कविता पूजा कुमारी की कविताओं में हाशिये की तमाम आवाज़ें जगह पाती हैं।समकालीन जनमतNovember 24, 2024November 24, 2024 by समकालीन जनमतNovember 24, 2024November 24, 20240350 बबली गुज्जर जिंदगी में जब लगता है कि सब खत्म हो गया है, तो असल में वह कुछ नया होने की शुरुआत होती है। चुप्पियाँ...
कविता माया प्रसाद की कविताएँ उस व्यक्ति-मन की प्रतिक्रियाएँ हैं जो अपने परिवेश के प्रति जागरुक और संवेदनशील है।समकालीन जनमतNovember 17, 2024December 8, 2024 by समकालीन जनमतNovember 17, 2024December 8, 20240453 प्रज्ञा गुप्ता डॉ माया प्रसाद की कविताएँ उस व्यक्ति-मन की प्रतिक्रियाएँ हैं जो बहुत संवेदनशील है और अपने पूरे परिवेश के प्रति जागरुक है। उनकी...
कविता कुछ न होगा के विरुद्ध हैं चंद्रभूषण की कविताएँसमकालीन जनमतNovember 3, 2024November 3, 2024 by समकालीन जनमतNovember 3, 2024November 3, 20240270 प्रियम अंकित चंद्रभूषण की कविताएँ निरंतर जटिल होते समय में जनता के सहज सरोकारों के पक्ष में खड़ी होने वाली कविताएँ हैं। आज जब एक...
शख्सियत कहानीकार और संपादक विजयकांत को श्रद्धांजलिसमकालीन जनमतNovember 1, 2024November 1, 2024 by समकालीन जनमतNovember 1, 2024November 1, 20240521 नक्सलबाड़ी की क्रांतिकारी धारा के चर्चित कहानीकार और संपादक विजयकांत का 31 अक्टूबर 2024 को निधन हो गया। पिछले कई सालों से अस्वस्थता के कारण...
कविता अनुराग यादव की कविताएँ अपने समय और समाज को देखने का विवेक हैं।समकालीन जनमतOctober 20, 2024October 20, 2024 by समकालीन जनमतOctober 20, 2024October 20, 20240299 शंकरानंद कविता की दुनिया में अभी कई पीढ़ियाँ एक साथ सक्रिय हैं और इसी बीच नए लोग भी आ रहे हैं जिनकी उपस्थिति चकित करती...
कविता आशीष तिवारी की कविताएँ सामूहिक प्रतिरोध का आह्वान करती हैं।समकालीन जनमतOctober 13, 2024March 2, 2025 by समकालीन जनमतOctober 13, 2024March 2, 20250215 विपिन चौधरी जहाँ हिन्दी साहित्य में कई युवा रचनाकारों ने अपनी आमद से आश्वस्त किया है ऐसे ही एक युवा कवियों की फ़ेहरिस्त में एक...
साहित्य-संस्कृति नहीं रहे जनपक्षधर, जुझारू जर्नलिस्ट और हिंदी—उर्दू—पंजाबी अदब के शैदाई अमरीकसमकालीन जनमतOctober 12, 2024October 12, 2024 by समकालीन जनमतOctober 12, 2024October 12, 2024075 स्मृतिशेष : लेखक—पत्रकार अमरीक तुम देश छोड़ने का कह रहे थे, दोस्त ! ये क्या किया, तुमने तो दुनिया ही… —ज़ाहिद ख़ान जनपक्षधर, जुझारू जर्नलिस्ट...
कविता श्रुति कुशवाहा की कविताओं में स्त्री विमर्श एक आक्रामक तेवर के साथ उपस्थित है।समकालीन जनमतOctober 6, 2024October 6, 2024 by समकालीन जनमतOctober 6, 2024October 6, 20240418 निरंजन श्रोत्रिय स्त्री विमर्श जब ठंडा-सा हो तो वह स्त्री के पक्ष में खड़ा ज़रूर नज़र आता है लेकिन उसकी निर्णायक भूमिका संदिग्ध ही होती...
जनमत श्रीलंका का चुनाव परिणाम और भारतीय उपमहाद्वीप में कम्युनिस्ट आन्दोलनसमकालीन जनमतSeptember 30, 2024September 30, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 30, 2024September 30, 20240401 जयप्रकाश नारायण दो दिन पहले एक दैनिक समाचार पत्र के कार्यालय में बैठा था। वहां कुछ मध्यवर्गीय पृष्ठभूमि के मित्र भी थे। मेरे पहुंचते ही...
कविता केतन की कविताएँ वैचारिकी और परिपक्व होते कवित्त का सुंदर समायोजन हैंसमकालीन जनमतSeptember 29, 2024December 16, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 29, 2024December 16, 20240621 अणु शक्ति सिंह कविताओं से गुजरते हुए एक ख़याल जो अक्सर कौंधता है वह कवि की निर्मिति से जुड़ा होता है। वह क्या है जिससे...
