जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति राज्यसत्ता के दमन-उत्पीड़न-अन्याय के बीच प्रेम की पीर का आख्यानसमकालीन जनमतJuly 12, 2024July 12, 2024 by समकालीन जनमतJuly 12, 2024July 12, 20240217 आलोक बच्चों के लिए सबसे आरामदेह जगह होती है – माँ की गोद। कभी किसी बच्चे को उसकी माँ की गोद से जबरन अलग करने...
जनमत नीट परीक्षा पेपर लीक- वर्चस्ववादी विचारधारा, भ्रष्टाचार और अपराध का संगमसमकालीन जनमतJuly 11, 2024July 11, 2024 by समकालीन जनमतJuly 11, 2024July 11, 20240124 जयप्रकाश नारायण लगभग 24 लाख छात्र लंबे समय से चिकित्सक बनने की तमन्ना लिए परीक्षा की तैयारी में घर-परिवार छोड़कर कंक्रीट के जंगल नुमा शहरों...
कविता ज्ञान प्रकाश की कविताएँ बड़े मार्मिक ढंग से हमारी सुप्त अनुभूतियों को झकझोरती हैं।समकालीन जनमतJuly 7, 2024July 7, 2024 by समकालीन जनमतJuly 7, 2024July 7, 20240682 शालिनी सिंह एक कवि होना इतना भर तो नहीं कि उसकी रचनाएँ हर महत्वपूर्ण जगह प्रकाशित होने की लालसा से भरी हों.. न ही मानवीय...
साहित्य-संस्कृति दलित साहित्य का भविष्य और भविष्य का दलित साहित्यसमकालीन जनमतJuly 4, 2024July 4, 2024 by समकालीन जनमतJuly 4, 2024July 4, 20240633 रामनरेश राम बहुत भीषण है यहाँ से आगे कलाओं की दुनिया बहुत दुर्गम हैं यहाँ से आगे संवेदनाओं के रास्ते यहाँ से बदलते हैं...
कविता पवन करण की कविताएँ साहस एवं सजगता का प्रतीक हैंसमकालीन जनमतJune 30, 2024July 2, 2024 by समकालीन जनमतJune 30, 2024July 2, 20240215 अंकिता रासुरी पवन करण की कविताओं में मौजूदा समाज एवं उसकी विडंबनाएँ मौजूद हैं। कैसे समाज बिखर रहा है बल्कि ऐसा जानबूझकर किया जा रहा...
कविता अजय ‘दुर्ज्ञेय’ की कविताएँ जातिवाद के ख़िलाफ़ प्रतिरोध की मुखर आवाज़ बनकर उभरती हैंसमकालीन जनमतJune 23, 2024June 23, 2024 by समकालीन जनमतJune 23, 2024June 23, 20240685 जावेद आलम ख़ान युवा कवियों में अजय ‘दुर्ज्ञेय’ प्रतिरोध की मुखर आवाज बनकर उभरे हैं। इनकी कविताओं में धर्म, सत्ता और पूंजी के गठजोड़ पर...
पुस्तक विनय सौरभ का कविता संग्रह ‘बख़्तियारपुर’ स्मृतियों के माध्यम से वर्तमान को परखने की एक सफल कोशिश हैसमकालीन जनमतJune 23, 2024June 23, 2024 by समकालीन जनमतJune 23, 2024June 23, 20240517 प्रज्ञा गुप्ता आज के समय में जब संबंधों की उष्मा के मायने कम हो रहे हैं; हमारी संवेदना के लिए घटनाएं मात्र एक खबर...
कविता आँशी अग्निहोत्री की कविताएँ एक अंतर्मुखी प्रकृति प्रेमी स्त्री की स्वतंत्रता का आख्यान हैंसमकालीन जनमतJune 16, 2024June 16, 2024 by समकालीन जनमतJune 16, 2024June 16, 20240578 देवेश पथ सारिया युवा कवयित्री आँशी अग्निहोत्री की कविताएँ पढ़ते हुए तीन मुख्य बिंदु रेखांकित किए जा सकते हैं— (i) यह युवा कवयित्री अंतर्मुखी है...
कविता संदीप नाईक की कविताएँ स्मृतियों को बचाए रखने की कोशिशें हैंसमकालीन जनमतJune 2, 2024June 2, 2024 by समकालीन जनमतJune 2, 2024June 2, 20240129 पुरु मालव समस्त कलाएँ और विधाएँ परस्पर भिन्न होते हुए भी एक दूसरे के क्षेत्र का अतिक्रमण करती हैं क्योंकि अभिव्यक्ति का मूल तत्व इन...
