स्मृति दिवस पर उन्हें और उनके योगदान को याद कर रहें हैं सर्वेश कुमार मौर्य)  संपादक...
जनमत

आरएसएस प्रजातांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष भारत के लिए सब से घातक आतंरिक खतरा

समकालीन जनमत
शम्सुल इस्लाम इतिहास इस सच्चाई का गवाह है कि अनेकों बार देश और उनके राजनैतिक निज़ाम बाहरी दुश्मनों के काराण नहीं, बल्कि आतंरिक तत्वों, जो...
कविता

कोमल ज़िद से एक बेहतर दुनिया के लिए बहस करती पराग पावन की कविताएँ

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विवेक निराला पराग पावन हिन्दी-कविता की युवतर पीढ़ी के पहचाने जाने वाले कवि हैं। उनकी कविता एक ओर हमारे समकालीन यथार्थ को उघाड़ कर रखती...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

पूर्वांचल के जातीय कथाकार हैं विवेकी राय

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(कथाकार विवेकी राय का जन्मदिन 19 नवम्बर को और पुण्यतिथि 22 नवंबर को होती है । विवेकी राय की स्मृति में प्रस्तुत है युवा आलोचक...
स्मृति

अलविदा फ़हमीदा रियाज़

समकालीन जनमत
प्रो. चमनलाल सोने से पहले आदतन कल रात टिवीटर/फ़ेसबुक/व्हाट्सप्प पर एक नज़र डाल रहा था कि डॉ अखलाक ने फहमीदा के न रहने का संदेश...
ख़बरस्मृति

फ़हमीदा रियाज़ का जाना

समकालीन जनमत
अशोक पांडेय “कब तक मुझ से प्यार करोगे? कब तक? जब तक मेरे रहम से बच्चे की तख़्लीक़ का ख़ून बहेगा जब तक मेरा रंग...
जनमत

भारतीय संवैधानिक अदालतें और धर्मनिरपेक्षता (भाग-2)

समकालीन जनमत
इरफ़ान इंजीनियर (पिछले अंक से जारी)   पिछले अंक में हमने यह चर्चा की कि किस प्रकार, संविधान का अनुच्छेद 26 जहां विभिन्न धार्मिक समुदायों...
शख्सियत

क्रान्ति आती नहीं, ले आयी जाती है बरक्स कर्तार सिंह सराभा

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ग़दर आन्दोलन और भारतीय राष्ट्रीय चेतना के प्रचार-प्रसार के लिए कर्तारसिंह ने ‘ग़दर’ नाम से एक पत्रिका निकालना प्रारम्भ किया, जिसके सम्पादक वह स्वयं बने।...
इतिहास

नेहरू की छवि के साथ खिलवाड़ छद्म इतिहास निर्माण की कोशिश है

समकालीन जनमत
रमा शंकर सिंह यह इतिहास की बिडम्बना है कि जिस जवाहरलाल नेहरु ने जीवन भर इतिहास पढ़ा, लिखा और इससे बढ़कर इतिहास बनाने का काम...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

मुक्तिबोध मेरे लिए -अच्युतानंद मिश्र

समकालीन जनमत
अच्युतानंद मिश्र फ़िराक ने अपने प्रतिनिधि संग्रह ‘बज़्मे जिंदगी रंगे शायरी’ के संदर्भ में लिखा है, जिसने इसे पढ़ लिया उसने मेरी शायरी का हीरा...
साहित्य-संस्कृति

मुक्तिबोध आस्था देते हैं मुक्ति नहीं

समकालीन जनमत
प्रियदर्शन मुक्तिबोध और ख़ासकर उनकी कविता ‘अंधेरे में’ पर लिखने की मुश्किलें कई हैं। कुछ का वास्ता मुक्तिबोध के अपने बेहद जटिल काव्य विन्यास से...
ज़ेर-ए-बहस

राफेल डील : कुछ तो है, जिसकी पर्दादारी है

समकालीन जनमत
जाहिद खान राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर मोदी सरकार की लाख पर्देदारी और एक के बाद एक लगातार बोले जा रहे झूठ के बीच, इस...
ख़बरनाटकसाहित्य-संस्कृति

कोरस के सालाना कार्यक्रम ‘अजदिया भावेले’ में रजिया सज्जाद ज़हीर की कहानियों का पाठ एवं मंचन

समकालीन जनमत
28 अक्टूबर, पटना आज कोरस के सालाना कार्यक्रम ‘अजदिया भावेले’ की शृंखला में इस बार साहित्यकार, नाट्यकर्मी व एक्टिविस्ट रज़िया सज़्ज़ाद ज़हीर के जन्म-शती वर्ष...
ग्राउन्ड रिपोर्ट

एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश का परिणाम है मोहम्मद अज़ीम की हत्या

समकालीन जनमत
दिल्ली के मालवीय नगर में मोहम्मद अज़ीम की हत्या पर सीपीआईएमएल, सीपीएम, आइसा, एडवा की तथ्यान्वेषी रपट नई दिल्ली. 25 अक्टूबर को मालवीय नगर के...
शख्सियत

कल और आएंगे नग़मों की खिलती कलियां चुनने वाले

समकालीन जनमत
(आज मशहूर शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी की पुण्य तिथि है । इस मौके पर साहिर साहब को याद कर रहे हैं रंगकर्मी महदी हुसैन) महदी...
ख़बरजनमत

रफ़ाल विमानों की ख़रीद में घोटाले के ख़िलाफ़ वामपंथी दलों ने आयोजित की जन सुनवाई

समकालीन जनमत
श्वेता राज   सभी वामपंथी पार्टियों को तरफ से आज मावलंकर हॉल में रफ़ाल घोटाले पर जन सुनवाई हुई। इस कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों...
विज्ञान

सुन्दर कल्पनाएँ सुन्दर यथार्थों की भूमि पर ही लहलहाती हैं

समकालीन जनमत
डॉ. स्कंद शुक्ला शरद की रातें आसमान के हीरों को निहारने के लिए हैं। बरसात अब उतनी नहीं हो रही कि पूरी कालिमा पर मेघाच्छादन...
साहित्य-संस्कृति

तेलंगाना एक बार फिर से जमींदारों के शिकंजे में कस गया है

समकालीन जनमत
एन. आर.श्याम “भारतवर्ष में समय-समय पर उत्पादन के साधनों पर मालिकाना हक, उत्पादन संबंधों में बदलाव और उत्पादन करने वाली शक्तियों की उन्नति, अभिवृद्धि के...
ख़बर

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव नतीजों के बाद व्यापक हिंसा और आगजनी

5 अक्टूबर, शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव हुआ। सात बजे से ही समर्थक और छात्र कला संकाय के लाइब्रेरी गेट पर जमे थे।...
कवितासाहित्य-संस्कृति

वीरेनियत-3: अंत:करण के आयतन को विस्तारित करती कविताओं की शाम

समकालीन जनमत
वीरेन डंगवाल स्मृति में आयोजित जसम का सालाना कार्यक्रम  बीते 28 सितंबर को आयोजित यह वीरेनियत नाम से तीसरा जलसा था। जन संस्कृति मंच की...
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