जनमत चुनने की आजादी जीवन का बड़ा प्रत्यय हैसमकालीन जनमतAugust 14, 2024August 15, 2024 by समकालीन जनमतAugust 14, 2024August 15, 20240216 इलाहाबाद, 3 अगस्त 2024, दिन शनिवार को जन संस्कृति मंच और समकालीन जनमत द्वारा जनमत की प्रबंध सम्पादक मीना राय को याद करते हुए एक व्याख्यानमाला...
कविता उज़्मा सरवत की कविताएँ व्यवस्था द्वारा निर्मित यथार्थ का आईना हैं।समकालीन जनमतAugust 11, 2024 by समकालीन जनमतAugust 11, 20240916 मेहजबीं उज़्मा सरवत की कविताएँ समकालीन समय की आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक परिस्थितियों और पूंजीवादी व्यवस्था द्वारा निर्मित यथार्थ का आईना हैं। बहुत नपे-तुले शब्दों में...
जनमत ‘महाजनी सभ्यता’ निबन्ध वर्तमान समय का आईना हैसमकालीन जनमतAugust 1, 2024August 8, 2024 by समकालीन जनमतAugust 1, 2024August 8, 20240169 आज़मगढ़ में प्रेमचंद जयंती के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। शहर के रैदोपुर स्थित राहुल चिल्ड्रेन एकेडमी में ‘महाजनी सभ्यता’ और प्रेमचंद...
जनमत रोजगार का सवाल और कम्पनी राज-दोसमकालीन जनमतJuly 28, 2024July 28, 2024 by समकालीन जनमतJuly 28, 2024July 28, 20240363 जयप्रकाश नारायण मुंबई में 28सौ करोड़ की परियोजना का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने आरबीआई और एसबीआई का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 4...
कविता मनीष यादव की कविताएँ स्त्रियों के पक्ष में एक कवि का आर्तनाद हैंसमकालीन जनमतJuly 28, 2024July 28, 2024 by समकालीन जनमतJuly 28, 2024July 28, 20240578 आदित्य शुक्ल मनीष यादव की कविताएँ भारतीय समाज में स्त्रियों के पक्ष को खोलती हुई जादू रचती हैं। ये कविताएँ स्त्रियों के पक्ष में मुनादी...
सिनेमा ‘लापता लेडीज़’ स्त्री विमर्श पर बनी हुई एक सशक्त फ़िल्म है।समकालीन जनमतJuly 28, 2024July 28, 2024 by समकालीन जनमतJuly 28, 2024July 28, 20240241 प्रतिमा राज ‘लापता लेडीज़’ ये फ़िल्म देखिए और दिखाइए। यह स्त्री विमर्श पर बनी हुई एक सशक्त फ़िल्म है। ये फ़िल्म लेखक बिप्ल्व गोस्वामी की...
जनमत बजट 2024- नागरिक के जेब को काटकर कॉर्पोरेट की झोली भरने की कवायदसमकालीन जनमतJuly 24, 2024July 24, 2024 by समकालीन जनमतJuly 24, 2024July 24, 20240364 जयप्रकाश नारायण संघ की संस्कृति में दीक्षित भाजपा सरकार में वित्त मंत्री कर्ण प्रिय शब्दों के मकड़जाल के साथ 2024 का बजट पेश करते हुए ...
कविता हिमांशु जमदग्नि की कविताएँ जीवन के विस्तृत आयामों को स्पर्श करती हैं।समकालीन जनमतJuly 21, 2024July 21, 2024 by समकालीन जनमतJuly 21, 2024July 21, 20240704 देवेश पथ सारिया युवा कवि हिमांशु जमदग्नि एक गाँव से आते हैं और एक महानगर में पढ़ाई करते हैं। उनकी कविताओं का फलक कम उम्र...
जनमत अरुन्धती राॅय: एक आवाज़ जिसे दबाना नामुमकिन हैसमकालीन जनमतJuly 15, 2024July 24, 2024 by समकालीन जनमतJuly 15, 2024July 24, 2024042 जिया उस-सलाम वह अदीब जिसके नज़दीक अहम जंगें अदबी महफिलों में नहीं ज़िन्दगी के कूचों में लड़ी जाती हैं। अरुन्धती राॅय को सुनने का मतलब...
कविता मधु सक्सेना की कविताएँ प्रतिकूलता का डटकर सामना करती हैं।समकालीन जनमतJuly 14, 2024July 14, 2024 by समकालीन जनमतJuly 14, 2024July 14, 20240176 ख़ुदेजा ख़ान मधु सक्सेना की कविताओं का मूल स्वर भले ही स्त्री केंद्रित है तथापि इसमें सामाजिक संदर्भों की एक वृहत्तर शृंखला दिखलाई पड़ती है...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति राज्यसत्ता के दमन-उत्पीड़न-अन्याय के बीच प्रेम की पीर का आख्यानसमकालीन जनमतJuly 12, 2024July 12, 2024 by समकालीन जनमतJuly 12, 2024July 12, 20240192 आलोक बच्चों के लिए सबसे आरामदेह जगह होती है – माँ की गोद। कभी किसी बच्चे को उसकी माँ की गोद से जबरन अलग करने...
