जनमत विकास, विस्थापन और साहित्य (संदर्भ झारखंड)रामजी रायNovember 7, 2018November 7, 2018 by रामजी रायNovember 7, 2018November 7, 20185 4979 आज इस बात में किसी को कोई संदेह नहीं रह गया है कि ग्लोबल पूंजीवाद के लाभ-लोभ के चलते दुनिया में गरीबी और पर्यावरण का...
शिक्षा ज्ञान और विचार का केंद्र शिब्ली अकादमीसमकालीन जनमतNovember 2, 2018April 15, 2020 by समकालीन जनमतNovember 2, 2018April 15, 20203 2898 दुर्गा सिंह शिब्ली मंजिल या शिब्ली अकादमी या दारुलमुसन्निफ़ीन (हॉउस ऑफ़ राइटर या लेखकों का अपना घर) आज़मगढ़ में स्थित ऐसी जगह है, जिससे कोई...
साहित्य-संस्कृति तेलंगाना एक बार फिर से जमींदारों के शिकंजे में कस गया हैसमकालीन जनमतOctober 18, 2018October 18, 2018 by समकालीन जनमतOctober 18, 2018October 18, 20186 3352 एन. आर.श्याम “भारतवर्ष में समय-समय पर उत्पादन के साधनों पर मालिकाना हक, उत्पादन संबंधों में बदलाव और उत्पादन करने वाली शक्तियों की उन्नति, अभिवृद्धि के...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति अपने-अपने रामविलास: प्रणय कृष्णप्रणय कृष्णOctober 10, 2018October 10, 2018 by प्रणय कृष्णOctober 10, 2018October 10, 201811888 आज रामविलास जी का जन्मदिन पड़ता है. इस अवसर पर प्रणय कृष्ण का लिखा आलेख ‘अपने अपने रामविलास’ समकालीन जनमत के पाठकों के लिए यहाँ...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति जबरदस्त कवि, बड़े सम्पादक, सिनेमा और संगीत के अध्येता, गंभीर पाठक, भाषाओं और यारों के धनी विष्णु खरे की यादसमकालीन जनमतSeptember 26, 2018 by समकालीन जनमतSeptember 26, 20183 2630 अशोक पाण्डे अलविदा विष्णु खरे – 1 जबरदस्त कवि, बड़े सम्पादक, सिनेमा और संगीत के अध्येता, गंभीर पाठक, भाषाओं और यारों के धनी उस आदमी...
कविताजनमतसाहित्य-संस्कृति कुमार मुकुल की कविताएँ : लोकतंत्र के भगवाकरण की समीक्षासमकालीन जनमतJune 10, 2018June 10, 2018 by समकालीन जनमतJune 10, 2018June 10, 20187 3384 30 वर्षों से रचनारत कुमार मुकुल के कविता परिदृश्य का रेंज विशाल और वैविध्य से भरा है , प्रस्तुत कविताओं में आज के समय को...
शख्सियत महावीर प्रसाद द्विवेदी का स्मरण आज भी क्यों ज़रूरी हैसमकालीन जनमतMay 15, 2018May 16, 2018 by समकालीन जनमतMay 15, 2018May 16, 201803448 द्विवेदी जी उस ईश्वर को ‘भ्रष्ट ईश्वर’ कहते हैं, जिसकी दुहाई छुआ-छूत मानने वाले देते हैं. द्विवेदी जी का निर्भीक आह्वाहन है- ‘ऐसे भ्रष्ट ईश्वर...