पुस्तक चुनाव के छल-प्रपंच: मतदाताओं की सोच बदलने का कारोबार!समकालीन जनमतJune 1, 2024 by समकालीन जनमतJune 1, 20240275 पुस्तक- चुनाव के छल प्रपंच लेखक – हरजिंदर (प्रतिष्ठित पत्रकार, समाज के गंभीर मुद्दों को उजागर करने के लिए प्रयासरत) प्रकाशन – नवारुण क्या आने...
जनमत मणिपुर के बतिया पर ओठ न हिलावे जी…समकालीन जनमतMay 30, 2024June 1, 2024 by समकालीन जनमतMay 30, 2024June 1, 20240199 रूपम मिश्र (बिहार चुनाव में भाकपा मा-ले की भागीदारी पर रवीश कुमार की रपट पर एक टिप्पणी) रवीश कुमार की हाल ही की एक रिपोर्ट...
ग्राउन्ड रिपोर्ट पूर्वांचल में “अबकी परिवर्तन बा” को जमीन पर जैसा देखासमकालीन जनमतMay 29, 2024May 29, 2024 by समकालीन जनमतMay 29, 2024May 29, 20240235 के के पांडेय लोकसभा चुनाव 2024 का अब अंतिम चरण ही बचा है। जिसमें उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में शिव की काशी, लहुरी काशी यानी...
कविता महादेव टोप्पो की कविताएँ आदिवासियत बचाने का संकल्प हैंसमकालीन जनमतMay 26, 2024May 26, 2024 by समकालीन जनमतMay 26, 2024May 26, 20240957 प्रज्ञा गुप्ता महादेव टोप्पो साहित्य में आदिवासी विमर्श के प्रमुख स्वरों में एक हैं। महादेव टोप्पो स्पष्ट सोच एवं संवेदना के साथ अपनी अनुभूतियों को...
जनमत सुरजीत सिंह पातर की कविताओं में ज़माने का दर्द बहुत ही शिद्दत से उभरता हैसमकालीन जनमतMay 19, 2024May 19, 2024 by समकालीन जनमतMay 19, 2024May 19, 20240321 अमरजीत कौंके पंजाबी के अज़ीम शायर सुरजीत पातर का जन्म 1945 में पंजाब के जालंधर जिला के गांव पत्तड़ कलां में हुआ। उन्होंने अपना तख़ल्लुस...
जनमत मोदी दशक में हिंदी सिनेमासमकालीन जनमतMay 18, 2024May 18, 2024 by समकालीन जनमतMay 18, 2024May 18, 20240287 जावेद अनीस यह भारतीय राजनीति और समाज के लिये भारी उठापटक भरा दौर है. साल 2014 के बाद से एक राष्ट्र और समाज के तौर...
स्मृति समकालीन जनमत की तरफ से कामरेड कवि सुरजीत सिंह पातर को श्रद्धांजलिसमकालीन जनमतMay 12, 2024May 12, 2024 by समकालीन जनमतMay 12, 2024May 12, 20240311 “तब मुझे क्या पता था कहने वाले सुनने वाले इस तरह पथराएँगे कि शब्द निरर्थक से हो जाएँगे, कॉमरेड कवि सुरजीत सिंह पातर नहीं रहे।...
कविता सौम्य मालवीय की कविताएँ प्रतिरोधी चेतना से संपन्न हैं।समकालीन जनमतMay 12, 2024May 12, 2024 by समकालीन जनमतMay 12, 2024May 12, 20240266 ललन चतुर्वेदी सौम्य की कविताओं को पढ़ते हुए पूरे विश्वास से कह सकता हूँ कि उनकी कविताओं की प्रतिरोधी चेतना में एक नई धार आयी...
जनमत मोदी दशक के बाद भारत का लोकतंत्रसमकालीन जनमतMay 9, 2024May 10, 2024 by समकालीन जनमतMay 9, 2024May 10, 2024072 जावेद अनीस पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई पहली हिंदुत्ववादी सरकार के एक दशक पूरे हो चुके हैं, इस दौरान नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति उम्मीद की रौशनी दिखाती कविताएँसमकालीन जनमतMay 7, 2024May 7, 2024 by समकालीन जनमतMay 7, 2024May 7, 20240181 दीना नाथ मौर्य ‘सहसा कुछ नहीं होता’ बसंत त्रिपाठी का ज्ञानपीठ से प्रकाशित संग्रह है. ‘स्वप्न से बाहर, सन्नाटे का स्वेटर, हम चल रहे हैं....
कविता आदित्य शुक्ल की कविताएँ सर्जनात्मकता की आँच में तप कर निखरी हैंसमकालीन जनमतMay 5, 2024May 5, 2024 by समकालीन जनमतMay 5, 2024May 5, 20240127 निरंजन श्रोत्रिय विद्रूपताओं के प्रति हर गुस्सा यूँ तो जायज है लेकिन यदि उसे सर्जनात्मक आँच में और तपा दिया जाए तो फिर वह सार्थक...