जनमत नीट परीक्षा पेपर लीक- वर्चस्ववादी विचारधारा, भ्रष्टाचार और अपराध का संगमसमकालीन जनमतJuly 11, 2024July 11, 2024 by समकालीन जनमतJuly 11, 2024July 11, 20240120 जयप्रकाश नारायण लगभग 24 लाख छात्र लंबे समय से चिकित्सक बनने की तमन्ना लिए परीक्षा की तैयारी में घर-परिवार छोड़कर कंक्रीट के जंगल नुमा शहरों...
कविता ज्ञान प्रकाश की कविताएँ बड़े मार्मिक ढंग से हमारी सुप्त अनुभूतियों को झकझोरती हैं।समकालीन जनमतJuly 7, 2024July 7, 2024 by समकालीन जनमतJuly 7, 2024July 7, 20240647 शालिनी सिंह एक कवि होना इतना भर तो नहीं कि उसकी रचनाएँ हर महत्वपूर्ण जगह प्रकाशित होने की लालसा से भरी हों.. न ही मानवीय...
साहित्य-संस्कृति दलित साहित्य का भविष्य और भविष्य का दलित साहित्यसमकालीन जनमतJuly 4, 2024July 4, 2024 by समकालीन जनमतJuly 4, 2024July 4, 20240622 रामनरेश राम बहुत भीषण है यहाँ से आगे कलाओं की दुनिया बहुत दुर्गम हैं यहाँ से आगे संवेदनाओं के रास्ते यहाँ से बदलते हैं...
कविता पवन करण की कविताएँ साहस एवं सजगता का प्रतीक हैंसमकालीन जनमतJune 30, 2024July 2, 2024 by समकालीन जनमतJune 30, 2024July 2, 20240205 अंकिता रासुरी पवन करण की कविताओं में मौजूदा समाज एवं उसकी विडंबनाएँ मौजूद हैं। कैसे समाज बिखर रहा है बल्कि ऐसा जानबूझकर किया जा रहा...
कविता अजय ‘दुर्ज्ञेय’ की कविताएँ जातिवाद के ख़िलाफ़ प्रतिरोध की मुखर आवाज़ बनकर उभरती हैंसमकालीन जनमतJune 23, 2024June 23, 2024 by समकालीन जनमतJune 23, 2024June 23, 20240654 जावेद आलम ख़ान युवा कवियों में अजय ‘दुर्ज्ञेय’ प्रतिरोध की मुखर आवाज बनकर उभरे हैं। इनकी कविताओं में धर्म, सत्ता और पूंजी के गठजोड़ पर...
पुस्तक विनय सौरभ का कविता संग्रह ‘बख़्तियारपुर’ स्मृतियों के माध्यम से वर्तमान को परखने की एक सफल कोशिश हैसमकालीन जनमतJune 23, 2024June 23, 2024 by समकालीन जनमतJune 23, 2024June 23, 20240494 प्रज्ञा गुप्ता आज के समय में जब संबंधों की उष्मा के मायने कम हो रहे हैं; हमारी संवेदना के लिए घटनाएं मात्र एक खबर...
कविता आँशी अग्निहोत्री की कविताएँ एक अंतर्मुखी प्रकृति प्रेमी स्त्री की स्वतंत्रता का आख्यान हैंसमकालीन जनमतJune 16, 2024June 16, 2024 by समकालीन जनमतJune 16, 2024June 16, 20240541 देवेश पथ सारिया युवा कवयित्री आँशी अग्निहोत्री की कविताएँ पढ़ते हुए तीन मुख्य बिंदु रेखांकित किए जा सकते हैं— (i) यह युवा कवयित्री अंतर्मुखी है...
कविता संदीप नाईक की कविताएँ स्मृतियों को बचाए रखने की कोशिशें हैंसमकालीन जनमतJune 2, 2024June 2, 2024 by समकालीन जनमतJune 2, 2024June 2, 20240123 पुरु मालव समस्त कलाएँ और विधाएँ परस्पर भिन्न होते हुए भी एक दूसरे के क्षेत्र का अतिक्रमण करती हैं क्योंकि अभिव्यक्ति का मूल तत्व इन...
पुस्तक चुनाव के छल-प्रपंच: मतदाताओं की सोच बदलने का कारोबार!समकालीन जनमतJune 1, 2024 by समकालीन जनमतJune 1, 20240272 पुस्तक- चुनाव के छल प्रपंच लेखक – हरजिंदर (प्रतिष्ठित पत्रकार, समाज के गंभीर मुद्दों को उजागर करने के लिए प्रयासरत) प्रकाशन – नवारुण क्या आने...