ज़ेर-ए-बहस जंजीरों में जकड़े आजादी की धरती परसमकालीन जनमतFebruary 17, 2025February 17, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 17, 2025February 17, 2025056 ( इसी बीच निर्वासितों के दो जत्थे, 119 और 157 लोगों के, और भी आ चुके हैं, वैसे ही हालात में और उसी हवाई अड्डे...
कविता अपराजिता अनामिका की कविताएँ पुरुष प्रधान समाज से प्रतिवाद करती स्त्री अस्मिता की पक्षधर हैंसमकालीन जनमतFebruary 16, 2025February 16, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 16, 2025February 16, 20250147 गुंजन विधान किसी कवि के शुरुआती दौर में जो आवेग और मौजूदा सामाजिक ढांचे के साथ ऐतिहासिक समझ होनी चाहिए वह अपराजिता अनामिका में मौजूद...
जनमत ‘आप’ के रास्ते भाजपा की दिल्ली में वापसीसमकालीन जनमतFebruary 14, 2025February 14, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 14, 2025February 14, 20250125 जयप्रकाश नारायण भाजपा भारी बहुमत से दिल्ली की विधानसभा मे वापस आ गई है। इसके लिए उसे 27 वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। भाजपा की...
कविता सत्यम तिवारी की कविताएँ व्यवस्था के दंभ से व्यक्ति के भीतर पनप रहे अन्तर्द्वंद को व्यक्त करती हैंसमकालीन जनमतFebruary 9, 2025February 9, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 9, 2025February 9, 20250431 अनुराग यादव सफलता की नयी-नयी मिसालें स्थापित करने के वर्तमान समय में एक व्यक्ति के भीतर बढ़ती बेचैनी को दर्शाने का सफल प्रयास सत्यम तिवारी...
जनमत ठन्डे उत्तरों के पीछे खौलते सवालों की कवितासमकालीन जनमतFebruary 9, 2025February 10, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 9, 2025February 10, 20250504 मनीष आज़ाद मौमिता आलम की ही समकालीन कवि और दलित एक्टिविस्ट मीना कंडासामी कविता के बारे में कहती हैं कि यह वह जगह है, जहाँ...
जनमत कथा पुस्तक ‘कोई है जो’ को कलिंग पुरस्कार दौड़ से बाहर रखने की लेखकीय अपीलसमकालीन जनमतFebruary 9, 2025February 10, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 9, 2025February 10, 20250477 वरिष्ठ कवि देवी प्रसाद मिश्र ने अपनी कथा पुस्तक ‘कोई है जो’ को कलिंग पुरस्कार के लिए शार्ट लिस्ट किए जाने से मना कर दिया...
जनमत कोलम्बिया के राष्ट्रपति गुस्तावों पेट्रो का ट्रम्प को जबड़ा-तोड़ जवाबसमकालीन जनमतFebruary 7, 2025February 7, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 7, 2025February 7, 2025069 कोलम्बिया एक छोटा सा देश है, आबादी महज़ 5 करोड़। पर उसके राष्ट्रपति गुस्तावों पेट्रो के पास रीढ़ की हड्डी भी है। एक तरफ...
जनमत राजनीतिक दलों के लिए कितनी जरुरी है दिल्ली की साफ हवा ?समकालीन जनमतFebruary 4, 2025February 4, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 4, 2025February 4, 2025071 शिवानी पाण्डेय दिल्ली विधानसभा के चुनाव के ठीक एक सप्ताह पहले दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर अलग अलग क्षेत्रों में 350 से 450 के...
कविता एकता वर्मा की कविताएँ स्त्री मन की पीड़ा और अमानवीय होते समय की कविताएँ हैंसमकालीन जनमतFebruary 2, 2025February 2, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 2, 2025February 2, 20250709 श्रीधर करुणानिधि कविताएँ सिर्फ़ सूचना नहीं देतीं भावपूर्ण स्थितियों के माध्यम से खुद की अभिव्यक्ति पर पहुँच कर थम जाती हैं और बाकी का काम...
ज़ेर-ए-बहस आज का कुलीनतंत्रसमकालीन जनमतJanuary 27, 2025January 28, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 27, 2025January 28, 2025087 अतानु बिस्वास (वैसे तो यह लेख ट्रम्प के चुनाव को लेकर है पर थोड़ा गौर से देखा जाय तो इसके निहितार्थ की परिधि में भारत...
