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साहित्य-संस्कृति

वर्ष 2018 का ‘वारियर एल्विन सम्मान’ पोस्तोबाला को

सग़ीर ए खाकसार

नयी दिल्ली। लोककला एवं संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान के लिए ‘दुनिया इन दिनों’ पत्रिका द्वारा दिया जाने वाला प्रसिद्ध ‘वारियर एल्विन सम्मान’ वर्ष 2018 के लिए पश्चिम बंगाल की लोक-संस्कृति का अभिन्न अंग ‘नचनिया’ की प्रमुख हस्ताक्षर पोस्तोबाला को दिये जाने की घोषणा की गयी है। उन्हें इस सम्मान से 24 नवंबर को पुरुलिया स्थित अयोध्या पहाड़, बाघमुंडी में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में नवाजा जाएगा।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की लोक-संस्कृति में ‘नचनिया’ की एक खास जगह है। नचनी कलाकारों में पोस्तोबाला अपनी अद्वितीय प्रतिभा के कारण जानी जाती हैं। उनकी मां विमला देवी भी इस विधा की ख्यात कलाकार रही हैं। इस कला के संरक्षण की दिशा में भी पोस्तोबाला ने काफी काम किया है। साथ ही नचनी कलाकारों की बेहतरी के लिए भी उनका प्रयास सराहनीय रहा है।

‘मानभूम संस्कृति एवं नचनी उन्नयन समिति’ की संपादक, मुख्य कार्यकर्ता पोस्तोबाला को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा लोक-संस्कृति के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च ‘लालन पुरस्कार’ भी प्राप्त हो चुका है।

‘दुनिया इन दिनों’ पत्रिका द्वारा पोस्तोबाला को ‘वारियर एल्विन सम्मान’ ज्यूरी सदस्य व्र प्रधान संपादक डॉ. सुधीर सक्सेना, कवि-चित्रकार शुभाशीष भादुड़ी, पत्रकार-कवि अभिमन्यु महतो एवं अनुवादक-कवयित्री अमृता बेरा के अनुमोदन पर देने का निर्णय लिया गया।

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