कविता आदित्य रहबर की कविताएँ सामाजिक-मानवीय मुद्दों की व्याख्या हैंसमकालीन जनमतSeptember 22, 2024September 22, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 22, 2024September 22, 20240426 अंशु चौधरी आधुनिक सभ्यता का जब भी आकलन किया जाता है, तब उसकी प्रगति और विकास की कहानी के साथ-साथ, उसके भीतर का विडंबनात्मक संघर्ष...
कविता कायनात शाहिदा की कविताएँ शीरीं लफ़्ज़ों की छोटी सी दुनिया है।समकालीन जनमतSeptember 15, 2024September 15, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 15, 2024September 15, 20240307 नाज़िश अंसारी पत्नी पर बेहिसाब चुटकुले बनने के बाद जिस विषय का सबसे ज़्यादा मज़ाक़ उड़ाया गया/ जाता है, वो है कविता। मुक्त कविता (आप...
जनमत कोलकाता रेप-कांड के बहाने कुछ जरूरी बातेंसमकालीन जनमतSeptember 15, 2024September 15, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 15, 2024September 15, 2024064 भारतीय समाज में दुर्व्यवहार एवं उत्पीड़न आम हो चुका है। लोग इसे गंभीरता से तभी लेते हैं जब हमला वीभत्स हो जाय। लेकिन यह ठीक...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति स्त्री-पुरुष संबंध पर विमर्श का एक और आयामसमकालीन जनमतSeptember 10, 2024September 10, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 10, 2024September 10, 20240202 आलोक कुमार श्रीवास्तव उपन्यास, साहित्य की एक प्रमुख विधा है। इसमें समय-समय पर नये-नये प्रयोग होते रहते हैं और इन प्रयोगों की विशेषताओं के...
कविता कविताओं के अनुभवों का आयुषसमकालीन जनमतSeptember 10, 2024September 10, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 10, 2024September 10, 20240115 आज शेखर जोशी जीवित रहे तो 92 साल के हुए। जीवन के अंतिम दो दशकों में उन्होंने फिर से कविताएँ लिखीं और 2012 में ‘साहित्य...
कविता रहमान की कविताएँ प्रेम में बराबरी की पैरोकार हैंसमकालीन जनमतSeptember 8, 2024September 8, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 8, 2024September 8, 20240336 मेहजबीं “मेरे जीवन में तुम सरई का फूल हो।” युवा कवि रहमान की अभिव्यक्ति के केन्द्र में प्रेम है। काव्य कला की बात करें उनकी...
कविता रुचि बहुगुणा उनियाल की कविताओं में मानवीय रिश्तों की मिठास और गर्माहट हैसमकालीन जनमतSeptember 1, 2024September 1, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 1, 2024September 1, 20240113 गणेश गनी ‘बिछोह में ही लिखे जाते हैं प्रेम-पत्र’ रुचि बहुगुणा उनियाल उत्तराखंड से सम्बद्ध हिंदी कवयित्री हैं। विभिन्न विषयों पर कविताएँ लिखने वाली रचनाकार...
कविता संजीव गुप्त की कविताएँ फैन्टेसी, इमेजरी और वैज्ञानिक प्रसंगों का सर्जनात्मक समुच्चय हैं।समकालीन जनमतAugust 25, 2024August 27, 2024 by समकालीन जनमतAugust 25, 2024August 27, 20240178 निरंजन श्रोत्रिय साहित्य में वायवीयता होती है। कल्पना रचनात्मक साहित्य की प्रकृति है लेकिन किसी भी रचना की विश्वसनीयता के लिए यह आवश्यक है कि...
कविता चित्रा पँवार की कविताएँ कातर स्त्री मन से बूंद-बूंद रिसती ध्वनियाँ हैंसमकालीन जनमतAugust 18, 2024August 18, 2024 by समकालीन जनमतAugust 18, 2024August 18, 20240233 अणु शक्ति सिंह मैं चित्रा पँवार की कविताएँ पढ़ रही थी। उन कविताओं को पढ़ते हुए कई बार खयाल आया कि इन कविताओं का एक...
ख़बर भरी दुनिया में आखिर दिल को समझाने कहाँ जाएँ…समकालीन जनमतAugust 14, 2024August 15, 2024 by समकालीन जनमतAugust 14, 2024August 15, 20240357 इलाहाबाद, 31 जुलाई 2024 को मोहम्मद रफ़ी स्मृति आयोजन समिति द्वारा उनके पुण्यतिथि पर बाल भारती स्कूल के प्रांगण में याद-ए-रफ़ी आयोजित किया गया।...