कवितास्मृति तरुण भारतीय की कविताएँ हिंदी कविता का उत्तरपूर्वी अंग हैंसमकालीन जनमतJanuary 26, 2025January 26, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 26, 2025January 26, 20250368 असद ज़ैदी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता तरुण भारतीय का 25 जनवरी की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ‘समकालीन...
स्मृति नाज़िम हिक़मत : प्रेम और जिजीविषा के महान कविसमकालीन जनमतJanuary 20, 2025January 20, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 20, 2025January 20, 20250324 सुशील सुमन पिछले सप्ताह 15 जनवरी को तुर्की के महाकवि नाज़िम हिक़मत का जन्मदिवस बीता है। प्रेम और क्रान्ति के इस अनूठे कवि की आधुनिक...
कविता लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता की कविताएँ देशकाल की पड़ताल और प्रतिगामी शक्तियों की शिनाख़्त करती हैं।समकालीन जनमतJanuary 19, 2025January 19, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 19, 2025January 19, 20250477 अरुण आदित्य लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता की कविता देशकाल की पड़ताल और प्रतिगामी शक्तियों के प्रतिरोध की कविता है। यहाँ हाशिए के लोग हैं, उनका श्रम...
कविता मनीषा मिश्रा की कविताएँ समाज के प्रति अपनी जागरूक भूमिका को निभाने का प्रयास हैंसमकालीन जनमतJanuary 12, 2025January 12, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 12, 2025January 12, 2025083 सोनी पाण्डेय बाँस की कोपलों सी बढ़ती है लड़कियाँ…. विमर्श और स्त्री मुक्ति के नारों के बीच आज की कस्बाई औरतों के संघर्षों का यदि...
जनमत प्रयागराज से संभल तक: निशाने पर मुस्लिम नेतृत्व समकालीन जनमतJanuary 12, 2025January 15, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 12, 2025January 15, 20250181 जयप्रकाश नारायण उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार के गठन के बाद से जितने नीतिगत फैसले लिए गए हैं, उनका...
जनमत भारत में ट्रान्सजेंडर के अधिकार : कागजी कानून और वास्तविक संघर्षसमकालीन जनमतJanuary 9, 2025January 15, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 9, 2025January 15, 2025086 दीक्षा पाण्डेय पिछले काफी अरसे से, खासतौर से तब, जब से डोनाल्ड ट्रम्प ने दो से अधिक जेंडर्स को दी गई आधिकारिक मान्यता को वापस...
कविता रणेन्द्र की कविताएँ युगबोध और प्रतिबद्धता की बानगी हैं।समकालीन जनमतJanuary 5, 2025January 5, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 5, 2025January 5, 20250435 प्रज्ञा गुप्ता “रणेन्द्र युगबोध के कवि हैं। रणेन्द्र का कवि मन अपनी विविध प्रतिबद्धताओं,सरोकारों के बीच रागारुण संवेदना के साथ उपस्थित है।” ‘ग्लोबल गाँव के...
कविता माया मिश्रा की कविताओं में कभी न ख़त्म होने वाली उम्मीद का एक शिखर हैसमकालीन जनमतDecember 29, 2024December 29, 2024 by समकालीन जनमतDecember 29, 2024December 29, 20240298 गुंजन श्रीवास्तव माया मिश्रा जी की कविताओं को पढ़कर एक बात तो साफ़ कही जा सकती है कि यह एक कवि के परिपक्व अनुभव से...
कविता हरे प्रकाश उपाध्याय की कविताएँ तनी हुई मुट्ठी की तरह ऊपर उठती हैं।समकालीन जनमतDecember 22, 2024December 22, 2024 by समकालीन जनमतDecember 22, 2024December 22, 20240282 चित्रा पंवार सर्वेश्वर दयाल सक्सेना कविता के विषय में कहते हैं– ‘कविता अगर मेरी धमनियों में जलती है पर शब्दों में नहीं ढल पाती मुझे...
कविता दुनिया में ताक़त के खेल को समझने की कोशिश है अरुणाभ सौरभ की कविताएँसमकालीन जनमतDecember 16, 2024December 19, 2024 by समकालीन जनमतDecember 16, 2024December 19, 20240236 बीते शनिवार को प्रभाकर प्रकाशन में अरुणाभ सौरभ के काव्य-संग्रह ‘मेरी दुनिया के ईश्वर’ के तीसरे संस्करण का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर एक परिचर्चा...